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Basti News: बेलघाट रोड पर मुड़ते ही पीछे लग गए थे अपहर्ता
Sun, 26 Jan 2025 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 26 Jan 2025 12:14 AM IST
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अधिवक्ता के साथ निकले गांव के युवक से पूछताछ करते एसपी अभिनंदन
अधिवक्ता हत्याकांड: सटीक मुखबिरी के चलते सूनसान जगह पहुंचने की चर्चा
- साथ गए बजरंगी यादव ने पुलिस को बताया घटनाक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज (बस्ती)। अधिवक्ता हत्याकांड में भले ही कहानी खुल गई हो। मगर, इसमें गहरी साजिश होने की बात सामने आ रही है। जिस तरह से पीछा कर उनका अपहरण किया गया, उससे स्पष्ट है कि किसी करीबी की सटीक मुखबिरी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस हर पहलुओं पर छानबीन कर रही है।
अधिवक्ता चंद्रशेखर के साथ गए गांव के बजरंगी यादव के मुताबिक, महराजगंज से बेलघाट मार्ग पर घर जाने के लिए मुड़ते ही ऐसा लगा कि कुछ गड़बड़ है। वहीं से बदमाशों ने बाइक के पीछे गाड़ी को लगा दिया। शाम करीब 7:30 बजे नरायनपुर तिवारी गांव के पास बाइक को ओवरटेक कर गाड़ी से तीन लोग नीचे उतरे। चंद्रशेखर को मारपीट कर गाड़ी में बैठा लिया। बचाने के लिए वह गुहार करता रहा। मगर, रात होने की वजह से कोई सहयोग करने नहीं आया। बजरंगी यादव ने वारदात की सूचना पुलिस व परिजनों और गांव के लोगों को दी।
कप्तानगंज क्षेत्र के बैदोलिया अजायब गांव निवासी अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव की बहन सोनमती की शादी 20 साल पहले हर्रैया क्षेत्र के खम्हरिया गंगाराम गांव निवासी रंजीत यादव के साथ हुई है। आरोप है कि ससुरालियों के प्रताड़ित करने के बाद पति-पत्नी से अनबन हो गई। दोनों पक्षों में काफी दिनों से विवाद चल रहा था। भाई होने के कारण बहन की तरफ से वह लगातार पैरवी कर रहे थे। चंद्रशेखर ने सुलह की पहल भी की। मगर, बात नहीं बन पाई। परिजनों के मुताबिक शनिवार को थाना समाधान दिवस में दोनों पक्ष का मामला पेश हुआ था।
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थाने पर भी विवाद हुआ था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिवार के लोगों का आरोप है कि चंद्रशेखर यादव के बहनोई सहित अन्य लोगों ने थाने पर विवाद होने के बाद ही योजना बना ली थी। सूत्रों के मुताबिक सटीक मुखबिर के चलते चंद्रशेखर के हर लोकेशन का वे पल-पल खबर ले रहे थे।
..
परिवार रो-रोकर बेहाल
चंद्रशेखर यादव की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। चंद्रशेखर के बड़े भाई दया शंकर मुंबई में है। सबसे छोटे भाई महेंद्र प्रताप यादव, पिता, पत्नी उमा यादव,दो बेटियां और एक बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।
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- साथ गए बजरंगी यादव ने पुलिस को बताया घटनाक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज (बस्ती)। अधिवक्ता हत्याकांड में भले ही कहानी खुल गई हो। मगर, इसमें गहरी साजिश होने की बात सामने आ रही है। जिस तरह से पीछा कर उनका अपहरण किया गया, उससे स्पष्ट है कि किसी करीबी की सटीक मुखबिरी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस हर पहलुओं पर छानबीन कर रही है।
अधिवक्ता चंद्रशेखर के साथ गए गांव के बजरंगी यादव के मुताबिक, महराजगंज से बेलघाट मार्ग पर घर जाने के लिए मुड़ते ही ऐसा लगा कि कुछ गड़बड़ है। वहीं से बदमाशों ने बाइक के पीछे गाड़ी को लगा दिया। शाम करीब 7:30 बजे नरायनपुर तिवारी गांव के पास बाइक को ओवरटेक कर गाड़ी से तीन लोग नीचे उतरे। चंद्रशेखर को मारपीट कर गाड़ी में बैठा लिया। बचाने के लिए वह गुहार करता रहा। मगर, रात होने की वजह से कोई सहयोग करने नहीं आया। बजरंगी यादव ने वारदात की सूचना पुलिस व परिजनों और गांव के लोगों को दी।
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कप्तानगंज क्षेत्र के बैदोलिया अजायब गांव निवासी अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव की बहन सोनमती की शादी 20 साल पहले हर्रैया क्षेत्र के खम्हरिया गंगाराम गांव निवासी रंजीत यादव के साथ हुई है। आरोप है कि ससुरालियों के प्रताड़ित करने के बाद पति-पत्नी से अनबन हो गई। दोनों पक्षों में काफी दिनों से विवाद चल रहा था। भाई होने के कारण बहन की तरफ से वह लगातार पैरवी कर रहे थे। चंद्रशेखर ने सुलह की पहल भी की। मगर, बात नहीं बन पाई। परिजनों के मुताबिक शनिवार को थाना समाधान दिवस में दोनों पक्ष का मामला पेश हुआ था।
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थाने पर भी विवाद हुआ था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिवार के लोगों का आरोप है कि चंद्रशेखर यादव के बहनोई सहित अन्य लोगों ने थाने पर विवाद होने के बाद ही योजना बना ली थी। सूत्रों के मुताबिक सटीक मुखबिर के चलते चंद्रशेखर के हर लोकेशन का वे पल-पल खबर ले रहे थे।
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परिवार रो-रोकर बेहाल
चंद्रशेखर यादव की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। चंद्रशेखर के बड़े भाई दया शंकर मुंबई में है। सबसे छोटे भाई महेंद्र प्रताप यादव, पिता, पत्नी उमा यादव,दो बेटियां और एक बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।