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Basti News: लागत कम करने के लिए कंकरीट से बनाएंगे दो किमी तक की सड़क
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बस्ती। जिले में तारकोल की किल्लत के चलते अब दो किलोमीटर से कम लंबाई की सभी सड़कें सीमेंट और कंक्रीट से बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने यह कार्ययोजना बनाई है, इससे तारकोल की खपत भी घटेगी।
लागत कम करने के लिए अब दो किलोमीटर से कम लंबाई की सभी सड़कें सीमेंट व कंक्रीट आधारित बनेंगी। यही नहीं डामर बनाने में भी सीटीबी (सीमेंट टेस्ट बेस) व सीटीएसबी (सीमेंट टेस्ट सब बेस ) तकनीक इस्तेमाल कर तारकाेल की खपत घटाई जाएगी। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के चलते तारकोल की किल्लत बरकरार है। फर्म संचालकों के अनुसार, मार्च में रहा 46 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन का भाव अब 83 हजार रुपये मीट्रिक टन पहुंच चुका है। महंगे मूल्य के बाद भी यह नहीँ मिल पा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने डामर की जगह सीसी रोड बनाने का निर्देश लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को दिया था। इस समय सड़कों का निर्माण की कार्ययोजना बनाई जा रही है, जिनका निर्माण बारिश के बाद होगा। प्रत्येक विधानसभा से करीब 50 सड़कों के नवनिर्माण का प्रस्ताव मिला है। पांचों विधानसभा क्षेत्रों से मिले 250 सड़कों के निर्माण में एक किलोमीटर से छोटी सड़क लोक निर्माण की जगह दूसरे विभाग बनाएंगे जबकि दो किलोमीटर से कम लंबाई वाली सभी सड़कों को डामर की जगह सीसी रोड बनाया जाएगा। इससे तारकोल की खपत घटेगी और जलभराव में सड़क के टूटने का डर भी नहीं रह जाएगा। ठेकेदारों के लिए भी संकट कम होगा। फर्म संचालक लगातार बढ़ते तारकोल के दर से परेशान भी हैं, इसको लेकर कई बार अभियंताओं के साथ बैठक भी कर चुके हैं। नए आदेश के बाद कुछ राहत होगी।
शासन के निर्देश के बाद अब दो किलोमीटर से छोटी सड़क सीमेंट व कंक्रीट से बनेंगी। साथ ही डामर में भी तकनीक से तारकाेल की खपत घटाई जाएगी। कार्ययोजना बनाई जा रही है। सभी विधानसभा क्षेत्र से 50-50 सड़कों का प्रस्ताव आया है। खंडवार उसे कार्ययोजना में शामिल करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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इं. प्रतिकार सिंह, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी, बस्ती।
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लागत कम करने के लिए अब दो किलोमीटर से कम लंबाई की सभी सड़कें सीमेंट व कंक्रीट आधारित बनेंगी। यही नहीं डामर बनाने में भी सीटीबी (सीमेंट टेस्ट बेस) व सीटीएसबी (सीमेंट टेस्ट सब बेस ) तकनीक इस्तेमाल कर तारकाेल की खपत घटाई जाएगी। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के चलते तारकोल की किल्लत बरकरार है। फर्म संचालकों के अनुसार, मार्च में रहा 46 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन का भाव अब 83 हजार रुपये मीट्रिक टन पहुंच चुका है। महंगे मूल्य के बाद भी यह नहीँ मिल पा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने डामर की जगह सीसी रोड बनाने का निर्देश लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को दिया था। इस समय सड़कों का निर्माण की कार्ययोजना बनाई जा रही है, जिनका निर्माण बारिश के बाद होगा। प्रत्येक विधानसभा से करीब 50 सड़कों के नवनिर्माण का प्रस्ताव मिला है। पांचों विधानसभा क्षेत्रों से मिले 250 सड़कों के निर्माण में एक किलोमीटर से छोटी सड़क लोक निर्माण की जगह दूसरे विभाग बनाएंगे जबकि दो किलोमीटर से कम लंबाई वाली सभी सड़कों को डामर की जगह सीसी रोड बनाया जाएगा। इससे तारकोल की खपत घटेगी और जलभराव में सड़क के टूटने का डर भी नहीं रह जाएगा। ठेकेदारों के लिए भी संकट कम होगा। फर्म संचालक लगातार बढ़ते तारकोल के दर से परेशान भी हैं, इसको लेकर कई बार अभियंताओं के साथ बैठक भी कर चुके हैं। नए आदेश के बाद कुछ राहत होगी।
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शासन के निर्देश के बाद अब दो किलोमीटर से छोटी सड़क सीमेंट व कंक्रीट से बनेंगी। साथ ही डामर में भी तकनीक से तारकाेल की खपत घटाई जाएगी। कार्ययोजना बनाई जा रही है। सभी विधानसभा क्षेत्र से 50-50 सड़कों का प्रस्ताव आया है। खंडवार उसे कार्ययोजना में शामिल करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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इं. प्रतिकार सिंह, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी, बस्ती।