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केंद्र निर्धारण में मानक नहीं
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:06 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण में मानकों की उपेक्षा की गई है। कम क्षमता वाले विद्यालयों में अधिक और अधिक क्षमता वाले विद्यालयों में कम परीक्षार्थी रखे गए हैं। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में वित्तविहीन विद्यालयों को वरीयता दी गई है। वहीं राजकीय और वित्तपोषित विद्यालयों की अवहेलना की गई है। जिले में कुल 75 केंद्रों में से 52 वित्तविहीन परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
केंद्र निर्धारण में दूरी के मानक का भी ध्यान नहीं रखा गया है। किसी विद्यालय का परीक्षा केंद्र काफी नजदीक है तो किसी का काफी दूर बना दिया गया है। बालिका इंटर कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाने में कोताही की गई है। इससे बालिकाएं स्वकेंद्र परीक्षा की सुविधा से वंचित हो गई हैं। परीक्षा केंद्रों को लेकर अब तक कुल 64 आपत्तियां दर्ज कराई गईं हैं। यदि आपत्तियों का ठीक से निस्तारण किया जाता है, तो परीक्षा केंद्रों में फेरबदल होना तय है। जिले के कुल 59500 परीक्षार्थियों के लिए 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
उधर मानक पूरा करने के बाद भी जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर और गोपीगंज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महराजगंज और जगन्नाथपुर को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। जबकि पहले इन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता था। वहीं मानकों पर पूरी तरह फेल राजकीय हाईस्कूल वारीपुर को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। इस विद्यालय में न तो पर्याप्त कमरे हैं, न ही बाउंड्रीवाल है। इसी तरह वित्तविहीन विद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बनाया है, जो मानकों पर कही से भी खरे नहीं हैं। परीक्षा केंद्रों को लेकर दर्ज हुई आपत्तियों का दो दिन में निस्तारण कर बोर्ड को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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इनसेट
केंद्र निस्तारण में पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरती गई है। परीक्षा केंद्रों को लेकर दर्ज आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण कर बोर्ड को अवगत करा दिया जाएगा।
श्याम सरोज वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक भदोही
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केंद्र निर्धारण में दूरी के मानक का भी ध्यान नहीं रखा गया है। किसी विद्यालय का परीक्षा केंद्र काफी नजदीक है तो किसी का काफी दूर बना दिया गया है। बालिका इंटर कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाने में कोताही की गई है। इससे बालिकाएं स्वकेंद्र परीक्षा की सुविधा से वंचित हो गई हैं। परीक्षा केंद्रों को लेकर अब तक कुल 64 आपत्तियां दर्ज कराई गईं हैं। यदि आपत्तियों का ठीक से निस्तारण किया जाता है, तो परीक्षा केंद्रों में फेरबदल होना तय है। जिले के कुल 59500 परीक्षार्थियों के लिए 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
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उधर मानक पूरा करने के बाद भी जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर और गोपीगंज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महराजगंज और जगन्नाथपुर को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। जबकि पहले इन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता था। वहीं मानकों पर पूरी तरह फेल राजकीय हाईस्कूल वारीपुर को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। इस विद्यालय में न तो पर्याप्त कमरे हैं, न ही बाउंड्रीवाल है। इसी तरह वित्तविहीन विद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बनाया है, जो मानकों पर कही से भी खरे नहीं हैं। परीक्षा केंद्रों को लेकर दर्ज हुई आपत्तियों का दो दिन में निस्तारण कर बोर्ड को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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केंद्र निस्तारण में पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरती गई है। परीक्षा केंद्रों को लेकर दर्ज आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण कर बोर्ड को अवगत करा दिया जाएगा।
श्याम सरोज वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक भदोही