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कुपोषण मिशन को लेकर नाराज हुए डीएम
Updated Wed, 17 Oct 2018 12:52 AM IST
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ज्ञानपुर। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में दो घंटे तक तीन योजनाओं की समीक्षा की। कुपोषण मिशन के तहत गोद लिए गांवों की प्रगति खराब होने पर अफसरों पर जहां नाराजगी जताई, वहीं गांवों में रोजगार के लिए मनरेगा से अधिक कार्य देने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री सामूहिक शादी योजना में अधिक से अधिक बेटी के हाथ पीले कराने के लिए बीडीओ और अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया।
कुपोषण मिशन की समीक्षा के दौरान डीएम ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह गांव में भ्रमण करें। मानक के अनुसार पोषाहार का वितरण भी करने के लिए कहा। पोषण मिशन के तहत गोंद लिए गांवों के कुपोषण मुक्त न होने पर संबंधित अफसरों के प्रति नाराजगी जताई। सभी को हिदायत दी कि लापरवाही न बरतें अन्यथा कार्रवाई होगी। मौके पर डीपीओ उर्मिला देवी, सीडीपीओ आमोद ओझा आदि रहे। इसके बाद डीएम ने 14वें और राज्य वित्त से होने वाले कार्यों की समीक्षा की। बीडीओ को निर्देश दिया कि अपने-अपने ब्लॉक में मनरेगा के कार्यों की मानीटरिंग कर साप्ताहिक रिपोर्ट दें। जिन गांवों में मनरेगा का कार्य न हो उन गांवों को चिह्नित करें। मजदूर को प्रत्येक दशा में कार्य कराकर मनरेगा के तहत रोजगार दें । सात दिन कार्य कराने के बाद आठवें दिन भुगतान किसी भी दशा कराया जाए। इस मौके पर डीडीओ जयकेश त्रिपाठी आदि रहे। इसी तरह डीएम ने सामूहिक शादी विवाह योजना के प्रगति की समीक्षा की। सभी बीडीओ और अधिशासी अधिकारियों से कहा कि विवाह योजना में अधिक से अधिक लाभार्थियों को चयनित करें। 30 अक्टूबर तक शादी करने वाले जोड़ों की सूची उपलब्ध कराएं, जिससे 15 से 30 नवंबर के मध्य सामूहिक विवाह का आयोजन कराया जाए। डीएम ने कहा कि लाभार्थी जोड़ों को शासन से मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। इस मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी मीना श्रीवास्तव, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अजय कुमार सिंह, बीएसए अमित कुमार, ईओ अवधेश भारती, राजेंद्र दूबे आदि रहे।
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कुपोषण मिशन की समीक्षा के दौरान डीएम ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह गांव में भ्रमण करें। मानक के अनुसार पोषाहार का वितरण भी करने के लिए कहा। पोषण मिशन के तहत गोंद लिए गांवों के कुपोषण मुक्त न होने पर संबंधित अफसरों के प्रति नाराजगी जताई। सभी को हिदायत दी कि लापरवाही न बरतें अन्यथा कार्रवाई होगी। मौके पर डीपीओ उर्मिला देवी, सीडीपीओ आमोद ओझा आदि रहे। इसके बाद डीएम ने 14वें और राज्य वित्त से होने वाले कार्यों की समीक्षा की। बीडीओ को निर्देश दिया कि अपने-अपने ब्लॉक में मनरेगा के कार्यों की मानीटरिंग कर साप्ताहिक रिपोर्ट दें। जिन गांवों में मनरेगा का कार्य न हो उन गांवों को चिह्नित करें। मजदूर को प्रत्येक दशा में कार्य कराकर मनरेगा के तहत रोजगार दें । सात दिन कार्य कराने के बाद आठवें दिन भुगतान किसी भी दशा कराया जाए। इस मौके पर डीडीओ जयकेश त्रिपाठी आदि रहे। इसी तरह डीएम ने सामूहिक शादी विवाह योजना के प्रगति की समीक्षा की। सभी बीडीओ और अधिशासी अधिकारियों से कहा कि विवाह योजना में अधिक से अधिक लाभार्थियों को चयनित करें। 30 अक्टूबर तक शादी करने वाले जोड़ों की सूची उपलब्ध कराएं, जिससे 15 से 30 नवंबर के मध्य सामूहिक विवाह का आयोजन कराया जाए। डीएम ने कहा कि लाभार्थी जोड़ों को शासन से मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। इस मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी मीना श्रीवास्तव, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अजय कुमार सिंह, बीएसए अमित कुमार, ईओ अवधेश भारती, राजेंद्र दूबे आदि रहे।
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