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Basti News: वायरल संक्रमण...मांसपेशियों में दर्द, खांसी ने किया बेहाल
Fri, 12 Sep 2025 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 12 Sep 2025 01:49 AM IST
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जिला अस्पताल में मेडिसिन विभाग में डॉक्टरी परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज
बस्ती। जिले में वायरल बुखार और संक्रमण का प्रकोप बढ़ गया है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की भीड़ लग रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार बुखार का स्वरूप बदला है। मांसपेशियों में दर्द, खांसी-जुकाम और खराश के मामले लगातार बढ़ रहे। खांसते-खांसते दम फूलने लगता है। मेडिसिन विभाग में ऐसे रोगियों की भरमार है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1095 मरीज आए। पर्चे के लिए पहले धक्कामुक्की करनी पड़ी। घंटेभर में मरीजों को इलाज मिल सका। सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार, मांसपेशियों में दर्द, खांसी, खराश के हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकतर मरीजों को बुखार हल्का है लेकिन कमर-पैरों और मांसपेशियों में दर्द अधिक है। लगातार खांसी से फेफड़ों में कमजोरी आ जा रही है। मेडिसिन विभाग के डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि 246 मरीज आए। मरीज को 102-103 डिग्री फाॅरेनहाइट बुखार आ रहा है, लेकिन पैरों, कमर, गर्दन और मांसपेशियों में दर्द अधिक हो रहा है। तेजी से कमजोरी आ रही है। खांसी और गले में खराश से निगलने में भी दिक्कत हो रही है।
बाल रोग विभाग में डाॅ. पीएस पटेल ने बताया कि ओपीडी में 125 मरीज आए। इनको बुखार के साथ गले में दर्द, खराश के चलते नींद नहीं आ रही हे। बच्चे चिड़चिड़े हो रहे हैं। बीते दिनों के मुकाबले इन दिनों डेढ़ गुना मरीज बढ़ गए हैं। इस मौसम में बच्चों को बचाना चुनौतीपूर्ण है। लापरवाही घातक साबित हो रही है। सुबह-शाम के बदले मौसम और दोपहर में तेज धूप से बचाव जरूरी है।
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सिरप और ओवरडोज दवाओं से बचें
एमडी डॉ. पीएल गुप्ता ने बताया कि खांसी वाले रोगी मनमाने सिरप और ओवरडोज दवा ले ले रहे हैं। इससे टीबी, सांस और खांसी के मरीजों की हालत बिगड़ रही है। कफ सिरप दो तरह के होते हैं, एक खांसी रोकने वाले और दूसरे खांसी बढ़ाने वाले। बलगम वाले को खांसी बढ़ाने वाली सिरप देते हैं, जिससे बलगम पिघलकर बाहर आ जाता है और मरीज को आराम मिलने लगता है। बिना बलगम वाले को खांसी रोकने वाला सिरप लिखते हैं। कई बार मरीज गलत सिरप पीने से मर्ज बढ़ा लेता है। इससे बचना चाहिए।
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चिकित्सक दे रहे सलाह
- ठंडी खाद्य सामग्री, तले भोजन के सेवन से बचें।
- बुखार-खांसी होने पर खुद को अलग कर लें।
- गुनगुना पानी पीएं, फल खाएं, पौष्टिक भोजन लें।
- शिशुओं को खिलाने से पहले परिजन हाथों को साफ करें।
- घर में रखी बुखार की दवा, सिरप बिना डाॅक्टर की परामर्श के न लें।
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बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1095 मरीज आए। पर्चे के लिए पहले धक्कामुक्की करनी पड़ी। घंटेभर में मरीजों को इलाज मिल सका। सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार, मांसपेशियों में दर्द, खांसी, खराश के हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकतर मरीजों को बुखार हल्का है लेकिन कमर-पैरों और मांसपेशियों में दर्द अधिक है। लगातार खांसी से फेफड़ों में कमजोरी आ जा रही है। मेडिसिन विभाग के डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि 246 मरीज आए। मरीज को 102-103 डिग्री फाॅरेनहाइट बुखार आ रहा है, लेकिन पैरों, कमर, गर्दन और मांसपेशियों में दर्द अधिक हो रहा है। तेजी से कमजोरी आ रही है। खांसी और गले में खराश से निगलने में भी दिक्कत हो रही है।
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बाल रोग विभाग में डाॅ. पीएस पटेल ने बताया कि ओपीडी में 125 मरीज आए। इनको बुखार के साथ गले में दर्द, खराश के चलते नींद नहीं आ रही हे। बच्चे चिड़चिड़े हो रहे हैं। बीते दिनों के मुकाबले इन दिनों डेढ़ गुना मरीज बढ़ गए हैं। इस मौसम में बच्चों को बचाना चुनौतीपूर्ण है। लापरवाही घातक साबित हो रही है। सुबह-शाम के बदले मौसम और दोपहर में तेज धूप से बचाव जरूरी है।
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सिरप और ओवरडोज दवाओं से बचें
एमडी डॉ. पीएल गुप्ता ने बताया कि खांसी वाले रोगी मनमाने सिरप और ओवरडोज दवा ले ले रहे हैं। इससे टीबी, सांस और खांसी के मरीजों की हालत बिगड़ रही है। कफ सिरप दो तरह के होते हैं, एक खांसी रोकने वाले और दूसरे खांसी बढ़ाने वाले। बलगम वाले को खांसी बढ़ाने वाली सिरप देते हैं, जिससे बलगम पिघलकर बाहर आ जाता है और मरीज को आराम मिलने लगता है। बिना बलगम वाले को खांसी रोकने वाला सिरप लिखते हैं। कई बार मरीज गलत सिरप पीने से मर्ज बढ़ा लेता है। इससे बचना चाहिए।
चिकित्सक दे रहे सलाह
- ठंडी खाद्य सामग्री, तले भोजन के सेवन से बचें।
- बुखार-खांसी होने पर खुद को अलग कर लें।
- गुनगुना पानी पीएं, फल खाएं, पौष्टिक भोजन लें।
- शिशुओं को खिलाने से पहले परिजन हाथों को साफ करें।
- घर में रखी बुखार की दवा, सिरप बिना डाॅक्टर की परामर्श के न लें।