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Basti News: अहमदाबाद से घर लौट रहे युवक ने सरयू में लगाई छलांग, मौत
Mon, 23 Sep 2024 04:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 23 Sep 2024 04:44 AM IST
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कलवारी क्षेत्र के माझा खुर्द घाट का मामला, फेंटवा गांव का रहना वाला था दुर्गेश
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कलवारी। मांझा खुर्द घाट पर पुल से रविवार की दोपहर में अहमदाबाद से घर लौट रहे युवक ने अचानक सरयू नदी में छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही पहले से मौजूद एसडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे के प्रयास के बाद उसे ढूंढकर निकाला। मगर, फेंटवा निवासी 30 वर्षीय दुर्गेश उपाध्याय की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, कलवारी क्षेत्र के फेंटवा निवासी दुर्गेश उपाध्याय रोजी-रोटी के लिए गुजरात के अहमदाबाद में प्राइवेट नौकरी करता था। पांच दिन पहले उसने भतीजे से फोन पर बातचीत के दौरान हालचाल ठीक बताया था। बताया जा रहा है कि ट्रेन से अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद बस से कलवारी आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टांडा पुल के ऊपर बस पहुंचने पर दुर्गेश ने बस रोकवाया। उतरने के बाद बैग किनारे रख दिया। चप्पल निकाल कर पैंट शर्ट पहने हुए ही उसने नदी में छलांग लगा दी।
इस दृश्य को पुल पर खड़े दो लोगों ने देखा तो शोर मचाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बैग चेक किया तो उसमें आधार व पैन कार्ड व बैंक का पासबुक मिला। जिससे युवक की पहचान हुई। दो दिन पहले नदी में कूदी छात्रा को ढूंढने के लिए पहले से मौजूद एसडीआरएफ की टीम को थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने सूचना दी। एसडीआरएफ टीम ने उसे करीब 50 मीटर दूरी पर पानी से ढूंढ निकाला।
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परिवार के लोग हैरान
दुर्गेश के चाचा राजदेव उपाध्याय ने बताया कि भतीजे ने घर आने की सूचना नहीं दी थी। पांच दिन पहले भतीजे के पास फोन आया था तो हालचाल ठीक बता रहा था। दुर्गेश के पिता घनश्याम और माता की पहले ही मौत हो चुकी है। वहअपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। घर में सिर्फ बाबा हरिहर उपाध्याय हैं। दुर्गेश उन्हीं के साथ रहता था। राजदेव उपाध्याय के अनुसार, उन लोगों की समझ में नहीं आ रहा है कि वह घर पहुंचने के बजाय घाट पर क्यों उतर गया।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
कलवारी। मांझा खुर्द घाट पर पुल से रविवार की दोपहर में अहमदाबाद से घर लौट रहे युवक ने अचानक सरयू नदी में छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही पहले से मौजूद एसडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे के प्रयास के बाद उसे ढूंढकर निकाला। मगर, फेंटवा निवासी 30 वर्षीय दुर्गेश उपाध्याय की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, कलवारी क्षेत्र के फेंटवा निवासी दुर्गेश उपाध्याय रोजी-रोटी के लिए गुजरात के अहमदाबाद में प्राइवेट नौकरी करता था। पांच दिन पहले उसने भतीजे से फोन पर बातचीत के दौरान हालचाल ठीक बताया था। बताया जा रहा है कि ट्रेन से अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद बस से कलवारी आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टांडा पुल के ऊपर बस पहुंचने पर दुर्गेश ने बस रोकवाया। उतरने के बाद बैग किनारे रख दिया। चप्पल निकाल कर पैंट शर्ट पहने हुए ही उसने नदी में छलांग लगा दी।
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इस दृश्य को पुल पर खड़े दो लोगों ने देखा तो शोर मचाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बैग चेक किया तो उसमें आधार व पैन कार्ड व बैंक का पासबुक मिला। जिससे युवक की पहचान हुई। दो दिन पहले नदी में कूदी छात्रा को ढूंढने के लिए पहले से मौजूद एसडीआरएफ की टीम को थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने सूचना दी। एसडीआरएफ टीम ने उसे करीब 50 मीटर दूरी पर पानी से ढूंढ निकाला।
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परिवार के लोग हैरान
दुर्गेश के चाचा राजदेव उपाध्याय ने बताया कि भतीजे ने घर आने की सूचना नहीं दी थी। पांच दिन पहले भतीजे के पास फोन आया था तो हालचाल ठीक बता रहा था। दुर्गेश के पिता घनश्याम और माता की पहले ही मौत हो चुकी है। वहअपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। घर में सिर्फ बाबा हरिहर उपाध्याय हैं। दुर्गेश उन्हीं के साथ रहता था। राजदेव उपाध्याय के अनुसार, उन लोगों की समझ में नहीं आ रहा है कि वह घर पहुंचने के बजाय घाट पर क्यों उतर गया।