{"_id":"60db64ca8ebc3ec1ff08fc87","slug":"river-cut-basti-news-gkp4000279121","type":"story","status":"publish","title_hn":"टकटकवा रिंगबांध के पास कटान हुई तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टकटकवा रिंगबांध के पास कटान हुई तेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टकटकवा रिंगबांध के पास कटान हुई तेज
दुबौलिया। सरयू का जलस्तर घटने के कारण नदी तेजी से कटान कर रही है। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे टकटकवा रिंगबाध के पास नदी भीषण कटान करने लगी।
वर्तमान में नदी की धारा टकटकवा रिंगबाध से सटकर बह रही है। जिससे रिंगबाध पर पानी का दबाव बढ़ गया है। गौरा-सैफाबाद तटबंध के निकट बनाए गए रिवेटमेंट (कटान रोकने के लिए जाली से बांधकर रखे गए पत्थर) तक कटान हो रहा है। रिवेटमेंट का करीब 20 मीटर लंबा व ढाई मीटर चौड़ा बोल्डर का हिस्सा नदी में गिर गया। बाढ़खंड इसे लॉचिंग बता रहा है।
बैरागल ग्राम पंचायत के टकटकवा मजरे पर दो साल से कटान का खतरा मंडरा रहा है। मंगलवार को तहसीलदार चंद्रभूषण प्रताप के नेतृत्व में पहुंची राजस्व टीम ने मजरे के तीन परिवार को बैरागल ग्राम पंचायत के बरवारे पुरवा में जमीन का सीमांकन कर उन्हें बसने की जगह मुहैया करा दी। तहसीलदार ने बताया की मजरे में करीब 19 परिवार हैं नौ परिवारों के पास सुरक्षित स्थान पर जमीन नहीं है लेकिन कटान के मुहाने पर रामजगत, चईतू व जुल्ला का ही घर आया है। तीनों को सात-सात एअर जमीन देकर बसने की जगह दे दी गई।
वहींगौरा-सैफाबाद तटबंध के सामने भनखरपुर गांव के पास खेती की जमीनों पर कटान हो रही है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर ठोकर मरम्मत कार्य चल रहा है। परियोजना के काम में भी तेजी आ रही है। एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया कि सुबह की कटान से रिवेटमेंट की लॉचिंग हुई है। तटबंध पर ठोकरों की मरम्मत का काम चल रहा है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।वहीं केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, मंगलवार को पूरा दिन सरयू का जलस्तर 91.440 मीटर पर स्थित रहा। बुधवार को भी जलस्तर स्थिर रहने की संभावना है। जबकि सोमवार को जलस्तर 91.510 मीटर रिकार्ड किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
दुबौलिया। सरयू का जलस्तर घटने के कारण नदी तेजी से कटान कर रही है। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे टकटकवा रिंगबाध के पास नदी भीषण कटान करने लगी।
वर्तमान में नदी की धारा टकटकवा रिंगबाध से सटकर बह रही है। जिससे रिंगबाध पर पानी का दबाव बढ़ गया है। गौरा-सैफाबाद तटबंध के निकट बनाए गए रिवेटमेंट (कटान रोकने के लिए जाली से बांधकर रखे गए पत्थर) तक कटान हो रहा है। रिवेटमेंट का करीब 20 मीटर लंबा व ढाई मीटर चौड़ा बोल्डर का हिस्सा नदी में गिर गया। बाढ़खंड इसे लॉचिंग बता रहा है।
बैरागल ग्राम पंचायत के टकटकवा मजरे पर दो साल से कटान का खतरा मंडरा रहा है। मंगलवार को तहसीलदार चंद्रभूषण प्रताप के नेतृत्व में पहुंची राजस्व टीम ने मजरे के तीन परिवार को बैरागल ग्राम पंचायत के बरवारे पुरवा में जमीन का सीमांकन कर उन्हें बसने की जगह मुहैया करा दी। तहसीलदार ने बताया की मजरे में करीब 19 परिवार हैं नौ परिवारों के पास सुरक्षित स्थान पर जमीन नहीं है लेकिन कटान के मुहाने पर रामजगत, चईतू व जुल्ला का ही घर आया है। तीनों को सात-सात एअर जमीन देकर बसने की जगह दे दी गई।
विज्ञापन
वहींगौरा-सैफाबाद तटबंध के सामने भनखरपुर गांव के पास खेती की जमीनों पर कटान हो रही है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर ठोकर मरम्मत कार्य चल रहा है। परियोजना के काम में भी तेजी आ रही है। एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया कि सुबह की कटान से रिवेटमेंट की लॉचिंग हुई है। तटबंध पर ठोकरों की मरम्मत का काम चल रहा है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।वहीं केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार, मंगलवार को पूरा दिन सरयू का जलस्तर 91.440 मीटर पर स्थित रहा। बुधवार को भी जलस्तर स्थिर रहने की संभावना है। जबकि सोमवार को जलस्तर 91.510 मीटर रिकार्ड किया गया था।
विज्ञापन