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Basti News: रमना तौफीर में तीन गोवंश बीमार, एक की हो चुकी है मौत
Mon, 09 Oct 2023 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 09 Oct 2023 12:29 AM IST
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गो आश्रय स्थलों की स्थिति में नहीं हो रहा सुधार
दाना और चारा तक की नहीं व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। खुले में घूम रहे निराश्रित मवेशियों को संरक्षित करने के लिए क्षेत्र में तीन गो आश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया है। गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित मवेशियों की आए दिन मौत हो रही है। हाल ही में कठौतियां गो आश्रय स्थल पर तीन गायों के मरने की पुष्टि हुई थी। शनिवार को रमना तौफीर में भी एक गाेवंश की मौत हाे गई। जबकि तीन अन्य बीमार हैं।
रविवार को क्षेत्र की तीन गो आश्रय स्थलों का जायजा लिया गया, जहां तमाम खामियां मिलीं। ग्राम पंचायत छपिया में स्थापित गो आश्रय स्थल में तमाम खामियां मिलीं। 30 जानवरों की क्षमता वाले इस आश्रय स्थल पर मौके पर आठ गोवंश मिले। आश्रय स्थल पर न तो मवेशियों के लिए दाना मिला और न ही हरा चारा दिखा। यहां तैनात गो सेवक मौके से नदारद मिले।
थोड़ी देर बाद पहुंचे गो सेवक छट्ठू ने बताया कि कुछ काम से गांव में गया था। चार माह से मानदेय नहीं मिला है। गो आश्रय स्थल मसहा की क्षमता 45 है। यहां मौके पर 35 गाेवंश मिले। ग्राम पंचायत मरवटिया के आश्रय स्थल की क्षमता 45 है, लेकिन मौके पर 32 ही मिले। वृहद गो आश्रय स्थल रमना तौफीर में टीनशेड जगह-जगह से टूट चुके हैं। मौके पर 175 जानवर मौजूद मिले। इनमें तीन बीमार हैं। उनकी दवा चल रही है।
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...
कोट
टीम गठित कर गो आश्रय स्थलों की जांच कराई जा रही है। खामियां मिलने पर संबंधित सचिव, गो सेवक व अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
-अवैधनाथ मिश्रा, प्रभारी, बीडीओ
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दाना और चारा तक की नहीं व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। खुले में घूम रहे निराश्रित मवेशियों को संरक्षित करने के लिए क्षेत्र में तीन गो आश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया है। गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित मवेशियों की आए दिन मौत हो रही है। हाल ही में कठौतियां गो आश्रय स्थल पर तीन गायों के मरने की पुष्टि हुई थी। शनिवार को रमना तौफीर में भी एक गाेवंश की मौत हाे गई। जबकि तीन अन्य बीमार हैं।
रविवार को क्षेत्र की तीन गो आश्रय स्थलों का जायजा लिया गया, जहां तमाम खामियां मिलीं। ग्राम पंचायत छपिया में स्थापित गो आश्रय स्थल में तमाम खामियां मिलीं। 30 जानवरों की क्षमता वाले इस आश्रय स्थल पर मौके पर आठ गोवंश मिले। आश्रय स्थल पर न तो मवेशियों के लिए दाना मिला और न ही हरा चारा दिखा। यहां तैनात गो सेवक मौके से नदारद मिले।
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थोड़ी देर बाद पहुंचे गो सेवक छट्ठू ने बताया कि कुछ काम से गांव में गया था। चार माह से मानदेय नहीं मिला है। गो आश्रय स्थल मसहा की क्षमता 45 है। यहां मौके पर 35 गाेवंश मिले। ग्राम पंचायत मरवटिया के आश्रय स्थल की क्षमता 45 है, लेकिन मौके पर 32 ही मिले। वृहद गो आश्रय स्थल रमना तौफीर में टीनशेड जगह-जगह से टूट चुके हैं। मौके पर 175 जानवर मौजूद मिले। इनमें तीन बीमार हैं। उनकी दवा चल रही है।
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कोट
टीम गठित कर गो आश्रय स्थलों की जांच कराई जा रही है। खामियां मिलने पर संबंधित सचिव, गो सेवक व अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
-अवैधनाथ मिश्रा, प्रभारी, बीडीओ