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प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र (पुनप्रेषित)
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भदोही। केंद्र सरकार की ओर से खोले गए प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों का भरपूर लाभ आमजन को नहीं मिल पा रहा है। ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती इन दवाओं को लिखने से चिकित्सक परहेज कर रहे हैं। नगर के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय परिसर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में औसतन प्रतिदिन दो सौ रोगी ही सस्ती दवाएं लेने आ रहे हैं। कुछ चिकित्सक उन्हेें इन दवाओं के प्रति इतना भरमा दे रहे हैं कि वे इन दवाओं के इस्तेमाल से हिचकते हैं।
जन औषधि केंद्र में मिलने वाली सभी दवाओं पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का मार्का लगा है। नयनपुर (अमिलौरी) के अरुण कुमार दूबे कहते हैं कि जिन दवाओं पर भारत सरकार का मार्का लगा हो वो नुकसान कैसे कर सकती है? लेकिन देखा जा रहा है कि चिकित्सक न केवल महंगी दवाएं लिख रहे हैं बल्कि रोगी से कहते हैं कि दवाएं खरीद कर दिखा दें। यहीं पर बेचारे गरीब रोगी की कमर टूट जाती है। उन्होंने कहा कि वह जन औषधि केंद्र की दवा इस्तेमाल कर रहे हैं और कोई कमी नहीं दिखती।
ऊगापुर के नीरज सिंह ने बताया कि लुपिन लि. की फेबुक्सोस्टेट 40 एमजी 10 गोली का पत्ता 102 रुपये का मिलता है। जबकि जनऔषधि केंद्र में मिलने वाली यही दवा 16 रुपये की है। सिप्ला के मान्टेयर एफएक्स के 10 गोली का पत्ता जहां बाजार मे 152 रुपये का वहीं जनऔषधि केंद्र में यह 33 रुपये में मिल जाता है।
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परवान नहीं चढ़ रही परियोजना
भदोही । वर्तमान में जनपद में एकमात्र जनऔषधि केंद्र भदोही मे है। इसके स्टोर प्रबंधक अभिषेक यादव ने कहा कि कुछ चिकित्सकों के चलते यह परियोजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। फिर भी प्रारंभ में प्रतिदिन 50 रोगियों के आमद से आठ माह में यह संख्या प्रतिदिन दो सौ रोगियों के आमद तक पहुंच गई है। कहा कि रोगियों को बरगलाया जाता है कि जनऔषधि केंद्र की दवाओं से फायदा नहीं होगा। कहा कि अक्सर रोगी यहां से दवा ले जाने के बाद वापस तक करने आते हैं।
जन औषधि केंद्र में मिलने वाली सभी दवाओं पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का मार्का लगा है। नयनपुर (अमिलौरी) के अरुण कुमार दूबे कहते हैं कि जिन दवाओं पर भारत सरकार का मार्का लगा हो वो नुकसान कैसे कर सकती है? लेकिन देखा जा रहा है कि चिकित्सक न केवल महंगी दवाएं लिख रहे हैं बल्कि रोगी से कहते हैं कि दवाएं खरीद कर दिखा दें। यहीं पर बेचारे गरीब रोगी की कमर टूट जाती है। उन्होंने कहा कि वह जन औषधि केंद्र की दवा इस्तेमाल कर रहे हैं और कोई कमी नहीं दिखती।
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ऊगापुर के नीरज सिंह ने बताया कि लुपिन लि. की फेबुक्सोस्टेट 40 एमजी 10 गोली का पत्ता 102 रुपये का मिलता है। जबकि जनऔषधि केंद्र में मिलने वाली यही दवा 16 रुपये की है। सिप्ला के मान्टेयर एफएक्स के 10 गोली का पत्ता जहां बाजार मे 152 रुपये का वहीं जनऔषधि केंद्र में यह 33 रुपये में मिल जाता है।
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परवान नहीं चढ़ रही परियोजना
भदोही । वर्तमान में जनपद में एकमात्र जनऔषधि केंद्र भदोही मे है। इसके स्टोर प्रबंधक अभिषेक यादव ने कहा कि कुछ चिकित्सकों के चलते यह परियोजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। फिर भी प्रारंभ में प्रतिदिन 50 रोगियों के आमद से आठ माह में यह संख्या प्रतिदिन दो सौ रोगियों के आमद तक पहुंच गई है। कहा कि रोगियों को बरगलाया जाता है कि जनऔषधि केंद्र की दवाओं से फायदा नहीं होगा। कहा कि अक्सर रोगी यहां से दवा ले जाने के बाद वापस तक करने आते हैं।