{"_id":"5cc73ae8bdec22075d23866d","slug":"111556560616-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुराईयों को दूर करने के लिए लेते हैं भगावान अवतार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुराईयों को दूर करने के लिए लेते हैं भगावान अवतार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सीतामढ़ी। जाह्नवी के पावन तट पर बसे कोनिया इलाके के कूड़ी खुर्द गांव में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक हरिकृष्ण महाराज ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया। कथा के दौरान श्री कृष्ण की झांकी निकाली गई। इसे देख श्रद्धालु अभिभूत हो उठे।
कथा के चौथे दिन हरिकृष्ण ने श्री राम जन्म, वामन अवतार और भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा पर प्रकाश डाला। इस दौरान धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के महत्व को बताया। कथावाचक ने कहा कि प्रभु का अवतार अत्याचार और बुराइयों को दूर करने के लिए होता है। कंस ने जब बुराइयों की सभी सीमाएं पार कर दीं तो भगवान ने कृष्ण के रूप में जन्म लिया। कहा भागवत कथा सुनने से अहंकार खत्म हो जाता है। पंडाल संगीतमय कथा से भक्ति के सागर में डूबा रहा। इस दौरान कमलाशंकर मिश्र, बाबा दास पांडेय आदि रहे।
कथा के चौथे दिन हरिकृष्ण ने श्री राम जन्म, वामन अवतार और भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा पर प्रकाश डाला। इस दौरान धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के महत्व को बताया। कथावाचक ने कहा कि प्रभु का अवतार अत्याचार और बुराइयों को दूर करने के लिए होता है। कंस ने जब बुराइयों की सभी सीमाएं पार कर दीं तो भगवान ने कृष्ण के रूप में जन्म लिया। कहा भागवत कथा सुनने से अहंकार खत्म हो जाता है। पंडाल संगीतमय कथा से भक्ति के सागर में डूबा रहा। इस दौरान कमलाशंकर मिश्र, बाबा दास पांडेय आदि रहे।
विज्ञापन