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Basti News: बदल गया अंग्रेजों के जमाने का कानून, आज से न्याय संहिता लागू

Mon, 01 Jul 2024 03:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Mon, 01 Jul 2024 03:18 AM IST
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The law of British era changed, judicial code comes into effect from today
नए कानून के बारे में लगातार चल रहा पुलिस का प्रशिक्षण
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पुलिस लाइंस में दी जा रही नए कानून की बारीकियों की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आज से बदल रहे आईपीसी सहित तीन कानूनों को लेकर पुलिस ने लेकर न्यायिक हल्कों में कौतूहल बना हुआ है। व्यापक स्तर पर किए गए बदलाव के नकारात्मक व सकारात्मक प्रभाव पर चर्चा हो रही है। साथ ही, इसे लागू करने के लिए पुलिस के तैयार होने पर बहस छिड़ी हु़ई है। यद्यपि पुलिस विभाग में कई चरणों में ग्रेडवार प्रशिक्षण चल रहा है। मगर, तहरीर देखते ही फर्राटा धाराओं को तय करने में दक्ष हो चुके इंस्पेक्टर, दरोगा व दीवान के लिए मुश्किल जरूर आएगी। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पुराने केस का ट्रायल किस कानून के तहत होगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश प्रताप सिंह बताते हैं कि नए कानून में काफी कुछ बदलाव हुए हैं। इनमें सबसे खास बात यही है कि नए कानून के अनुसार नए मुकदमों का ट्रायल चलेगा। जबकि पुराने मुकदमों में पुराने कानून से ट्रायल चलेगा।
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एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि नए कानून का प्रशिक्षण लगातार चलाया जा रहा है। अब तक 43 इंसपेकटर, 324 एसआई व 550 आरक्षी व मुख्य आरक्षी का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। जिले के सभी पुलिस अधिकारी पहले ही चरण में प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये भी उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। पुलिस लाइंस में प्रशिक्षण सत्र लगातार चल रहा है।
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आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि एक जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) होगी। आईपीसी में 511 धाराएं थीं, लेकिन भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं होंगी। धाराओं का क्रम बदला गया है। सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता कहलाएगी। सीआरपीसी में 484 धाराएं थीं। नए कानून में अब इसमें 531 धाराएं होंगी।
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के नाम से जाना जाएगा। पुराने अधिनियम में 167 प्रावधान थे। नए में 170 प्रावधान हो गए हैं। इनमें डिजिटल साक्ष्यों का महत्व बढ़ाया गया है। मुंशी का काम करने वाले स्टाॅफ को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आज रात के बाद इसी कानून पर काम शुरू होगा।
एक जुलाई से दर्ज मुकदमों का ट्रायल नए कानून से होगा। नए कानून के अनुसार जो मुकदमे दर्ज होंगे, उनका ट्रायल भी नए कानून से होगा। जो मुकदमे 30 जून की रात 12 बजे के पहले पुराने कानून से दर्ज होंगे। उनका ट्रायल पुराने कानून से ही होगा।
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विवेचना में वीडियो साक्ष्य बेहद जरूरी

आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि पुलिस अब तक घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन व पब्लिक के किसी भी गवाह के बयान अपने अनुसार लिख लेती थी। अब सब कुछ वीडियो कैमरे की निगरानी में होगा। इससे अदालत में इन साक्ष्यों को झुठलाया नहीं जा सकेगा और न ही उनमें किसी तरह का हेरफेर किया जा सकेगा।


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गवाह को ऑनलाइन समन-गवाही की सहूलियत

अधिवक्ता नरेंद्र पांडेय बताते हैं कि नए कानून में सबसे अधिक सुविधा गवाह व वादी को दी गई है। अगर गवाह को सूचना नहीं मिल पा रही है तो वह व्हाट्सएप पर मिलने वाले समन व वारंट को भी प्राप्त होना माना जाएगा। अगर वह नहीं आ पा रहा है तो जिस जिले में मौजूद है, वहां के न्यायालय के वीडियो कान्फ्रेसिंग सेंटर से ऑनलाइन गवाही दे सकता है।

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ये हैं खास तथ्य

-दुष्कर्म में पीड़ित की मृत्यु व अपंगता पर मृत्युदंड की सजा होगी

-पहले से हत्या में सजायाफ्ता को दूसरी हत्या में उम्रकैद या मृत्युदंड

-दुष्कर्म-छेड़खानी पीड़िता के बयान महिला मजिस्ट्रेट ही दर्ज करेंगी

-महिला मजिस्ट्रेट न होने पर किसी महिला कर्मी की मौजूदगी जरूरी

-अब किसी भी घटनास्थल का केस किसी भी थाने में दर्ज हो सकेगा

-ऑनलाइन-व्हाट्सएप के जरिये भेजी तहरीर पर दर्ज करनी होगी रिपोर्ट

-महिला और बाल अपराध में दो माह में करनी होगी विवेचना पूर्ण

-अब जेल जाने के 40 दिन के अंदर पीसीआर लेने की सुविधा तय

-गवाह या वादी को व्हाट्सएप पर ही समन-वारंट भेजा जाना मान्य

-हर घटना की जांच में वीडियो फुटेज-वैज्ञानिक साक्ष्य पहले दिन से करने होंगे तैयार, केस डायरी में भी होंगे शामिल

-घटनास्थल, बरामदगी, पब्लिक की गवाही, वादी की गवाही, पीसीआर पर बरामदगी के बनाने होंगे वीडियो फुटेज



धाराओं में ये होगा बदलाव

महिला संबंधी अपराध

आईपीसी-बीएनएस

354-74

354ए-75

354बी-76

354सी-77

354डी-78

509-79



चोरी संबंधी अपराध

आईपीसी-बीएनएस

379-303(2)

411-317(2)

457-331(4)

380-305



लूट संबंधी अपराध

आईपीसी-बीएनएस

392-309(4)

393-309(5)

394-309(6)



हत्या-आत्महत्या संबंधी अपराध

आईपीसी-बीएनएस

302-103(1)

304(बी)-80(2)

306-108

307-109

304-105

308-110



धोखाधड़़ी संबंधी अपराध

आईपीसी-बीएनएस

419-319(2)

420-318(4)

466-337

467-338

468-336(3)

471-340(2)

नोट- भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)-भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)
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