फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Such was the joy of the year that fewer people were admitted to the hospital on the first day of the year.

Basti News: ऐसा चढ़ा खुशी का खुमार...साल के पहले दिन अस्पताल में कम आए बीमार

Fri, 02 Jan 2026 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 02 Jan 2026 01:41 AM IST
विज्ञापन
Such was the joy of the year that fewer people were admitted to the hospital on the first day of the year.
जिला अस्तापल की ओपीडी में पसरा सन्नाटा। संवाद
बस्ती। नए साल के पहले दिन बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की चहल-पहल कम दिखी। डॉक्टरों के कक्ष में प्रवेश को लेकर धक्का-मुक्की जैसे हालात भी नहीं थे। डॉक्टरों के कक्ष के बाहर दो-चार मरीज ही देखने को मिले। डॉक्टरों ने मरीजों को इत्मिनान से देखा। बीमारियों के बारे में पूछताछ की।
विज्ञापन

जिला अस्पताल की ओपीडी के बरामदे में सुबह करीब 11:15 बजे 30 से 40 मरीज खड़े दिखे। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी के कक्ष के बाहर भी कम मरीज थे। अन्य दिनों में इनके कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहती थी। अधिकतर वार्ड के बिस्तर खाली थे। चिल्ड्रेन वार्ड में भी सन्नाटा देखने को मिला। इमरजेंसी में जरूर मरीजों की भीड़ थी। तीमारदार अशोक ने बताया कि उनके मरीज को ठंड की वजह से कोल्ड डायरिया हो गया था, अब स्वस्थ है।
विज्ञापन

डॉक्टर से अनुरोध किया कि मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दें, ताकि घर जाकर परिवार वालों के साथ नया साल उत्साह के साथ मना सकूं। डॉक्टर ने कहा है कि चेकअप के बाद ही मरीज को छूट्टी देंगे। सुबह करीब 10:45 बजे धूप निकलने के बाद वार्ड में भर्ती मरीजों में कुछ चेतना आई। क्योंकि करीब 15 दिन से सूर्य देव का दर्शन न होने से मरीजों के साथ उनके तीमारदार भी परेशान थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

भीषण ठंड में हर कोई इधर-उधर सिकुड़ा बैठा दिख रहा था। धूप खिलते ही जैसे मरीजों के जान में जान आ गई थी। बुजुर्ग मरीज सोहन ने बताया कि कड़ाके की ठंड की वजह से मौसमी बीमारी से पीड़ित हैं। हालात गंभीर देख डॉक्टर ने अस्पताल में भर्ती कर लिया है। अब तबीयत में सुधार है।

वार्डों में अब तक नहीं लग पाए हीटर : शीतहर की शुरुआत में एडी हेल्थ ने वार्डों हीटर लगाने का फरमान जारी किया था, मगर अब तक नहीं लग पा रहे हैं। 30 बेड की इमरजेंसी में जरूर दो हीटर लगाए गए हैं, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। जिला ही नहीं, महिला अस्पताल का भी यही हाल है। जिला अस्पताल की अपेक्षा महिला अस्पताल में भर्ती होने वाली मरीजों की संख्या अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed