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Basti News: सरयू खतरे के निशान से ऊपर....फिर बाढ़ से घिरा सुविका बाबू गांव
Thu, 18 Sep 2025 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 18 Sep 2025 01:22 AM IST
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विक्रमजोत/दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गया है। बुधवार शाम पांच बजे केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने नदी का जलस्तर 92.740 मीटर रिकॉर्ड किया, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से एक सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी और उतार-चढ़ाव से सरयू के किनारे बसे गांवों में दहशत है।
दुबौलिया ब्लॉक का सुविका बाबू गांव इस सीजन में चौथी बार बाढ़ से घिर गया है। ग्रामीणों को तटबंध तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। लेखपाल अशोक पटेल ने बताया कि पांच नावें आवागमन के लिए लगा दी गई हैं। यदि जलस्तर और बढ़ा तो अयोध्या से मोटरबोट मंगाई जाएंगी। विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती और अशोकपुर गांव के कुछ परवों में भी पानी तेजी से फैल रहा है।
बढ़ते जलस्तर से कटरिया-चांदपुर तटबंध के कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर एक और गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के सामने करीब 300 मीटर दायरे में दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ और कटान से उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। झिनाकाई, दुर्गा प्रसाद और संतोष कुमार ने बताया कि फसलों को भारी नुकसान हुआ है और पशुओं के लिए चारा-पानी का संकट खड़ा हो गया है।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार को विभिन्न बैराजों से 3,19,088 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। गिरिजा बैराज से 1,31,478 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,68,408 क्यूसेक और सरयू बैराज से 19,202 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जेई बाढ़ खंड ने कहा कि सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है और हालात पर नजर बनी हुई है।
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दुबौलिया ब्लॉक का सुविका बाबू गांव इस सीजन में चौथी बार बाढ़ से घिर गया है। ग्रामीणों को तटबंध तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। लेखपाल अशोक पटेल ने बताया कि पांच नावें आवागमन के लिए लगा दी गई हैं। यदि जलस्तर और बढ़ा तो अयोध्या से मोटरबोट मंगाई जाएंगी। विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती और अशोकपुर गांव के कुछ परवों में भी पानी तेजी से फैल रहा है।
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बढ़ते जलस्तर से कटरिया-चांदपुर तटबंध के कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर एक और गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के सामने करीब 300 मीटर दायरे में दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ और कटान से उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। झिनाकाई, दुर्गा प्रसाद और संतोष कुमार ने बताया कि फसलों को भारी नुकसान हुआ है और पशुओं के लिए चारा-पानी का संकट खड़ा हो गया है।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार को विभिन्न बैराजों से 3,19,088 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। गिरिजा बैराज से 1,31,478 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,68,408 क्यूसेक और सरयू बैराज से 19,202 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जेई बाढ़ खंड ने कहा कि सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है और हालात पर नजर बनी हुई है।