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लापरवाही में 28 सचिवों का वेतन रोका
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ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों में कराए विकास कार्यों की प्रियासॉफ्ट सॉफ्टवेयर पर फीडिंग न कराना जिले के 28 ग्राम पंचायत अधिकारियों पर भारी पड़ गया है। नोटिस जारी करने के बाद भी प्रगति सही न होने पर सोमवार को डीपीआरओ ने 131 ग्राम पंचायतों के 28 सचिवों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है।
गांवों के विकास के लिए राज्य वित्त एवं 14 वें वित्त से बजट दिया जाता है। पूर्व के वर्षों में कागजी अभिलेख से ही बजट स्वीकृत किया जाता था, लेकिन गत पांच-छह साल से प्रिया सॉफ्ट नामक सॉफ्टवेयर पर कार्यों का लेखाजोखा प्रस्तुत करना पड़ता है। शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास, हैंडपंप रिबोर, खड़ंजा निर्माण से लेकर अन्य कार्यों की फीडिंग प्रियासॉफ्ट पर अपलोड करने के बाद ही आगामी बजट स्वीकृत किया जाता है। जिले की 561 ग्रामसभाओं में करीब 131 ग्राम सभाओं के कार्यों की फीडिंग अब तक नहीं हो सकी। करीब 10 दिन पूर्व जिला पंचायत राज विभाग की ओर से नोटिस जारी कर फीडिंग करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन सचिव लापरवाह बने रहे। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने 28 सचिवों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। जिन सचिवों पर कार्रवाई हुई उनमें राकेश कुमार, पारसराम, अवध नारायण, अरुण कुमार मिश्रा, सुधाकर राम, रमेश कुमार, हर्षवर्धन, राजनाथ, प्रदीप बिंद प्रथम, ओमकाजी श्रेष्ठ, प्रदीप कुमार सुमन, शशिभूषण मिश्रा, रविंद्रनाथ, प्रेमनाथ, समरजीत यादव, विनोद गुप्ता, ज्ञानेंद्र सिंह, जेपी सिंह, धर्मेन्द्र पाल, कैलाशनाथ, उमेश कुमार सरोज, नीलू गुप्ता, रमाशंकर आदि रहे। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि सभी सचिव बचे 131 गांवों की फीडिंग कराएंगे, तभी उनका वेतन बहाल किया जाएगा।
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गांवों के विकास के लिए राज्य वित्त एवं 14 वें वित्त से बजट दिया जाता है। पूर्व के वर्षों में कागजी अभिलेख से ही बजट स्वीकृत किया जाता था, लेकिन गत पांच-छह साल से प्रिया सॉफ्ट नामक सॉफ्टवेयर पर कार्यों का लेखाजोखा प्रस्तुत करना पड़ता है। शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास, हैंडपंप रिबोर, खड़ंजा निर्माण से लेकर अन्य कार्यों की फीडिंग प्रियासॉफ्ट पर अपलोड करने के बाद ही आगामी बजट स्वीकृत किया जाता है। जिले की 561 ग्रामसभाओं में करीब 131 ग्राम सभाओं के कार्यों की फीडिंग अब तक नहीं हो सकी। करीब 10 दिन पूर्व जिला पंचायत राज विभाग की ओर से नोटिस जारी कर फीडिंग करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन सचिव लापरवाह बने रहे। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने 28 सचिवों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। जिन सचिवों पर कार्रवाई हुई उनमें राकेश कुमार, पारसराम, अवध नारायण, अरुण कुमार मिश्रा, सुधाकर राम, रमेश कुमार, हर्षवर्धन, राजनाथ, प्रदीप बिंद प्रथम, ओमकाजी श्रेष्ठ, प्रदीप कुमार सुमन, शशिभूषण मिश्रा, रविंद्रनाथ, प्रेमनाथ, समरजीत यादव, विनोद गुप्ता, ज्ञानेंद्र सिंह, जेपी सिंह, धर्मेन्द्र पाल, कैलाशनाथ, उमेश कुमार सरोज, नीलू गुप्ता, रमाशंकर आदि रहे। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि सभी सचिव बचे 131 गांवों की फीडिंग कराएंगे, तभी उनका वेतन बहाल किया जाएगा।
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