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बस्ती: डीएम के गोद लिए गांव में 28.25 लाख रुपये कहां गए, प्रधान को भी पता नहीं
Sat, 18 Feb 2023 05:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 18 Feb 2023 05:41 PM IST
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बस्ती। शहर से सटे सदर ब्लॉक के भूअर निरंजनपुर ग्राम पंचायत में बड़ी वित्तीय हेरफेर सामने आई है। गांव के प्रधान रामवचन उर्फ बटोरे का आरोप है कि पंचायत के सेक्रेटरी ने आज तक उन्हें डीएम से मिलाया ही नहीं, किसी और को ग्राम प्रधान के रूप में प्रस्तुत कर पंचायत की 28.25 लाख रुपये से अधिक धनराशि खर्च कर दी गयी।
प्रधान का कहना है कि यह धन कहां खर्च हुआ, यह उन्हें नहीं पता। इस पूरे मामले में इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस गांव को डीएम ने गोद ले रखा है। प्रधान रामवचन ने सचिव पर मनमानी कर सरकारी धन की बंदरबांट का आरोप लगाया है।
गांवों का कायाकल्प करने के लिए सरकार हर साल एक-एक ग्राम पंचायत को करोड़ों रुपये देती हैं। इस धन से से वहां शौचालय, नाली-खडंजा, पानी, साफ-सफाई, पक्के निर्माण होने चाहिए। जिला पंचायत राज विभाग के आंकड़े के मुताबिक भूअर निरंजनपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2021 में पांचवें राज्य आयोग से 36,367 रुपये, अप्रैल 21 से मार्च 22 तक 3,34,020 रुपये, अप्रैल 22 से 16 फरवरी 2023 तक 8,53,985 रुपये खर्च हुए। इसी प्रकार पंद्रहवें वित्त से वर्ष 22-23 में 16,00,767 रुपये खर्च हो चुके हैं। इस खर्च से प्रधान अनभिज्ञता जता रहे हैं। इसी ग्राम पंचायत में पहले भी तत्कालीन डीएम के आदेश पर गांव में बीएसए, डीसी मनरेगा व एई डीआरडीए की जांच में 3.18 लाख गबन का मामला सामने आ चुका है। इस मामले में डीएम ने रिकवरी का आदेश दे रखा है।
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सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए प्रधान व सचिव होंगे जिम्मेदार
बीडीओ सदर रामदुलार ने कहा कि ग्राम पंचायत में 28.25 लाख रुपये निकाले गए हैं तो इसके लिए ग्राम प्रधान रामवचन और सेक्रेटरी रविशंकर ही जिम्मेदार हैं। दोनों सरकारी धन की निकासी की जिम्मेदारी से नहीं बच सकते हैं। यह गंभीर मामला है। ग्राम प्रधान को कुछ पता ही नहीं है यह कह कर वह बच नहीं सकेंगे।
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मामले में जांच कराई गई है। धन कहां खर्च हुआ है, इसका सत्यापन कराया जा रहा है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रियंका निरंजन, डीएम
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प्रधान का कहना है कि यह धन कहां खर्च हुआ, यह उन्हें नहीं पता। इस पूरे मामले में इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इस गांव को डीएम ने गोद ले रखा है। प्रधान रामवचन ने सचिव पर मनमानी कर सरकारी धन की बंदरबांट का आरोप लगाया है।
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गांवों का कायाकल्प करने के लिए सरकार हर साल एक-एक ग्राम पंचायत को करोड़ों रुपये देती हैं। इस धन से से वहां शौचालय, नाली-खडंजा, पानी, साफ-सफाई, पक्के निर्माण होने चाहिए। जिला पंचायत राज विभाग के आंकड़े के मुताबिक भूअर निरंजनपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2021 में पांचवें राज्य आयोग से 36,367 रुपये, अप्रैल 21 से मार्च 22 तक 3,34,020 रुपये, अप्रैल 22 से 16 फरवरी 2023 तक 8,53,985 रुपये खर्च हुए। इसी प्रकार पंद्रहवें वित्त से वर्ष 22-23 में 16,00,767 रुपये खर्च हो चुके हैं। इस खर्च से प्रधान अनभिज्ञता जता रहे हैं। इसी ग्राम पंचायत में पहले भी तत्कालीन डीएम के आदेश पर गांव में बीएसए, डीसी मनरेगा व एई डीआरडीए की जांच में 3.18 लाख गबन का मामला सामने आ चुका है। इस मामले में डीएम ने रिकवरी का आदेश दे रखा है।
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सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए प्रधान व सचिव होंगे जिम्मेदार
बीडीओ सदर रामदुलार ने कहा कि ग्राम पंचायत में 28.25 लाख रुपये निकाले गए हैं तो इसके लिए ग्राम प्रधान रामवचन और सेक्रेटरी रविशंकर ही जिम्मेदार हैं। दोनों सरकारी धन की निकासी की जिम्मेदारी से नहीं बच सकते हैं। यह गंभीर मामला है। ग्राम प्रधान को कुछ पता ही नहीं है यह कह कर वह बच नहीं सकेंगे।
मामले में जांच कराई गई है। धन कहां खर्च हुआ है, इसका सत्यापन कराया जा रहा है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रियंका निरंजन, डीएम