{"_id":"6964002374020402d005ac42","slug":"swami-vivekanandas-ideas-will-continue-to-inspire-for-ages-to-come-basti-news-c-207-1-bst1006-151104-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: युगों तक प्रेरणा देते रहेंगे स्वामी विवेकानंद के विचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: युगों तक प्रेरणा देते रहेंगे स्वामी विवेकानंद के विचार
विज्ञापन
बस्ती। स्वामी विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर रविवार को कबीर साहित्य सेवा संस्थान के तत्वावधान में प्रेस क्लब सभागार में साइमन फारूकी के संयोजन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि साहित्यकार डाॅ. वीके वर्मा ने स्वामी विवेकानंद के जीवन वृत्त, योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब देशकई टुकड़ों में विभाजित था, भुखमरी, महामारी से देश के अनेक हिस्से प्रभावित थे, उस समय युवा संन्यासी ने देश को ऊर्जा देने के साथ ही शिकागो के भाषण से विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई। उन्होंने धर्म को जीवन से जोड़ा और मुसीबत में होम्योपैथ की दवा लेकर सेवा करने निकल पड़े। युवा पीढ़ी को ऐसे महान व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए।
अध्यक्षता करते हुए कवि डॉ. राम कृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कहा कि स्वामी विवेकानंद सदा अपने को गरीबों का सेवक कहते थे। देश के गौरव को देश-देशांतरों में उज्ज्वल करने का उन्होंने सदा प्रयत्न किया। इस परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा, अजीत श्रीवास्तव ‘राज’ तौव्वाब अली, डॉ. वाहिद अली सिद्दीकी, टीपी मिश्र, अर्चना श्रीवास्तव, अनुरोध कुमार श्रीवास्तव, सुशील सिंह पथिक आदि ने संबोधित किया। इस दौरान शाद अहमद शाद, अमित कुमार उपाध्याय, राहुल चौहान, सागर गोरखपुरी, चन्द्रमोहन लाल श्रीवास्तव, ओमैसी, सन्तोष श्रीवास्तव, संजीव पाण्डेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य अतिथि साहित्यकार डाॅ. वीके वर्मा ने स्वामी विवेकानंद के जीवन वृत्त, योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब देशकई टुकड़ों में विभाजित था, भुखमरी, महामारी से देश के अनेक हिस्से प्रभावित थे, उस समय युवा संन्यासी ने देश को ऊर्जा देने के साथ ही शिकागो के भाषण से विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई। उन्होंने धर्म को जीवन से जोड़ा और मुसीबत में होम्योपैथ की दवा लेकर सेवा करने निकल पड़े। युवा पीढ़ी को ऐसे महान व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए।
विज्ञापन
अध्यक्षता करते हुए कवि डॉ. राम कृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कहा कि स्वामी विवेकानंद सदा अपने को गरीबों का सेवक कहते थे। देश के गौरव को देश-देशांतरों में उज्ज्वल करने का उन्होंने सदा प्रयत्न किया। इस परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है। अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा, अजीत श्रीवास्तव ‘राज’ तौव्वाब अली, डॉ. वाहिद अली सिद्दीकी, टीपी मिश्र, अर्चना श्रीवास्तव, अनुरोध कुमार श्रीवास्तव, सुशील सिंह पथिक आदि ने संबोधित किया। इस दौरान शाद अहमद शाद, अमित कुमार उपाध्याय, राहुल चौहान, सागर गोरखपुरी, चन्द्रमोहन लाल श्रीवास्तव, ओमैसी, सन्तोष श्रीवास्तव, संजीव पाण्डेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन