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चल रहा सफाई अभियान, लग रहे कूड़े के ढेर
basti
Updated Sat, 12 May 2018 11:34 PM IST
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धर्मशाला रोड पर पसरी गंदगी।
- फोटो : amar ujala
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इंसेफेलाइटिस की संवेदनशील सूची में होने के बाद शहर में सफाई, शुद्ध पानी और गंदे पानी के निकास की व्यवस्था के निर्देश शासन ने दिए हैं। इसे लेकर नगर पालिका प्रशासन ने कागज में सफाई अभियान का 25 दिवसीय कार्यक्रम घोषित कर दिया। लेकिन यह कार्यक्रम धरातल पर है। इसे लेकर संदेह होने लगा है। शहर के गली-मोहल्ले तो दूर मुख्य सड़क पर जगह-जगह कूड़ों के ढेर नजर आ रहे हैं। इसमें उठती सड़ांध बीमारी को आमंत्रित कर रही है।
नगर पालिका प्रशासन में हर रोज सफाई के लिए बड़ी संख्या में कर्मी तैनात हैं। इनमें से कुछ कर्मियों की ड्यूटी शाम को शहर में सफाई के लिए लगाई गई है, मगर शहर में जगह-जगह कूड़े बिखरे हैं। इसमें मुंह मारते छुट्टा पशु नजर आते हैं। इन हालातों पर पालिका प्रशासन की नजर नहीं है। हालांकि, दो दिन पूर्व पालिका के ईओ का चार्ज लेने वाले कमलेश कुमार चौबे कहते हैं कि शहर को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए जो अभियान रहा है उसमें जरा भी लापरवाही क्षम्य नहीं है। सफाई कर्मियों की सूची मांगी गई है। वार्ड व क्षेत्रवार सभी की समीक्षा की जाएगी। सोमवार से शहर में सफाई के लिए भ्रमण भी किया जाएगा। यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो संबंधित के वेतन भी काटे जाएंगे।
गांधी नगर
शहर के मुख्य चौराहे पर सब्जी मंडी है। इस सब्जी मंडी के एक गेट पर ही लोगों का स्वागत कूड़ा करता है। हालांकि, सुबह सफाई के बाद जब दुकान खुल जाती है तो दुकानदार यहां प्रतिष्ठान से निकला कूड़ा व सब्जी बेचने वाले सड़ी गली सब्जियां फेंक देते हैं, जिससे दिन भर सड़ांध उठती है।
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महिला अस्पताल
शहर का गांधी नगर इलाके में ही जिला महिला अस्पताल है। यहां भी दिन भर कूड़ा यूं ही पड़ा रहता है। इसके बीच से लोग आते-जाते हैं। इस कूड़े में जानवर मुंह मार कर आसपास बिखेर देते हैं, जिससे राह चलना मुश्किल हो जाता है।
धर्मशाला रोड
शहर के मुख्य बाजार से जुड़ा धर्मशाला मार्ग पर जगह-जगह कूड़ों के ढेर नजर आते हैं। इस मार्ग पर सफाई तो होती है, मगर फिर भी कूड़ा एकत्रित हो जाता है।
एपीएन डिग्री कॉलेज
शहर का स्नातकोत्तर डिग्री कॉलेज मुख्य मार्ग पर ही है। यहां भी कॉलेज मुख्य गेट के सामने ही कूड़ा एकत्रित होता है। कूड़े के ढेर लोगों के पैरों के तले भी आते हैं।
मालवीय मार्ग
शहर का दूसरा प्रमुख मालवीय मार्ग पर तो जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आएंगे। यहां नेहरू तिराहे से आगे बढ़ने पर एक मैरिज हाल के सामने कूड़ा एकत्रित होता है तो आगे बिजली दफ्तर के पास भी कूड़ों का ढेर लगता है। दिन भर इसी कूड़े में छुट्टा पशु बैठे नजर आते हैं।
अधिशासी अधिकारी ने कहा
प्रभारी ईओ केके चौबे कहते हैं कि सफाई को लेकर पालिका संवेदनशील है। सोमवार से शहर के मुख्य मार्गों पर सफाई का निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी कूड़ा मिलेगा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने नागरिकों से भी इसमें सहयोग मांगा है।
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इंसेफेलाइटिस की संवेदनशील सूची में होने के बाद शहर में सफाई, शुद्ध पानी और गंदे पानी के निकास की व्यवस्था के निर्देश शासन ने दिए हैं। इसे लेकर नगर पालिका प्रशासन ने कागज में सफाई अभियान का 25 दिवसीय कार्यक्रम घोषित कर दिया। लेकिन यह कार्यक्रम धरातल पर है। इसे लेकर संदेह होने लगा है। शहर के गली-मोहल्ले तो दूर मुख्य सड़क पर जगह-जगह कूड़ों के ढेर नजर आ रहे हैं। इसमें उठती सड़ांध बीमारी को आमंत्रित कर रही है।
नगर पालिका प्रशासन में हर रोज सफाई के लिए बड़ी संख्या में कर्मी तैनात हैं। इनमें से कुछ कर्मियों की ड्यूटी शाम को शहर में सफाई के लिए लगाई गई है, मगर शहर में जगह-जगह कूड़े बिखरे हैं। इसमें मुंह मारते छुट्टा पशु नजर आते हैं। इन हालातों पर पालिका प्रशासन की नजर नहीं है। हालांकि, दो दिन पूर्व पालिका के ईओ का चार्ज लेने वाले कमलेश कुमार चौबे कहते हैं कि शहर को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए जो अभियान रहा है उसमें जरा भी लापरवाही क्षम्य नहीं है। सफाई कर्मियों की सूची मांगी गई है। वार्ड व क्षेत्रवार सभी की समीक्षा की जाएगी। सोमवार से शहर में सफाई के लिए भ्रमण भी किया जाएगा। यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो संबंधित के वेतन भी काटे जाएंगे।
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गांधी नगर
शहर के मुख्य चौराहे पर सब्जी मंडी है। इस सब्जी मंडी के एक गेट पर ही लोगों का स्वागत कूड़ा करता है। हालांकि, सुबह सफाई के बाद जब दुकान खुल जाती है तो दुकानदार यहां प्रतिष्ठान से निकला कूड़ा व सब्जी बेचने वाले सड़ी गली सब्जियां फेंक देते हैं, जिससे दिन भर सड़ांध उठती है।
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महिला अस्पताल
शहर का गांधी नगर इलाके में ही जिला महिला अस्पताल है। यहां भी दिन भर कूड़ा यूं ही पड़ा रहता है। इसके बीच से लोग आते-जाते हैं। इस कूड़े में जानवर मुंह मार कर आसपास बिखेर देते हैं, जिससे राह चलना मुश्किल हो जाता है।
धर्मशाला रोड
शहर के मुख्य बाजार से जुड़ा धर्मशाला मार्ग पर जगह-जगह कूड़ों के ढेर नजर आते हैं। इस मार्ग पर सफाई तो होती है, मगर फिर भी कूड़ा एकत्रित हो जाता है।
एपीएन डिग्री कॉलेज
शहर का स्नातकोत्तर डिग्री कॉलेज मुख्य मार्ग पर ही है। यहां भी कॉलेज मुख्य गेट के सामने ही कूड़ा एकत्रित होता है। कूड़े के ढेर लोगों के पैरों के तले भी आते हैं।
मालवीय मार्ग
शहर का दूसरा प्रमुख मालवीय मार्ग पर तो जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आएंगे। यहां नेहरू तिराहे से आगे बढ़ने पर एक मैरिज हाल के सामने कूड़ा एकत्रित होता है तो आगे बिजली दफ्तर के पास भी कूड़ों का ढेर लगता है। दिन भर इसी कूड़े में छुट्टा पशु बैठे नजर आते हैं।
अधिशासी अधिकारी ने कहा
प्रभारी ईओ केके चौबे कहते हैं कि सफाई को लेकर पालिका संवेदनशील है। सोमवार से शहर के मुख्य मार्गों पर सफाई का निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी कूड़ा मिलेगा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने नागरिकों से भी इसमें सहयोग मांगा है।