फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Saryu levels stabilize after receding; hardships persist in villages lacking embankments.

Basti News: घटने के बाद सरयू स्थिर, तटबंध विहीन गांवों में दुश्वारियां बरकरार

Wed, 16 Sep 2026 01:17 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
Saryu levels stabilize after receding; hardships persist in villages lacking embankments.
लकड़ी पांडेय गांव के चारों ओर भरा पानी संवाद
बस्ती। तीन दिन तक लगातार घटने के बाद सरयू का जलस्तर पिछले 48 घंटे से स्थिर है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित और तटबंध विहीन गांवों में लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। कई गांवों के संपर्क मार्गों पर अब भी पानी भरा होने से ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। पानी घटने के बाद खेतों में सड़ रही फसलों और वनस्पतियों से दुर्गंध उठने लगी है। वहीं, पशुपालकों के सामने चारे का संकट बना हुआ है।
विज्ञापन

तटवर्ती करीब 20 से 25 गांवों की बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित है। खेतों में पानी भरने से धान और सब्जियों की फसल खराब हो रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जलस्तर घटने के साथ कई स्थानों पर सरयू कटान भी कर रही है। इससे नदी किनारे बसे ग्रामीणों में घर और जमीन को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन

दुबौलिया संवाद के अनुसार मैरुंड गांव सुविका बाबू में बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद मुश्किलें बरकरार हैं। स्कूली बच्चों समेत ग्रामीणों का आवागमन मोटरबोट से हो रहा है। गांव तक जाने वाली पगडंडी पर कुछ स्थानों पर पानी और कहीं कीचड़ है। सोती के रास्ते मोटरबोट से ग्रामीण गांव तक पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सतहा, बलुईया, भुवरिया और जेठूपुरवा समेत कई गांवों से बाढ़ का पानी उतर चुका है। हालांकि, कटरिया-चांदपुर तटबंध के ठोकर नंबर एक और उमरिया रिंगबांध पर पानी का दबाव बना हुआ है। बाढ़ खंड की टीम संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रही है।
केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या के अनुसार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.41 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 32 सेंटीमीटर नीचे है।
-------
जलस्तर घटा तो तेज हुई कटान
कुदरहा। कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण बसे महुआपार कला, मईपुर, बैडारी एहतमाली और टेंगरिहा राजा समेत कई गांवों में सरयू कटान का खतरा बढ़ गया है। जलस्तर घटने के साथ नदी किनारे कटान तेज हो गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। कुछ समय पहले जलस्तर बढ़ने से खेतों में बाढ़ का पानी भर गया था, जिससे धान और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा। अब पानी घटने के बाद नदी किनारे की जमीन तेजी से कट रही है। कई स्थानों पर नदी का पानी घरों के बेहद करीब पहुंच गया है। बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के लिए मिट्टी और ईंट से भरी बोरियां नदी किनारे लगाई जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज धारा के सामने बचाव कार्य प्रभावी साबित नहीं हो रहा है। उन्होंने कटान रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है।

--------
बीडी तटबंध के अंदर गांवों में रास्ते जलमग्न
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर स्थिर होने के बावजूद बीडी तटबंध के अंदर बसे शंभूपुर, पकड़ी संग्राम, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत कई गांवों में परेशानी बनी हुई है। गांवों के रास्तों पर पानी भरा होने से आवागमन प्रभावित है। पानी में सड़ रही फसलों और वनस्पतियों से दुर्गंध उठ रही है। ग्रामीणों ने संक्रामक बीमारियों की आशंका जताते हुए प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिड़काव कराने की मांग की है। पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का संकट भी है। ग्रामीणों ने फसल नुकसान का मुआवजा और कटान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है।
कोट
बाढ़ पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटबंधों की निगरानी के साथ संवेदनशील स्थलों पर कटानरोधी कार्य भी कराए जा रहे हैं।
-दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed