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राज्य कर्मचारी महांसघ का धरना
अमर उजाला बस्ती
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:49 PM IST
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कलेक्ट्रेट में राज्य कर्मचारियों के धरने को संबोधित करते कर्मचारी नेता हीरालाल चौरसिया।
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प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने मंगलवार को 10 सूत्रीय मांगो को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया।
महासंघ अध्यक्ष सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा कि लगातार 20 दिनों तक विभागों के समक्ष गेट मीटिंग कर लोगों को एकजुट करते हुये सरकार को आगाह किया गया किन्तु जब कोई परिणाम सामने नहीं आया तो धरना देकर चेतावनी दी जा रही है कि यदि इसके बाद भी मांगे न मानी गई तो कर्मचारी आर-पार के संघर्ष को बाध्य होंगे।
महामंत्री शिवशंकर कुमार ने कर्मचारियों का आवाहन किया कि वे अपने अधिकारों के लिये एकजुट रहें। सरकार को आज नहीं तो कल झुकना ही पड़ेगा। लिखित समझौतों के बावजूद मांगो का न माना जाय, कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
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10 सूत्री मांग पत्र में न्यूनतम वेतन रुपया 26 हजार रुपये प्रति माह किया जाए, फिटमेन्ट फार्मूला 2.57 गुना के बजाय 3.70 गुना किये जाने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किये जाने, श्रम सुधारों के नाम पर श्रम कानूनों को कमजोर या खत्म न किये जाने, सेवा काल में पांच प्रोन्नतियां सुनिश्चित किये जाने, सरकारी क्षेत्र में आउट सोर्सिंग, ठेकेदारी और निजीकरण आदि को बंद कर नियमित पदों पर नियमित नियुक्तियां करने, सरकारी क्षेत्र में स्कीम वर्कर के रूप में काम करने वाले कर्मचारियों, आंगनवाडी, आशा बहुओं, रसोइयों, ग्राम पंचायत रोजगार सेवकों आदि को न्यूनतम रुपये 18 हजार रुपये वेतन/मजदूरी देते हुये उन्हें मजदूरी एक्ट के अधीन लाये जाने, पी.आर.डी. जवानों को 60 वर्ष में सेवानिवृत्त किया जाए तथा सरकारी कर्मचारी घोषित किये जाने, आयकर छूट सीमा 7 लाख करने, वार्षिक वेतन वृद्धि की दर 5 प्रतिशत करने, केन्द्रीय कर्मचारियों की मांग के अनुसार पेंशन/पारिवारिक पेन्शन को सुधारे जाने आदि की मांग शामिल है।
धरने को संरक्षक नरेन्द्रदेव मिश्र, सी.पी.लाल, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष रामस्वारथ चौधरी, मंत्री गौरी शंकर के साथ ही अशोक कुमार सिंह, नरसिंह नरायन पाण्डेय, हेरम्ब त्रिपाठी, रामनाथ, सफाईकर्मचारी संघ के अध्यक्ष अतुल कुमार पाण्डेय, मंत्री सोमईराम आजाद, संरक्षक महेन्द्र चौहान, आंगनवाड़ी संघ अध्यक्ष आशा पाण्डेय, रसोईया अध्यक्ष उर्मिला चौधरी, सीटू के का. के.के. तिवारी, एटक के का. अशर्फीलाल, खेमयू के का. वीरेन्द्र प्रताप मिश्र, महासंघ कोषाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, फेडरेशन अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव, भीम सिंह, नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय, राम सुमेर, अजय श्रीवास्तव के साथ ही अनेक कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने सम्बोधित करते हुये कर्मचारी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आयोजित धरने में विश्वम्भरनाथ शर्मा, जयराम यादव, प्रदीप गौतम, असलम अंसारी, राम प्रकाश वर्मा, मो. सलीम, ओम प्रकाश, रमेश चन्द्र, रमाकान्त, रामललित, राधिका सिंह, रंजना त्रिपाठी, अनीता सिंह, दुर्गावती, सोभावती देवी, रानी चौधरी, संध्या पाण्डेय, लक्ष्मी, सुशीला, आर.पी. सिंह, शिवकुमार, समयदीन, अश्विनी दूबे, मधुर नरायन पाण्डेय, हनुमान मिश्र आदि मौजूद रहे।
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महासंघ अध्यक्ष सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा कि लगातार 20 दिनों तक विभागों के समक्ष गेट मीटिंग कर लोगों को एकजुट करते हुये सरकार को आगाह किया गया किन्तु जब कोई परिणाम सामने नहीं आया तो धरना देकर चेतावनी दी जा रही है कि यदि इसके बाद भी मांगे न मानी गई तो कर्मचारी आर-पार के संघर्ष को बाध्य होंगे।
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महामंत्री शिवशंकर कुमार ने कर्मचारियों का आवाहन किया कि वे अपने अधिकारों के लिये एकजुट रहें। सरकार को आज नहीं तो कल झुकना ही पड़ेगा। लिखित समझौतों के बावजूद मांगो का न माना जाय, कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
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10 सूत्री मांग पत्र में न्यूनतम वेतन रुपया 26 हजार रुपये प्रति माह किया जाए, फिटमेन्ट फार्मूला 2.57 गुना के बजाय 3.70 गुना किये जाने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किये जाने, श्रम सुधारों के नाम पर श्रम कानूनों को कमजोर या खत्म न किये जाने, सेवा काल में पांच प्रोन्नतियां सुनिश्चित किये जाने, सरकारी क्षेत्र में आउट सोर्सिंग, ठेकेदारी और निजीकरण आदि को बंद कर नियमित पदों पर नियमित नियुक्तियां करने, सरकारी क्षेत्र में स्कीम वर्कर के रूप में काम करने वाले कर्मचारियों, आंगनवाडी, आशा बहुओं, रसोइयों, ग्राम पंचायत रोजगार सेवकों आदि को न्यूनतम रुपये 18 हजार रुपये वेतन/मजदूरी देते हुये उन्हें मजदूरी एक्ट के अधीन लाये जाने, पी.आर.डी. जवानों को 60 वर्ष में सेवानिवृत्त किया जाए तथा सरकारी कर्मचारी घोषित किये जाने, आयकर छूट सीमा 7 लाख करने, वार्षिक वेतन वृद्धि की दर 5 प्रतिशत करने, केन्द्रीय कर्मचारियों की मांग के अनुसार पेंशन/पारिवारिक पेन्शन को सुधारे जाने आदि की मांग शामिल है।
धरने को संरक्षक नरेन्द्रदेव मिश्र, सी.पी.लाल, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष रामस्वारथ चौधरी, मंत्री गौरी शंकर के साथ ही अशोक कुमार सिंह, नरसिंह नरायन पाण्डेय, हेरम्ब त्रिपाठी, रामनाथ, सफाईकर्मचारी संघ के अध्यक्ष अतुल कुमार पाण्डेय, मंत्री सोमईराम आजाद, संरक्षक महेन्द्र चौहान, आंगनवाड़ी संघ अध्यक्ष आशा पाण्डेय, रसोईया अध्यक्ष उर्मिला चौधरी, सीटू के का. के.के. तिवारी, एटक के का. अशर्फीलाल, खेमयू के का. वीरेन्द्र प्रताप मिश्र, महासंघ कोषाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, फेडरेशन अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव, भीम सिंह, नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय, राम सुमेर, अजय श्रीवास्तव के साथ ही अनेक कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने सम्बोधित करते हुये कर्मचारी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आयोजित धरने में विश्वम्भरनाथ शर्मा, जयराम यादव, प्रदीप गौतम, असलम अंसारी, राम प्रकाश वर्मा, मो. सलीम, ओम प्रकाश, रमेश चन्द्र, रमाकान्त, रामललित, राधिका सिंह, रंजना त्रिपाठी, अनीता सिंह, दुर्गावती, सोभावती देवी, रानी चौधरी, संध्या पाण्डेय, लक्ष्मी, सुशीला, आर.पी. सिंह, शिवकुमार, समयदीन, अश्विनी दूबे, मधुर नरायन पाण्डेय, हनुमान मिश्र आदि मौजूद रहे।