{"_id":"5cfd4f47bdec22078e0ad17f","slug":"156010476710-bhadohi-news98","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही में फंसा ढाई लाख यूनिट राशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही में फंसा ढाई लाख यूनिट राशन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर/औराई। जिले में राशन वितरण में गड़बड़ी नही रुक रही है। पूर्ति विभाग की उदासीनता या कोटेदारों की लापरवाही कार्डधारकों पर भारी पड़ रही है। मई में वितरण के बजाए करीब ढाई लाख यूनिट राशन फंस गया। यूनिट में आई कमी को लेकर कार्डधारकों और कोटेदारों के बीच किचकिच बढ़ गई है। पूर्ति विभाग तकनीकी खामी को दुरुस्त करने की बात कह रहा है लेकिन कार्डधारकों को एक माह में सैकड़ों कुंतल अनाज नहीं मिलेगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कोटे की दुकानों के माध्यम से गरीबों को सस्ते दर पर गेहूं-चावल मुहैया कराया जाता है। पूर्व में ऑनलाइन व्यवस्था न होने से कोटेदार गरीबों के राशन को बाजार में बेच देते थे। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन कर दिया गया, लेकिन कोटेदार अपनी कारगुजारी से बाज नहीं आ रहे हैं। पूर्ति विभाग व्यवस्था को दुरुस्त बनाने में उदासीन बना हुआ है। जिससे मई महीने में करीब ढाई लाख यूनिट राशन कार्डधारकों को नहीं मिल सका। ताजा मामला औराई के करीब 15 गांवों का है। जिस कार्डधारक को अप्रैल तक पांच से लेकर सात यूनिट राशन मिलता था। स्वाइप मशीन में अंगूठा लगने पर मात्र दो यूनिट ही दिख रहा है। कार्डधारक दो या तीन यूनिट राशन लेने से इंकार कर दे रहे हैं, जिसको लेकर कार्डधारक और कोटेदार में किचकिच तक की नौबत आ रही है। औराई के गडौली, महथुआं, चक वीरा, जगदरी, सेउर ,अमीरपट्टी, जेठूपुर समेत अन्य गांव शामिल हैं। औराई ही नहीं जिले के दूसरे गांवों में कमोबेश यही स्थिति सामने आ रही है। कार्डधारक ललिता, प्रभावती, राजकुमारी,शकुंतला, मालती देवी, उर्मिला, अमृता देवी, राधिका, सरिता समेत तमाम कार्डधारक इसके शिकार हो चुके हैं। विभाग के एक पूर्ति निरीक्षक की माने तो आधार सीडिंग में परिवार के दूसरे सदस्यों का आधार न लगाने से ऐसी दिक्कत आ रही है। उन्होंने माना कि जिले में करीब ढाई से पौने तीन लाख यूनिट राशन मई में फंस गया है। बताते चलें कि जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब 725 कोटे की दुकाने हैं। इनमें 11 लाख 28 हजार यूनिट राशन वितरण होता है। जिसमें पात्र गृहस्थी और अंत्योदय के कुल तीन लाख 14 हजार कार्डधारक शामिल है।
विज्ञापन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कोटे की दुकानों के माध्यम से गरीबों को सस्ते दर पर गेहूं-चावल मुहैया कराया जाता है। पूर्व में ऑनलाइन व्यवस्था न होने से कोटेदार गरीबों के राशन को बाजार में बेच देते थे। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन कर दिया गया, लेकिन कोटेदार अपनी कारगुजारी से बाज नहीं आ रहे हैं। पूर्ति विभाग व्यवस्था को दुरुस्त बनाने में उदासीन बना हुआ है। जिससे मई महीने में करीब ढाई लाख यूनिट राशन कार्डधारकों को नहीं मिल सका। ताजा मामला औराई के करीब 15 गांवों का है। जिस कार्डधारक को अप्रैल तक पांच से लेकर सात यूनिट राशन मिलता था। स्वाइप मशीन में अंगूठा लगने पर मात्र दो यूनिट ही दिख रहा है। कार्डधारक दो या तीन यूनिट राशन लेने से इंकार कर दे रहे हैं, जिसको लेकर कार्डधारक और कोटेदार में किचकिच तक की नौबत आ रही है। औराई के गडौली, महथुआं, चक वीरा, जगदरी, सेउर ,अमीरपट्टी, जेठूपुर समेत अन्य गांव शामिल हैं। औराई ही नहीं जिले के दूसरे गांवों में कमोबेश यही स्थिति सामने आ रही है। कार्डधारक ललिता, प्रभावती, राजकुमारी,शकुंतला, मालती देवी, उर्मिला, अमृता देवी, राधिका, सरिता समेत तमाम कार्डधारक इसके शिकार हो चुके हैं। विभाग के एक पूर्ति निरीक्षक की माने तो आधार सीडिंग में परिवार के दूसरे सदस्यों का आधार न लगाने से ऐसी दिक्कत आ रही है। उन्होंने माना कि जिले में करीब ढाई से पौने तीन लाख यूनिट राशन मई में फंस गया है। बताते चलें कि जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब 725 कोटे की दुकाने हैं। इनमें 11 लाख 28 हजार यूनिट राशन वितरण होता है। जिसमें पात्र गृहस्थी और अंत्योदय के कुल तीन लाख 14 हजार कार्डधारक शामिल है।
विज्ञापन