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कांचहि बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए
Updated Wed, 14 Nov 2018 01:23 AM IST
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ज्ञानपुर। लोक आस्था के महापर्व सूर्य षष्ठी (डाला छठ) पर मंगलवार को आस्था के माहौल में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इस दौरान गाजे-बाजे के साथ महिलाएं और उनके परिजन घाटों पर पहुंचे थे। प्रसाद से भरे दउरा और सूप लेकर महिलाएं घाटों पर पहुंची, तो देवी गीत और परंपरागत कर्मकांडों से वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह कांचहिं बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए...जैसे परंपरागत देवी गीत कानों में मिठास घोलते रहे। बुधवार को उदित होते सूर्य देव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा।
सिर पर प्रसाद का दउरा, हाथों में पूजा की सामग्री और होठों पर छठ के मधुर देवी गीत की गुनगुन...मंगलवार को डाला छठ के अवसर पर दोपहर बाद व्रत वाले घरों से लेकर गंगा घाटों और सरोवरों तक कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कई श्रद्धालु बाजे-गाजे के साथ घाट पर पहुंचे। वेदियों पर पूजन सामग्री सजाने के साथ ही व्रती महिलाओं ने शाम पांच बजे के बाद अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-सौभाग्य की कामना की। प्रसाद से भरे हुए भारी-भरकम प्रसाद को व्रती महिलाओं के घर के पुरुष और युवकों ने सिर पर लादकर घाटों तक पहुंचाया। ज्ञानपुर के हृदयस्थल में स्थित ज्ञान सरोवर के किनारे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अस्त होते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। रामपुर गंगा घाट पर अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं का रेला लग गया। पर्व के मद्देनजर गोपीगंज नगर से रामपुर गंगा घाट तक श्रद्धालुओं और उनके घर वालों का रेला लग गया। बड़ी संख्या में लोग अर्घ्य की परंपरा को देखने के लिए भी पहुंचे थे। इसी तरह सीतामढ़ी गंगा घाट पर भी सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर अर्घ्य दिया। इस मौके पर गन्ने का भी पूजन किया गया। छठ के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। घाटों और सरोवरों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। इसी तरह जिले भर के अन्य गंगा घाटों और सरोवरों के अलावा कृत्रिम कुंड स्थलों पर भी श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।
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रामपुर घाट पर दुर्व्यवस्था दिखी
लालानगर। प्रशासनिक लापरवाही के चलते रामपुर गंगा घाट पर छठ का अर्घ्य देने वाले श्रद्धालुओं और उनके परिवारीजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दलदली हुई जमीन पर सुरक्षा के समुचित इंतजाम नहीं किए जाने के कारण लोग झेल गए। अर्घ्य देने पहुंची कई महिलाएं गंगा किनारे डाले गए बालू में कमर तक धंस गईं। इस दौरान एक महिला के पैर में मोच भी आ गई। आदेश के बाद भी गंगा में बैरिकेडिंग नहीं कराई गई थी, ना ही उच्चाधिकारियों ने इसकी मॉनीटरिंग की। पुलिस के कुछ जवान नावों पर गंगा में इधर-उधर भ्रमण करते नजर आए। गंगा घाट पर पुलिस अधीक्षक राजेश एस, गोपीगंज कोतवाल शेषधर पांडेय भी दलबल के साथ पहुंचे थे।
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सिर पर प्रसाद का दउरा, हाथों में पूजा की सामग्री और होठों पर छठ के मधुर देवी गीत की गुनगुन...मंगलवार को डाला छठ के अवसर पर दोपहर बाद व्रत वाले घरों से लेकर गंगा घाटों और सरोवरों तक कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कई श्रद्धालु बाजे-गाजे के साथ घाट पर पहुंचे। वेदियों पर पूजन सामग्री सजाने के साथ ही व्रती महिलाओं ने शाम पांच बजे के बाद अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-सौभाग्य की कामना की। प्रसाद से भरे हुए भारी-भरकम प्रसाद को व्रती महिलाओं के घर के पुरुष और युवकों ने सिर पर लादकर घाटों तक पहुंचाया। ज्ञानपुर के हृदयस्थल में स्थित ज्ञान सरोवर के किनारे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अस्त होते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। रामपुर गंगा घाट पर अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं का रेला लग गया। पर्व के मद्देनजर गोपीगंज नगर से रामपुर गंगा घाट तक श्रद्धालुओं और उनके घर वालों का रेला लग गया। बड़ी संख्या में लोग अर्घ्य की परंपरा को देखने के लिए भी पहुंचे थे। इसी तरह सीतामढ़ी गंगा घाट पर भी सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर अर्घ्य दिया। इस मौके पर गन्ने का भी पूजन किया गया। छठ के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। घाटों और सरोवरों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। इसी तरह जिले भर के अन्य गंगा घाटों और सरोवरों के अलावा कृत्रिम कुंड स्थलों पर भी श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।
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रामपुर घाट पर दुर्व्यवस्था दिखी
लालानगर। प्रशासनिक लापरवाही के चलते रामपुर गंगा घाट पर छठ का अर्घ्य देने वाले श्रद्धालुओं और उनके परिवारीजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दलदली हुई जमीन पर सुरक्षा के समुचित इंतजाम नहीं किए जाने के कारण लोग झेल गए। अर्घ्य देने पहुंची कई महिलाएं गंगा किनारे डाले गए बालू में कमर तक धंस गईं। इस दौरान एक महिला के पैर में मोच भी आ गई। आदेश के बाद भी गंगा में बैरिकेडिंग नहीं कराई गई थी, ना ही उच्चाधिकारियों ने इसकी मॉनीटरिंग की। पुलिस के कुछ जवान नावों पर गंगा में इधर-उधर भ्रमण करते नजर आए। गंगा घाट पर पुलिस अधीक्षक राजेश एस, गोपीगंज कोतवाल शेषधर पांडेय भी दलबल के साथ पहुंचे थे।
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