गोरखपुर: सड़क पर मांस के टुकड़े देखकर भड़के श्रद्धालु, जलाई गईं दुकानें
अमोढ़ा कस्बे में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के रास्ते में मांस के टुकडे़ दिखने पर मंगलवार शाम श्रद्धालु भड़क गए। कस्बे की छह मीट की दुकानों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। इसके बाद प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात तक हुआ। छावनी थाने के एसओ रणविजय सिंह की तहरीर पर 500 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
बवाल शाम करीब पांच बजे शुरू हुआ। देवखाल बबुआ गांव की दुर्गा प्रतिमा अमोढ़ा कस्बे से होकर नदी घाट पर विसर्जन के लिए आयोजक ले जा रहे थे। इसमें शामिल लोगों को सड़क पर मांस के टुकडे़ दिखे। सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों से मीट दुकानें बंद न कराने पर कहासुनी शुरू हो गई। कुछ युवक मीट दुकानों में तोड़फोड़ कर जलाने लगे।
इसी बीच किसी ने मांस फेंकने की अफवाह फैला दी। देखते ही देखते भारी भीड़ अमोढ़ा कस्बे में पहुंच गई। लोग धरने पर बैठ गए। मार्ग बाधित होने पर प्रतिमाओं और भीड़ की संख्या बढ़ती गई। मौके पर पहुंचे छावनी के थाना प्रभारी रणविजय सिंह ने समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग सड़क के किनारे स्थित मांस की दुकानों को हटवाने की जिद पर अडे़ रहे।
हालत बिगड़ने की सूचना पर सीओ हर्रैया शिवप्रताप सिंह एवं एसडीएम हर्रैया आशाराम वर्मा पहुंच गए। उन्होंने दुकानों को हटवाने का आश्वासन दिया। सीओ ने अतिरिक्त फोर्स मंगाकर भीड़ को तितर-बितर कराया। दमकल गाड़ियों से आग पर काबू पाया गया।

बस्ती के छावनी थानाक्षेत्र के अमोढ़ा के रामरेखा नदी मे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान विवाद। फोटो : BASTI
एसओ की तहरीर पर 500 अज्ञात के खिलाफ केस
अमोढ़ा कस्बे में मंगलवार की रात प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए बवाल में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। छावनी थानाध्यक्ष रणविजय सिंह की तहरीर पर 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 147, 149, 427, 428, 436, 7 सीएलए एक्ट के तहत मंगलवार देर रात मुकदमा पंजीकृत किया गया।
विसर्जन के दौरान बनाई गई वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। आसपास के गांव के कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है। बवाल में अमोला कस्बे से चतुर्भुजी मंदिर जाने वाले मार्ग तक छह से अधिक दुकानें, फर्नीचर, एक बाइक, दो साइकिलों को आग के हवाले कर दिया गया था।