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सरयू का जलस्तर घटा, कटान तेज
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केशवपुर व भरथापुर के पास कुछ इस तरह सरयू नदी कर रही है कटान।
- फोटो : BASTI
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सरयू का जलस्तर घटा, कटान तेज
विक्रमजोत (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। इससे बाढ़ का खतरा तो फिलहाल टल गया, लेकिन आपदा प्रभावित गांव के लोगों को कटान का डर सताने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शुक्रवार को जलस्तर खतरे के निशान से 51 सेंमी कम यानी 92.22 मीटर रहा।
आयोग के अनुसार आगे भी जलस्तर में घटवा जारी रहेगा। बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, चानपुर, संदलपुर व छतौना के लोगों को कटान का डर सता रहा है। पिछले साल कटान में किसान की सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा गई थी। प्रशासन ने अयोध्या के पास नदी की धारा मोड़ने का प्रयास किया था। इससे ग्रामीण निश्चित हो गए थे, लेकिन रेत से बना तटबंध नदी के वेग को संभाल नहीं सका और धारा दोबारा अपनी जगह पहुंच गई। बृहस्पतिवार को अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड दिनेश कुमार ने कल्यानपुर गांव पहुंच कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण लिया। उन्होंने बेघर हुए हेमंत पांडेय के परिजनों से बातचीत कर उनके घर को सुरक्षित रखने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से बातचीत कर घर उन्हें सुपुर्द कर दिया जाएग। हेमंत ने बताया कि प्रशासन ने वादा किया था कि हफ्तेभर में डैंपनर बनाकर घर को सुरक्षित कर दिया जाएगा, लेकिन एक पखवाड़ा बीत गया और डैंपनर का नामोनिशान नहीं है। प्रधान संजय यादव ने बताया कि प्रशासन की लापरवाही ग्रामीणों को भारी पड़ रही है।
रेनकट के चलते जर्जर हो रहे तटबंध
दुबौलिया (बस्ती)। ब्लॉक क्षेत्र में बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए तटबंधों पर बारिश में रेनकट बन गए हैं। ये कट इतनी अधिक संख्या में हैं कि यदि बाढ़ आ जाए तो हालात पर काबू पाना आसान नहीं होगा।
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सरयू नदी का पानी आबादी क्षेत्र में न पहुंचे इसके लिए क्षेत्र मे कई तटबंध बनाए गए हैं। रेनकट के कारण इनकी हालत जर्जर हो चुकी है। जहां सरयू की धारा सीधे तटबंधों से टकरा रही है वहां बाढ़ खंड मरम्मत करा रहा है। जहां तटबंध से नदी की मुख्य धारा दूर हैं, वहां कोई काम नहीं हो रहा है। कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर दर्जन भर से अधिक रेनकट हैं। कई जगहों पर ये दो मीटर से अधिक लंबे-चौड़े हो गए हैं। रेनकट के कारण इन पर चलना जोखिम भरा साबित हो रहा है। केवाड़ी, किशुनपुर, ऊंजी, दलपतपुर, तिवारीपुर, गौरा, भनखरपुर, मझियार, विशुनदासपुर आदि जगहों पर तटबंधों की हालत सबसे खराब है। बाढ़ खंड इन रेनकट से अनजान बना है। सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि रेनकट भरवाए जा रहे हैं। जल्दी ही सभी तटबंध ठीक कर लिए जाएंगे। फिलहाल तटबंध सुरक्षित हैं।
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विक्रमजोत (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। इससे बाढ़ का खतरा तो फिलहाल टल गया, लेकिन आपदा प्रभावित गांव के लोगों को कटान का डर सताने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शुक्रवार को जलस्तर खतरे के निशान से 51 सेंमी कम यानी 92.22 मीटर रहा।
आयोग के अनुसार आगे भी जलस्तर में घटवा जारी रहेगा। बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, चानपुर, संदलपुर व छतौना के लोगों को कटान का डर सता रहा है। पिछले साल कटान में किसान की सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समा गई थी। प्रशासन ने अयोध्या के पास नदी की धारा मोड़ने का प्रयास किया था। इससे ग्रामीण निश्चित हो गए थे, लेकिन रेत से बना तटबंध नदी के वेग को संभाल नहीं सका और धारा दोबारा अपनी जगह पहुंच गई। बृहस्पतिवार को अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड दिनेश कुमार ने कल्यानपुर गांव पहुंच कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण लिया। उन्होंने बेघर हुए हेमंत पांडेय के परिजनों से बातचीत कर उनके घर को सुरक्षित रखने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से बातचीत कर घर उन्हें सुपुर्द कर दिया जाएग। हेमंत ने बताया कि प्रशासन ने वादा किया था कि हफ्तेभर में डैंपनर बनाकर घर को सुरक्षित कर दिया जाएगा, लेकिन एक पखवाड़ा बीत गया और डैंपनर का नामोनिशान नहीं है। प्रधान संजय यादव ने बताया कि प्रशासन की लापरवाही ग्रामीणों को भारी पड़ रही है।
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रेनकट के चलते जर्जर हो रहे तटबंध
दुबौलिया (बस्ती)। ब्लॉक क्षेत्र में बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए तटबंधों पर बारिश में रेनकट बन गए हैं। ये कट इतनी अधिक संख्या में हैं कि यदि बाढ़ आ जाए तो हालात पर काबू पाना आसान नहीं होगा।
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सरयू नदी का पानी आबादी क्षेत्र में न पहुंचे इसके लिए क्षेत्र मे कई तटबंध बनाए गए हैं। रेनकट के कारण इनकी हालत जर्जर हो चुकी है। जहां सरयू की धारा सीधे तटबंधों से टकरा रही है वहां बाढ़ खंड मरम्मत करा रहा है। जहां तटबंध से नदी की मुख्य धारा दूर हैं, वहां कोई काम नहीं हो रहा है। कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद तटबंध पर दर्जन भर से अधिक रेनकट हैं। कई जगहों पर ये दो मीटर से अधिक लंबे-चौड़े हो गए हैं। रेनकट के कारण इन पर चलना जोखिम भरा साबित हो रहा है। केवाड़ी, किशुनपुर, ऊंजी, दलपतपुर, तिवारीपुर, गौरा, भनखरपुर, मझियार, विशुनदासपुर आदि जगहों पर तटबंधों की हालत सबसे खराब है। बाढ़ खंड इन रेनकट से अनजान बना है। सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि रेनकट भरवाए जा रहे हैं। जल्दी ही सभी तटबंध ठीक कर लिए जाएंगे। फिलहाल तटबंध सुरक्षित हैं।