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तिहरे हत्याकांड में आरोपित की जमानत याचिका खारिज
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तिहरे हत्याकांड में आरोपित की जमानत याचिका खारिज
बस्ती। जनवरी में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड के एक आरोपित की जमानत याचिका बृहस्पतिवार को अदालत ने खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट सुनील कुमार श्रीवास्तव ने तिहरे हत्याकांड के आरोपित मनीष यादव की जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई की।
शासकीय अधिवक्ता मो. हयात और राघवेंद्र पांडेय ने बताया कि वादी ने तहरीर देकर कहा था कि मनोज कुमार बर्रा, जिला कानपुर का निवासी है। वह एक ट्रक का मालिक है। सहायक चालक सोनू मौर्या, मुख्य चालक राजकुमार गौतम छह जनवरी 2021 को ट्रक पर आलू, प्याज, लहसुन कानपुर से लादकर बिहार के परसौनी गए थे। वहां से नौ जनवरी को सूरज से 43500 रुपये का भाड़ा लेकर वे वापस हो रहे थे। उनके साथ गाड़ी का खलासी मो. असलम भी था। ट्रक के चालक, सहायक चालक और खलासी की छावनी थाने में बदमाशों ने हत्या कर साढ़े छह लाख रुपये लूट लिए थे। इसका मुकदमा थाने में दर्ज कराया गया है। इस मामले में चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
मामले के एक आरोपी मनीष यादव की जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि आरोपितों ने दुस्साहसिक ढंग से घटना को अंजाम दिया है। ऐसे में इनकी जमानत अनुचित है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दिया। दूसरी ओर इसी कोर्ट ने हत्या के एक अन्य मामले में भी दो की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मुकदमा वाल्टरगंज थाने में दर्ज हुआ था। वादी कप्तानगंज थाना क्षेत्र की हरदी निवासी विजय लक्ष्मी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 28 अक्तूबर 2019 को वह अपने पति राम नेवास उर्फ रामराज उर्फ गम्मज के साथ शाम को बाइक से जिला मुख्यालय जा रही थीं।
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ग्राम सुकरौली के निकट शाम साढ़े छह बजे कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ईटहिया गांव निवासी कृष्ण कुमार उर्फ झिनकान तिवारी, अशोक कुमार त्रिपाठी और उमेश कुमार ने पति को गाड़ी रोकने का इशारा किया। वाहन की रोशनी में देखा कि तीनों ने उनके पति को गोली मार दी और फरार हो गए। बृहस्पतिवार को कृष्ण कुमार उर्फ झिनकान तिवारी तथा अशोक कुमार त्रिपाठी ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत की अर्जी दी। न्यायाधीश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अर्जी खारिज कर दी।
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बस्ती। जनवरी में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड के एक आरोपित की जमानत याचिका बृहस्पतिवार को अदालत ने खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट सुनील कुमार श्रीवास्तव ने तिहरे हत्याकांड के आरोपित मनीष यादव की जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई की।
शासकीय अधिवक्ता मो. हयात और राघवेंद्र पांडेय ने बताया कि वादी ने तहरीर देकर कहा था कि मनोज कुमार बर्रा, जिला कानपुर का निवासी है। वह एक ट्रक का मालिक है। सहायक चालक सोनू मौर्या, मुख्य चालक राजकुमार गौतम छह जनवरी 2021 को ट्रक पर आलू, प्याज, लहसुन कानपुर से लादकर बिहार के परसौनी गए थे। वहां से नौ जनवरी को सूरज से 43500 रुपये का भाड़ा लेकर वे वापस हो रहे थे। उनके साथ गाड़ी का खलासी मो. असलम भी था। ट्रक के चालक, सहायक चालक और खलासी की छावनी थाने में बदमाशों ने हत्या कर साढ़े छह लाख रुपये लूट लिए थे। इसका मुकदमा थाने में दर्ज कराया गया है। इस मामले में चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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मामले के एक आरोपी मनीष यादव की जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि आरोपितों ने दुस्साहसिक ढंग से घटना को अंजाम दिया है। ऐसे में इनकी जमानत अनुचित है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दिया। दूसरी ओर इसी कोर्ट ने हत्या के एक अन्य मामले में भी दो की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मुकदमा वाल्टरगंज थाने में दर्ज हुआ था। वादी कप्तानगंज थाना क्षेत्र की हरदी निवासी विजय लक्ष्मी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 28 अक्तूबर 2019 को वह अपने पति राम नेवास उर्फ रामराज उर्फ गम्मज के साथ शाम को बाइक से जिला मुख्यालय जा रही थीं।
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ग्राम सुकरौली के निकट शाम साढ़े छह बजे कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ईटहिया गांव निवासी कृष्ण कुमार उर्फ झिनकान तिवारी, अशोक कुमार त्रिपाठी और उमेश कुमार ने पति को गाड़ी रोकने का इशारा किया। वाहन की रोशनी में देखा कि तीनों ने उनके पति को गोली मार दी और फरार हो गए। बृहस्पतिवार को कृष्ण कुमार उर्फ झिनकान तिवारी तथा अशोक कुमार त्रिपाठी ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत की अर्जी दी। न्यायाधीश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अर्जी खारिज कर दी।