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बढ़ने लगा सरयू का जलस्तर, ग्रामीणों के होश उड़े
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दुबौलिया क्षेत्र के टकटकवा गांव की ओर बढ़ता बाढ़ का पानी। संवाद
- फोटो : BASTI
बढ़ने लगा सरयू का जलस्तर, ग्रामीणों के होश उड़े
दुबौलिया। सरयू में गिरिजा, शारदा व सरयू बैराज से करीब तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद जनपद के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते देख आसपास के गांवों के लोगों के होश उड़ गए हैं। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार को डीएम प्रियंका निरंजन मौके पर पहुंचीं।
कटरिया चांदपुर बाढ़ चौकी पहुंचीं डीएम ने सुबिखा बाबू गांव के पास बंधे का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि पानी अधिक होने के कारण गांव में नाव से आवागमन होता है। तहसील की ओर से खाद्य सामग्री व राहट किट वितरित की गई है। दुबौलिया सीएचसी के डॉ. मेराज तथा डॉ. राकेश शुक्ला ने डीएम को बताया कि हर हफ्ते नाव से गांव में जाकर लोगों का इलाज करते हैं। डीएम ने कलवारी रामपुर, सैफाबाद कलवारी, गौरा आदि बंधों के बारे में बाढ़ खंड के अवर अभियंता व अन्य कर्मी से जानकारी प्राप्त की। डीएम ने तटबंध से सुविखा बाबू गांव तक सड़क बनवाने के लिए जिला पंचायत को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिए कि गांवों में फागिंग कराएं।
प्रत्येक घर में ओरआरएस घोल व ब्लीचिंग पाउडर का अनिवार्य रूप से वितरण कराएं। उन्होंने पशु चिकित्सक को मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए। डीएम ने विशुनदास की एक बस्ती के पास कटान का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों को बताया कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंचायत भवन के पीछे खाली जमीन पर सभी को आवासीय पट्टा आवंटित किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे वहां आवास बनाकर रहना शुरू करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवंटित जमीन पर सड़क, पार्क व आधुनिक सुविधा मुहैया कराने के लिए कार्य योजना तैयार करें। मौके पर एसडीएम हर्रैया गुलाबचंद्र, सहायक अभियंता बाढ़ हरीशचंद्र, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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तहसीलदार हर्रैया को कारण बताओ नोटिस
डीएम ने ग्राम पंचायत बंजरिया सूबी में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। प्रधान धीरज सिंह ने उन्हें अवगत कराया कि भवन के सामने बंजर जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण करके मवेशी रखे जा रहे हैं। डीएम ने तत्काल अतिक्रमण हटवाने, अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के साथ तहसीलदार हर्रैया को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि तहसीलदार ने इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए पहले अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। उसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। निरीक्षण में पंचायत भवन में फर्नीचर, बिजली कनेक्शन आदि नहीं मिला। उन्होंने प्रधान को निर्देश दिए कि हफ्ते भर में इसे चालू का स्थिति से अवगत कराएं।
सहमे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर बीते सोमवार से तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार देर शाम जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, अभी जलस्तर में इजाफा होने के संकेत मिल रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के आपदा प्रभावित संदलपुर, कल्यानपुर, भरथापुर आदि गांवों के लोग सहम गए हैं। प्रधान जसराज, कमलकांत पांडेय, राधेश्याम पांडेय, राजबहादुर शर्मा आदि ने बताया कि गांव में पानी भरने से सड़न, मच्छरों एवं जहरीले जंतुओं की भरमार है। अभी तक गांव में फागिंग, एंटी लार्वा आदि का छिड़काव नहीं कराया गया है। संवाद
170 बाढ़ पीड़ितों को वितरित की गई राहत सामग्री
विक्रमजोत। क्षेत्र के आपदा प्रभावित कल्यानपुर, भरथापुर व सहजौरा में करीब 170 परिवारों को राहत सामग्री मंगलवार को वितरित की गई। मौके पर लेखपाल कृष्ण मुरारी, गुलजार अहमद, हेमंत पांडेय, अभिषेक शर्मा, अमरनाथ शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
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दुबौलिया। सरयू में गिरिजा, शारदा व सरयू बैराज से करीब तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद जनपद के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते देख आसपास के गांवों के लोगों के होश उड़ गए हैं। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार को डीएम प्रियंका निरंजन मौके पर पहुंचीं।
कटरिया चांदपुर बाढ़ चौकी पहुंचीं डीएम ने सुबिखा बाबू गांव के पास बंधे का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि पानी अधिक होने के कारण गांव में नाव से आवागमन होता है। तहसील की ओर से खाद्य सामग्री व राहट किट वितरित की गई है। दुबौलिया सीएचसी के डॉ. मेराज तथा डॉ. राकेश शुक्ला ने डीएम को बताया कि हर हफ्ते नाव से गांव में जाकर लोगों का इलाज करते हैं। डीएम ने कलवारी रामपुर, सैफाबाद कलवारी, गौरा आदि बंधों के बारे में बाढ़ खंड के अवर अभियंता व अन्य कर्मी से जानकारी प्राप्त की। डीएम ने तटबंध से सुविखा बाबू गांव तक सड़क बनवाने के लिए जिला पंचायत को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिए कि गांवों में फागिंग कराएं।
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प्रत्येक घर में ओरआरएस घोल व ब्लीचिंग पाउडर का अनिवार्य रूप से वितरण कराएं। उन्होंने पशु चिकित्सक को मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए। डीएम ने विशुनदास की एक बस्ती के पास कटान का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों को बताया कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंचायत भवन के पीछे खाली जमीन पर सभी को आवासीय पट्टा आवंटित किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे वहां आवास बनाकर रहना शुरू करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवंटित जमीन पर सड़क, पार्क व आधुनिक सुविधा मुहैया कराने के लिए कार्य योजना तैयार करें। मौके पर एसडीएम हर्रैया गुलाबचंद्र, सहायक अभियंता बाढ़ हरीशचंद्र, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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तहसीलदार हर्रैया को कारण बताओ नोटिस
डीएम ने ग्राम पंचायत बंजरिया सूबी में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। प्रधान धीरज सिंह ने उन्हें अवगत कराया कि भवन के सामने बंजर जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण करके मवेशी रखे जा रहे हैं। डीएम ने तत्काल अतिक्रमण हटवाने, अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के साथ तहसीलदार हर्रैया को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि तहसीलदार ने इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए पहले अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। उसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। निरीक्षण में पंचायत भवन में फर्नीचर, बिजली कनेक्शन आदि नहीं मिला। उन्होंने प्रधान को निर्देश दिए कि हफ्ते भर में इसे चालू का स्थिति से अवगत कराएं।
सहमे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर बीते सोमवार से तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार देर शाम जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, अभी जलस्तर में इजाफा होने के संकेत मिल रहे हैं। जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के आपदा प्रभावित संदलपुर, कल्यानपुर, भरथापुर आदि गांवों के लोग सहम गए हैं। प्रधान जसराज, कमलकांत पांडेय, राधेश्याम पांडेय, राजबहादुर शर्मा आदि ने बताया कि गांव में पानी भरने से सड़न, मच्छरों एवं जहरीले जंतुओं की भरमार है। अभी तक गांव में फागिंग, एंटी लार्वा आदि का छिड़काव नहीं कराया गया है। संवाद
170 बाढ़ पीड़ितों को वितरित की गई राहत सामग्री
विक्रमजोत। क्षेत्र के आपदा प्रभावित कल्यानपुर, भरथापुर व सहजौरा में करीब 170 परिवारों को राहत सामग्री मंगलवार को वितरित की गई। मौके पर लेखपाल कृष्ण मुरारी, गुलजार अहमद, हेमंत पांडेय, अभिषेक शर्मा, अमरनाथ शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद