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विद्यालयों की लापरवाही पड़ सकती है भारी
Updated Sun, 24 Dec 2017 12:57 AM IST
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ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लागातार प्रयास कर रही है। मगर विद्यालय सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। यूपी बोर्ड की कक्षा 10 और 12 की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो गईं हैं। लेकिन, अब तक 28 माध्यमिक विद्यालयों ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की नामावली जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से नहीं लिया है। विद्यालयों की यह लापरवाही परीक्षार्थियों पर भारी पड़ सकती है। प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू होने के पहले सभी विद्यालयों को नामवाली ले जाकर मिलान करने का निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक ने दिया था, लेकिन इस निर्देश का असर अभी तक 28 विद्यालयों पर नहीं हुआ है। जबकि जिले में प्रयोगात्मक परीक्षाएं 15 दिसंबर से ही शुरू हैं। नामावली दिसंबर की शुरुआत में ही बोर्ड कार्यालय से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंच चुकी हैं। जिले में कुल 180 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें से 152 विद्यालयों ने ही नामावली प्राप्त की है। जिला विद्यालय निरीक्षक के बार-बार निर्देश देने के बाद भी विद्यालय नामावली ले जाने में हीलाहवाली कर रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम सरोज वर्मा ने बताया कि विद्यालयों से कहा गया था कि वे नामवाली ले जाकर उसका मिलान कर लें। यदि किसी विद्यार्थी के नाम और विवरणों में त्रुटि है तो उसका सुधार करा लें। सुधार बोर्ड कार्यालय से होगा, लेकिन इस काम में कुछ विद्यालय लापरवाही कर रहे हैं। ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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