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Basti News: तबाही का मंजर लेकर फिर लौटी सरयू
Mon, 16 Sep 2024 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 16 Sep 2024 12:12 AM IST
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लाल निशान से 45 सेमी ऊपर पहुंची नदी... दो गांव बाढ़ से घिरे, प्रति घंटे एक सेमी बढ़ रही सरयू
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी तबाही का मंजर लेकर फिर लौट आई है। जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। रविवार को नदी लाल निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। तटवर्ती गांवों की ओर नदी विस्तार रूप ले रही है। जिले के तीन ब्लॉक के दो दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित होने लगे हैं। दुबौलिया क्षेत्र के दो गांव बाढ़ से चौतरफा घिर गए हैं। विक्रमजोत ब्लॉक के एक दर्जन गांवों में दहशत बढ़ गई है। कुदरहा के दो गांव में नागरिकों को कटान की चिंता सता रही है।
पहाड़ों पर लगातार बारिश और विभिन्न बैराजों से बल्क में पानी छोड़े जाने की वजह से सरयू का जलस्तर दो दिनों से बढ़ने लगा है। समीपवर्ती गांवों में नदी का पानी फैल रहा है। अतिसंवेदनशील गांव चौतरफा पानी से घिरे हुए हैं। प्रभावितोंं का आवागमन प्रभावित है। प्रशासन की तरफ से दुबौलिया के सुबिका बाबू और बिशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती में मोटर बोट लगाए गए हैं। इसके जरिये प्रभावितों का तटबंध तक आना-जाना हो रहा है।
दुबौलिया संवाद के अनुसार, सरयू नदी के जलस्तर में प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की वृद्धि हो रही है। 24 घंटे के भीतर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। लाल निशान 92.730 मीटर से 45 सेंटीमीटर ऊपर होकर नदी प्रवाहित हो रही है। नदी का विकराल रूप देख तटवर्ती गांव के लोग सहम गए हैं। सुबिका बाबू और आंशिक टेढ़वा पूरी तरह से मैरुंड हो चुका है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर लेखपालों की टीम कैंप कर रही है। यहां से पल-पल की सूचना उच्चाधिकारियों को दी जा रही है। मैरुंड गांव के लोगों के आवागमन के लिए चार मोटर बोट लगाए गए है। किशुनपुर-मोजपुर रिंगबाध के पास भी पानी पहुंच गया है।
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माझा क्षेत्र के विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती भी चारों तरफ से बाढ़ से घिर गया है। भुअरिया, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई पुरवे, सरवरपुर, बानेपुर, पूरेमोतीराम, देवारागंगबरा के उस पार बसा पुरवा कुर्मीयाना, मोजपुर, बरदिया लोहार ग्राम पंचायत के कई पुरवो के तरफ पानी तेजी से फैल रहा है।अब जलस्तर और बढा तो यह गांव भी जलमग्न हो जाएंगे। बाढ की आशंका से ग्रामीण भयभीत हो गए हैं।
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रविवार को भी बैराजों से छोड़ा गया पानी
रविवार को भी विभिन्न बैराजों से कुल 363675 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गिरिजा बैराज से 164038 क्यूसेक, शारदा बैराज से 190278 क्यूसेक व सरयू बैराज से 9359 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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बढ़ गया पशु चारे का संकट
बाढ प्रभावित गांव सुबिका बाबू व आंशिक टेढ़वा गांव के पशु पालकों के सामने चारे का संकट बढ़ गया है। ग्रामीण पशु चारे के लिए काफी परेशान हैं। राम नाथ, देवीलाल, राम स्वारथ, मिथुन आदि कहते हैं कि पशुओं के चारे के लिए काफी समस्या हो रही है।
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विक्रमजोत क्षेत्र में कटान से दहशत
विक्रमजोत। नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के कई गांवों में कटान शुरू हो गई है। नदी माझा क्षेत्र व तटीय गांवों की कृषि योग्य भूमि को निगलते हुए नदी आबादी की ओर बढ़ रही है। संदलपुर, छतौना माझा, भौसिया, कन्हईपुर, खेमराजपुर, लकड़ी, पकड़ी संग्रामपुर सहित दर्जन भर गांवों में भीषण कटान हो रही है। कृषि योग्य भूमि नदी में समा जा रही है। शनिवार व रविवार को सदलपुर गांव के पास कटान देखकर लोग दहशत में हैं। नदी गांव से सटकर बह रही है। लोगो को अनहोनी की आशंका सता रही है। नेतवर पट्टी के प्रधान के प्रतिनिधि संतोष कुमार शुक्ल ने बताया कि कटान की सूचना बाढ़ खंड को दी गई है। ग्रामीण कटान से अपने आशियाना को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी तबाही का मंजर लेकर फिर लौट आई है। जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। रविवार को नदी लाल निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। तटवर्ती गांवों की ओर नदी विस्तार रूप ले रही है। जिले के तीन ब्लॉक के दो दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित होने लगे हैं। दुबौलिया क्षेत्र के दो गांव बाढ़ से चौतरफा घिर गए हैं। विक्रमजोत ब्लॉक के एक दर्जन गांवों में दहशत बढ़ गई है। कुदरहा के दो गांव में नागरिकों को कटान की चिंता सता रही है।
पहाड़ों पर लगातार बारिश और विभिन्न बैराजों से बल्क में पानी छोड़े जाने की वजह से सरयू का जलस्तर दो दिनों से बढ़ने लगा है। समीपवर्ती गांवों में नदी का पानी फैल रहा है। अतिसंवेदनशील गांव चौतरफा पानी से घिरे हुए हैं। प्रभावितोंं का आवागमन प्रभावित है। प्रशासन की तरफ से दुबौलिया के सुबिका बाबू और बिशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती में मोटर बोट लगाए गए हैं। इसके जरिये प्रभावितों का तटबंध तक आना-जाना हो रहा है।
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दुबौलिया संवाद के अनुसार, सरयू नदी के जलस्तर में प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की वृद्धि हो रही है। 24 घंटे के भीतर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। लाल निशान 92.730 मीटर से 45 सेंटीमीटर ऊपर होकर नदी प्रवाहित हो रही है। नदी का विकराल रूप देख तटवर्ती गांव के लोग सहम गए हैं। सुबिका बाबू और आंशिक टेढ़वा पूरी तरह से मैरुंड हो चुका है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर लेखपालों की टीम कैंप कर रही है। यहां से पल-पल की सूचना उच्चाधिकारियों को दी जा रही है। मैरुंड गांव के लोगों के आवागमन के लिए चार मोटर बोट लगाए गए है। किशुनपुर-मोजपुर रिंगबाध के पास भी पानी पहुंच गया है।
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माझा क्षेत्र के विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती भी चारों तरफ से बाढ़ से घिर गया है। भुअरिया, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई पुरवे, सरवरपुर, बानेपुर, पूरेमोतीराम, देवारागंगबरा के उस पार बसा पुरवा कुर्मीयाना, मोजपुर, बरदिया लोहार ग्राम पंचायत के कई पुरवो के तरफ पानी तेजी से फैल रहा है।अब जलस्तर और बढा तो यह गांव भी जलमग्न हो जाएंगे। बाढ की आशंका से ग्रामीण भयभीत हो गए हैं।
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रविवार को भी बैराजों से छोड़ा गया पानी
रविवार को भी विभिन्न बैराजों से कुल 363675 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गिरिजा बैराज से 164038 क्यूसेक, शारदा बैराज से 190278 क्यूसेक व सरयू बैराज से 9359 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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बढ़ गया पशु चारे का संकट
बाढ प्रभावित गांव सुबिका बाबू व आंशिक टेढ़वा गांव के पशु पालकों के सामने चारे का संकट बढ़ गया है। ग्रामीण पशु चारे के लिए काफी परेशान हैं। राम नाथ, देवीलाल, राम स्वारथ, मिथुन आदि कहते हैं कि पशुओं के चारे के लिए काफी समस्या हो रही है।
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विक्रमजोत क्षेत्र में कटान से दहशत
विक्रमजोत। नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के कई गांवों में कटान शुरू हो गई है। नदी माझा क्षेत्र व तटीय गांवों की कृषि योग्य भूमि को निगलते हुए नदी आबादी की ओर बढ़ रही है। संदलपुर, छतौना माझा, भौसिया, कन्हईपुर, खेमराजपुर, लकड़ी, पकड़ी संग्रामपुर सहित दर्जन भर गांवों में भीषण कटान हो रही है। कृषि योग्य भूमि नदी में समा जा रही है। शनिवार व रविवार को सदलपुर गांव के पास कटान देखकर लोग दहशत में हैं। नदी गांव से सटकर बह रही है। लोगो को अनहोनी की आशंका सता रही है। नेतवर पट्टी के प्रधान के प्रतिनिधि संतोष कुमार शुक्ल ने बताया कि कटान की सूचना बाढ़ खंड को दी गई है। ग्रामीण कटान से अपने आशियाना को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। संवाद