{"_id":"66db3b9a4c18c6086802fd99","slug":"the-married-women-asked-for-eternal-good-fortune-by-observing-waterless-fast-basti-news-c-207-1-sgkp1003-123357-2024-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: निर्जल व्रत रखकर सुहागिनों ने अखंड सौभाग्य मांगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: निर्जल व्रत रखकर सुहागिनों ने अखंड सौभाग्य मांगा
Fri, 06 Sep 2024 10:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 06 Sep 2024 10:57 PM IST
विज्ञापन
गांधीनगर में हनुमान मंदिर पर पूजा के बाद कथा सुनतीं महिलाएं।
मंदिरों में देर रात तक श्रद्धालुओं का लगा तांता
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हरतालिका तीज पर्व शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। निर्जला व्रत रखकर सुहागिनों ने अखंड सौभाग्य मांगा। सुबह से देर रात तक मंदिरों और घरों में सज-धज कर महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली के लिए मंगलकामना की।
महिलाओं ने भोर में व्रत शुरू किया। दिनभर निर्जला व्रत रखी। वहीं युवतियां भी अच्छे वर की कामना के साथ इस व्रत को रखते हुए पूजा-अर्चना की। शहर के हनुमानगढ़ी में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भगवान शिव, माता पार्वती और हनुमानजी का दर्शन-पूजन कर मंगलकामना की। धूप, अगरबत्ती और जलाभिषेक किया। इसके अलावा भदेश्वरनाथ मंदिर, कंपनीबाग शिव मंदिर समेत अन्य मंदिरों में पूजन-अर्चन का दौर चलता रहा।
घरों में महिलाएं मिट्टी से निर्मित भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित कर पूजा की। पीला वस्त्रत्त्, केले का पत्ता, जनेऊ, सुपारी, रोली, बेलपत्र, धतूरा, शमी का पत्ता, दूर्बा, कलश, अक्षत, घी, कपूर, गंगाजल, दही, शहद के अतिरिक्त सिंदूर, बिंदिया, मेहंदी, कुमकुम को पूजा में शामिल किया। चौकी पर प्रतिमाएं स्थापित करके माता पार्वती को अक्षत, चुनरी, फूल, फल, धूप और भगवान शिव को सफेद चंदन, बिल्वपत्र, धतूरा आदि अर्पित किया। हनुमानगढ़ी मंदिर पर पुरोहित ने शिव-पार्वती कथा सुनाई गई। शहर से लेकर गांव तक उल्लास का माहौल रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हरतालिका तीज पर्व शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। निर्जला व्रत रखकर सुहागिनों ने अखंड सौभाग्य मांगा। सुबह से देर रात तक मंदिरों और घरों में सज-धज कर महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली के लिए मंगलकामना की।
महिलाओं ने भोर में व्रत शुरू किया। दिनभर निर्जला व्रत रखी। वहीं युवतियां भी अच्छे वर की कामना के साथ इस व्रत को रखते हुए पूजा-अर्चना की। शहर के हनुमानगढ़ी में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भगवान शिव, माता पार्वती और हनुमानजी का दर्शन-पूजन कर मंगलकामना की। धूप, अगरबत्ती और जलाभिषेक किया। इसके अलावा भदेश्वरनाथ मंदिर, कंपनीबाग शिव मंदिर समेत अन्य मंदिरों में पूजन-अर्चन का दौर चलता रहा।
विज्ञापन
घरों में महिलाएं मिट्टी से निर्मित भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित कर पूजा की। पीला वस्त्रत्त्, केले का पत्ता, जनेऊ, सुपारी, रोली, बेलपत्र, धतूरा, शमी का पत्ता, दूर्बा, कलश, अक्षत, घी, कपूर, गंगाजल, दही, शहद के अतिरिक्त सिंदूर, बिंदिया, मेहंदी, कुमकुम को पूजा में शामिल किया। चौकी पर प्रतिमाएं स्थापित करके माता पार्वती को अक्षत, चुनरी, फूल, फल, धूप और भगवान शिव को सफेद चंदन, बिल्वपत्र, धतूरा आदि अर्पित किया। हनुमानगढ़ी मंदिर पर पुरोहित ने शिव-पार्वती कथा सुनाई गई। शहर से लेकर गांव तक उल्लास का माहौल रहा।
विज्ञापन