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समस्याओं से जूझ रहे हैं बीडा कालोनियों के निवासी
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भदोही। जनपद के औद्योगिक विकास के लिए गठित भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की ओर से विकसित कालोनियां मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही हैं। शुरूआत में कालोनी विकसित करते समय हालांकि आवंटियों को बड़े- बड़े सब्जबाग दिखाए गए थे, लेकिन सुरक्षा, पेयजल, मूलभूत सुविधाओं की बात करें तो सब बीते जमाने की बात हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि जब पेयजल जैसी सुविधाओं की ओर तक बीडा का ध्यान नहीं है।
सूबे में नोएडा, सीडा और बीडा का गठन प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 1981 में किया गया था। तब यह समझा गया था कि इससे भदोही की औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज होगी। लेकिन बीडा की स्थिति दिन ब दिन गर्त में जा रही है। तीन से चार दशक में बीडा की ओर से करोड़ों रुपये खर्च हुए लेकिन न तो कालोनियों की दशा सुधरी न अन्य व्यवस्थाएं। बीडा की जमुनीपुर तथा रजपूरा आवासीय कालोनियां सड़क, पानी, जलनिकासी, सीवर, पार्क और सुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रही है। कालोनीवासियों की मानें तो अब आवासीय कालोनियों से बीडा का सरोकार महज सेवा शुल्क वसूलना ही रह गया है।
रजपूरा कालोनी फेस एक आवंटी राजेंद्र चौरसिया बताते हैं कि साफ सफाई छिन्न भिन्न है। शिकायत करने पर कुछ दिनों के लिए पानी व्यवस्था ठीक हो जाता है लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से दिक्कत हो जाती है। वे सवाल पूछते हैं नाम में कालोनी लिखा है लेकिन एक भी व्यवस्था कालोनी जैसी हो तो बताएं? ऐसा नहीं है दूसरी कालोनियों के लोग मजे मे हैं। रजपूरा के ही फेज टू कालोनी के अमरेंद्र झा कहते हैं कि कम से कम पानी तो शुद्ध मिले। गंदगी और साफ सफाई के अभाव में वातावरण दूषित है। पार्कों के रखरखाव की बात ही मत करें। लेकिन हर साल सेवा शुल्क में इजाफा कर दिया जाता है।
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जमुनीपुर कालोनी बीडा की सबसे प्रारंभिक योजना थी। यहां भी आज सड़क, नाली, सीवर जैसी सुविधाएं नदारद हैं। कालोनी विकसित करते समय सुरक्षा मानकों को पूरा करने के वादे किए गए थे लेकिन आज तक यहां एक पुलिस चौकी की स्थापना नहीं हो सकी। जबकि इस कालोनी में हर महीने चोरी की घटनाएं दर्ज की जाती हैं। कालोनी के मो.आमिर अंसारी कहते हैं कि तय सेवा शुल्क देने से परहेज नहीं है लेकिन उसके अंतर्गत जिन सुविधाओं का वादा बीडा करती है कम से कम उपलब्ध तो कराए।
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हर बार डेढ़ फीट ऊंची हो जाती है सड़क
भदोही । इन दिनों बीडा की ओर से जमुनीपुर कालोनी की दो गलियों में इंटरलाकिंग निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन कालोनीवासियों की परेशानी यह है कि सड़क जब भी बनती है डेढ़ से दो फीट ऊंची हो जाती है। उससे अब स्थिति यह है कि लोगों के बरामदे सड़क की सतह से नीचे होते जा रहे हैं। जमुनीपुर की प्रधान वंदना जायसवाल ने कहा कि बीडा की सीवर व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। अब उसके स्थान पर नाली बनवाई जा रही है। मतलब हमें और पीछे की ओर ले जाया जा रहा है। उन्होंने बीडा अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण का जायजा लेकर कम से कम आवंटियों की समस्याओं की जानकारी लें। यह भी कहा कि यदि हमारी मांग जायज हो तो उसका निदान किया जाए।
सूबे में नोएडा, सीडा और बीडा का गठन प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 1981 में किया गया था। तब यह समझा गया था कि इससे भदोही की औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज होगी। लेकिन बीडा की स्थिति दिन ब दिन गर्त में जा रही है। तीन से चार दशक में बीडा की ओर से करोड़ों रुपये खर्च हुए लेकिन न तो कालोनियों की दशा सुधरी न अन्य व्यवस्थाएं। बीडा की जमुनीपुर तथा रजपूरा आवासीय कालोनियां सड़क, पानी, जलनिकासी, सीवर, पार्क और सुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रही है। कालोनीवासियों की मानें तो अब आवासीय कालोनियों से बीडा का सरोकार महज सेवा शुल्क वसूलना ही रह गया है।
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रजपूरा कालोनी फेस एक आवंटी राजेंद्र चौरसिया बताते हैं कि साफ सफाई छिन्न भिन्न है। शिकायत करने पर कुछ दिनों के लिए पानी व्यवस्था ठीक हो जाता है लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से दिक्कत हो जाती है। वे सवाल पूछते हैं नाम में कालोनी लिखा है लेकिन एक भी व्यवस्था कालोनी जैसी हो तो बताएं? ऐसा नहीं है दूसरी कालोनियों के लोग मजे मे हैं। रजपूरा के ही फेज टू कालोनी के अमरेंद्र झा कहते हैं कि कम से कम पानी तो शुद्ध मिले। गंदगी और साफ सफाई के अभाव में वातावरण दूषित है। पार्कों के रखरखाव की बात ही मत करें। लेकिन हर साल सेवा शुल्क में इजाफा कर दिया जाता है।
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जमुनीपुर कालोनी बीडा की सबसे प्रारंभिक योजना थी। यहां भी आज सड़क, नाली, सीवर जैसी सुविधाएं नदारद हैं। कालोनी विकसित करते समय सुरक्षा मानकों को पूरा करने के वादे किए गए थे लेकिन आज तक यहां एक पुलिस चौकी की स्थापना नहीं हो सकी। जबकि इस कालोनी में हर महीने चोरी की घटनाएं दर्ज की जाती हैं। कालोनी के मो.आमिर अंसारी कहते हैं कि तय सेवा शुल्क देने से परहेज नहीं है लेकिन उसके अंतर्गत जिन सुविधाओं का वादा बीडा करती है कम से कम उपलब्ध तो कराए।
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हर बार डेढ़ फीट ऊंची हो जाती है सड़क
भदोही । इन दिनों बीडा की ओर से जमुनीपुर कालोनी की दो गलियों में इंटरलाकिंग निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन कालोनीवासियों की परेशानी यह है कि सड़क जब भी बनती है डेढ़ से दो फीट ऊंची हो जाती है। उससे अब स्थिति यह है कि लोगों के बरामदे सड़क की सतह से नीचे होते जा रहे हैं। जमुनीपुर की प्रधान वंदना जायसवाल ने कहा कि बीडा की सीवर व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। अब उसके स्थान पर नाली बनवाई जा रही है। मतलब हमें और पीछे की ओर ले जाया जा रहा है। उन्होंने बीडा अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण का जायजा लेकर कम से कम आवंटियों की समस्याओं की जानकारी लें। यह भी कहा कि यदि हमारी मांग जायज हो तो उसका निदान किया जाए।