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नदी की कटान से खलबली, सेना की जमीन भी जद में
basti
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:51 PM IST
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सरयू की कटान।
- फोटो : amar ujala
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विक्रमजोत। विकासखंड क्षेत्र के सरयू की कटान से आधा दर्जन गांवों में खलबली मच गई है। शनिवार से पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बरसात से जलस्तर बढ़ने लगा है। खेती योग्य जमीन हर दिन कट रही है।
बिना बांध के गांव बाघानाला, कल्याणपुर, भरथापुर, सहजौरा पाठक, केशवपुर, रामनगर, रानीपुर कठवनिया सहित विक्रमजोत कस्बे के नजदीक भारतीय सेना की 12 हेक्टेयर भूभाग पर खतरा मंडराने लगा है। नदी यदि रौद्र रूप अख्तियार की तो इन गांवों में रहने वाली छह हजार की आबादी बेघर हो सकती है।
कम नहीं हो रही है मुसीबत
सरयू नदी रविवार को 53 सेमी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक अप स्ट्रीम में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, लगातार जलस्तर में वृद्धि व कटान से ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं। केशवपुर से लेकर रानीपुर, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चानपुर, संदलपुर, छतौना गांव के पास लगातार कटान कर रही नदी से खेती योग्य भूमि धारा में बहाती जा रही है। पानी बढ़ने से ग्रामीणों की फसल डूबी हुई हैं जिससे पशुओं को चारे का संकट बढ़ा है। सबसे ज्यादा खतरा पशुओं के लिए चारे के प्रबंध में है। क्योंकि नाव ही एक रास्ता है। कल्यानपुर और भरथापुर के लोगों में कटान से इतना भय है कि पहरा लगा रखे हैं।
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लाल निशान से 53 सेमी ऊपर बह रही सरयू नदी
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दुबौलिया के माझा इलाके में खेती योग्य जमीन नदी की धारा काट रही है। रविवार को नदी खतरे के निशान 92:730 से 53 सेंटीमीटर ऊपर 93:260 मीटर पर प्रवाहित रही।
अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर पर दबाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। तटबंध के तीन किलोमीटर के दायरे में लगातार दबाव बना हुआ है। शनिवार की शाम खलवा गांव के पास हल्की-हल्की कटान दो जगहों पर हुई तो रविवार को दबाव के चलते खलवा गांव के पास ठोकर का 10 मीटर नोज और दूसरे ठोकर का पांच मीटर हिस्सा नदी में बह गया। दोपहर करीब एक बजे खलवा गांव के पास ही कटान के चलते बंधे का 20 मीटर लंबा और चार मीटर चौड़ा हिस्सा कट गया। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पर पारा गांव के पास बने ठोकर लगातार बैठ रहे हैं। जहां मरम्मत कार्य जारी है। किशुनपुर मोजपुर रिंग बांध पर एक बार फिर पानी का दबाव बढ़ गया है। टकटकवा रिंगबांध पर भी दबाव बना हुआ है। दलपतपुर गांव के सामने लगातार तेजी कटान हो रही है। कृषि योग्य भूमि काट कर नदी तटबंध की तरफ बढ़ रही है। पूरेमोतीराम गांव के पास रविवार सुबह से ही खेती योग्य भूमि नदी कटान कर रही है। एक माह से पानी से घिरे गांव सुबिखा बाबू, खंजाचीपुर, टेढवा आदि गांव के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। जलस्तर बढ़ने से अशोकपुर के तीन पुरवे बिशुनदासपुर का पुरवा, पाही माफी, बरदिया लोहार, बानेपुर, सरवरपुर आदि गांव के ग्रामीण घुटने पर पानी से होकर आ-जा रहे हैं।
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बिना बांध के गांव बाघानाला, कल्याणपुर, भरथापुर, सहजौरा पाठक, केशवपुर, रामनगर, रानीपुर कठवनिया सहित विक्रमजोत कस्बे के नजदीक भारतीय सेना की 12 हेक्टेयर भूभाग पर खतरा मंडराने लगा है। नदी यदि रौद्र रूप अख्तियार की तो इन गांवों में रहने वाली छह हजार की आबादी बेघर हो सकती है।
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कम नहीं हो रही है मुसीबत
सरयू नदी रविवार को 53 सेमी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक अप स्ट्रीम में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, लगातार जलस्तर में वृद्धि व कटान से ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं। केशवपुर से लेकर रानीपुर, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चानपुर, संदलपुर, छतौना गांव के पास लगातार कटान कर रही नदी से खेती योग्य भूमि धारा में बहाती जा रही है। पानी बढ़ने से ग्रामीणों की फसल डूबी हुई हैं जिससे पशुओं को चारे का संकट बढ़ा है। सबसे ज्यादा खतरा पशुओं के लिए चारे के प्रबंध में है। क्योंकि नाव ही एक रास्ता है। कल्यानपुर और भरथापुर के लोगों में कटान से इतना भय है कि पहरा लगा रखे हैं।
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लाल निशान से 53 सेमी ऊपर बह रही सरयू नदी
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दुबौलिया के माझा इलाके में खेती योग्य जमीन नदी की धारा काट रही है। रविवार को नदी खतरे के निशान 92:730 से 53 सेंटीमीटर ऊपर 93:260 मीटर पर प्रवाहित रही।
अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर पर दबाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। तटबंध के तीन किलोमीटर के दायरे में लगातार दबाव बना हुआ है। शनिवार की शाम खलवा गांव के पास हल्की-हल्की कटान दो जगहों पर हुई तो रविवार को दबाव के चलते खलवा गांव के पास ठोकर का 10 मीटर नोज और दूसरे ठोकर का पांच मीटर हिस्सा नदी में बह गया। दोपहर करीब एक बजे खलवा गांव के पास ही कटान के चलते बंधे का 20 मीटर लंबा और चार मीटर चौड़ा हिस्सा कट गया। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पर पारा गांव के पास बने ठोकर लगातार बैठ रहे हैं। जहां मरम्मत कार्य जारी है। किशुनपुर मोजपुर रिंग बांध पर एक बार फिर पानी का दबाव बढ़ गया है। टकटकवा रिंगबांध पर भी दबाव बना हुआ है। दलपतपुर गांव के सामने लगातार तेजी कटान हो रही है। कृषि योग्य भूमि काट कर नदी तटबंध की तरफ बढ़ रही है। पूरेमोतीराम गांव के पास रविवार सुबह से ही खेती योग्य भूमि नदी कटान कर रही है। एक माह से पानी से घिरे गांव सुबिखा बाबू, खंजाचीपुर, टेढवा आदि गांव के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। जलस्तर बढ़ने से अशोकपुर के तीन पुरवे बिशुनदासपुर का पुरवा, पाही माफी, बरदिया लोहार, बानेपुर, सरवरपुर आदि गांव के ग्रामीण घुटने पर पानी से होकर आ-जा रहे हैं।