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Basti News: नवरात्र पर बाजारों में रौनक, मिट्टी के दीये और कलश की बढ़ी मांग
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शहर में पूजन सामग्री की खरीदारी करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : Samvad
बस्ती। शारदीय नवरात्र के लिए पहले शनिवार को बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। घरों में कलश स्थापना और देवी आराधना की तैयारियों के बीच मिट्टी के दीये, कलश और हवन पात्र की मांग रही। वहीं, मां दुर्गा की मूर्तियों, चुनरी, पोशाकों और पूजन सामग्री की दुकानों पर भी दिनभर खरीदारी होती रही। त्योहारों के चलते लंबे समय से मंद पड़े कारोबार में तेजी की उम्मीद से दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं।
शहर के रोडवेज स्थित गायत्री शक्तिपीठ, मालवीय रोड, गांधीनगर, एपीएन कॉलेज के सामने और पुरानी बस्ती समेत जिले के कस्बाई बाजारों में भी नवरात्र की रौनक दिखाई दी। दुकानों पर मां दुर्गा की मूर्तियों, चुनरी, नारियल, धूप-बत्ती, हवन सामग्री, सजावटी झालर और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए लोग पहुंचे। घरों और पूजा पंडालों में तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीदते नजर आए।
दुकानदार सर्वेश श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी दुकान पर 50 रुपये से लेकर 5,500 रुपये तक की देवी-देवताओं की मूर्तियां उपलब्ध हैं। लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार मूर्तियां खरीद रहे हैं। दुकानदार राकेश ने बताया कि नवरात्र को देखते हुए पूजन सामग्री, नारियल, चुनरी और धूप-बत्ती सहित अन्य सामान की दुकान सजाई गई है। बाजार में माता की 50 से 600 रुपये तक की विभिन्न पोशाकें भी उपलब्ध हैं।
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परंपरागत मिट्टी के कलश और हवन पात्र की मांग
नवरात्र में मिट्टी के कलश और हवन पात्र की मांग भी बनी हुई है। इनका निर्माण अब भी परंपरागत तरीके से किया जा रहा है। दुकानदार राम प्रकट सिंह ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में डिजाइनदार कलश का चलन बढ़ा था, लेकिन इस बार परंपरागत कलश और हवन पात्र की मांग अधिक दिखाई दे रही है। उन्हें बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। नवरात्र के बाद दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के चलते मिठाई, कपड़ा और आभूषण कारोबार में भी तेजी आने की संभावना है। त्योहारों के इस दौर से कारोबारियों को मंदी से उबरने और बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
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शहर के रोडवेज स्थित गायत्री शक्तिपीठ, मालवीय रोड, गांधीनगर, एपीएन कॉलेज के सामने और पुरानी बस्ती समेत जिले के कस्बाई बाजारों में भी नवरात्र की रौनक दिखाई दी। दुकानों पर मां दुर्गा की मूर्तियों, चुनरी, नारियल, धूप-बत्ती, हवन सामग्री, सजावटी झालर और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए लोग पहुंचे। घरों और पूजा पंडालों में तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीदते नजर आए।
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दुकानदार सर्वेश श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी दुकान पर 50 रुपये से लेकर 5,500 रुपये तक की देवी-देवताओं की मूर्तियां उपलब्ध हैं। लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार मूर्तियां खरीद रहे हैं। दुकानदार राकेश ने बताया कि नवरात्र को देखते हुए पूजन सामग्री, नारियल, चुनरी और धूप-बत्ती सहित अन्य सामान की दुकान सजाई गई है। बाजार में माता की 50 से 600 रुपये तक की विभिन्न पोशाकें भी उपलब्ध हैं।
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परंपरागत मिट्टी के कलश और हवन पात्र की मांग
नवरात्र में मिट्टी के कलश और हवन पात्र की मांग भी बनी हुई है। इनका निर्माण अब भी परंपरागत तरीके से किया जा रहा है। दुकानदार राम प्रकट सिंह ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में डिजाइनदार कलश का चलन बढ़ा था, लेकिन इस बार परंपरागत कलश और हवन पात्र की मांग अधिक दिखाई दे रही है। उन्हें बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। नवरात्र के बाद दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के चलते मिठाई, कपड़ा और आभूषण कारोबार में भी तेजी आने की संभावना है। त्योहारों के इस दौर से कारोबारियों को मंदी से उबरने और बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।

शहर में पूजन सामग्री की खरीदारी करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : Samvad