{"_id":"63333c79f4ecd97a9650d4eb","slug":"ten-years-imprisonment-for-six-convicts-basti-news-gkp452014646","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह दोषियों को दस-दस साल कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह दोषियों को दस-दस साल कारावास
विज्ञापन
छह दोषियों को दस-दस साल कारावास
बस्ती। सत्र न्यायालय त्वरित प्रथम के न्यायाधीश अनिल कुुमार खरवार की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए छह आरोपियों को दस-दस साल कारावास की सजा सुनाई। हर दोषी पर 8,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इसे अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
जिला अपर फौजदारी शासकीय अधिवक्ता दुर्गा उपाध्याय ने अदालत को बताया कि मामला मुंडेरवा थाना क्षेत्र के कस्बे का है। आरोपी कराह पिठिया के हैं। इसी गांव के गिरिजेश ने मुंडेरवा थाने में तहरीर देकर बताया था कि घटना 10 अक्तूबर 2011 को सुबह हुई थी। उनके पिता मनीराम शर्मा घर से कचहरी मुकदमे की पैरवी में जा रहे थे।
पुरानी रंजिश में पहले से घात लगाए बैठे कराह पिठिया निवासी राम कुमार चौधरी, टिकोरी बेलदार, दुर्विजय बेलदार, राम विजय, श्याम विजय, नरोत्तम चौधरी व भोला चौधरी ने मनीराम पर हमला कर दिया। घटना में मनीराम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मुकदमे के विचाराधीन होने के दौरान अभियुक्त रामकुमार चौधरी की मृत्यु हो गई। आठ गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। सत्र न्यायालय त्वरित प्रथम के न्यायाधीश अनिल कुुमार खरवार की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए छह आरोपियों को दस-दस साल कारावास की सजा सुनाई। हर दोषी पर 8,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इसे अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
जिला अपर फौजदारी शासकीय अधिवक्ता दुर्गा उपाध्याय ने अदालत को बताया कि मामला मुंडेरवा थाना क्षेत्र के कस्बे का है। आरोपी कराह पिठिया के हैं। इसी गांव के गिरिजेश ने मुंडेरवा थाने में तहरीर देकर बताया था कि घटना 10 अक्तूबर 2011 को सुबह हुई थी। उनके पिता मनीराम शर्मा घर से कचहरी मुकदमे की पैरवी में जा रहे थे।
विज्ञापन
पुरानी रंजिश में पहले से घात लगाए बैठे कराह पिठिया निवासी राम कुमार चौधरी, टिकोरी बेलदार, दुर्विजय बेलदार, राम विजय, श्याम विजय, नरोत्तम चौधरी व भोला चौधरी ने मनीराम पर हमला कर दिया। घटना में मनीराम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मुकदमे के विचाराधीन होने के दौरान अभियुक्त रामकुमार चौधरी की मृत्यु हो गई। आठ गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई।
विज्ञापन