फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Report of Holi samples not received, preparation for adulteration again during Navratri

Basti News: होली के नमूनों की नहीं आई रिपोर्ट, नवरात्र में फिर मिलावट की तैयारी

Sat, 22 Mar 2025 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 22 Mar 2025 11:39 PM IST
विज्ञापन
Report of Holi samples not received, preparation for adulteration again during Navratri
होली त्योहार पर खाद्य सामग्रियों के लिए गए थे 50 से अधिक नमूने
विज्ञापन

सक्रिय हुए धंधेबाज, तिन्नी चावल, कुट्टू का आटा, मूंगफली तेल में मिलावट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। त्योहार के सीजन में सेहत का फिक्र आप खुद करिए। बाजार में नकली एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों की भरमार है। यदि यह सोचकर भरोसा कर लिए कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सक्रिय रहकर जांच में जुटी है तो धोखा खा जाएंगे। क्योंकि विभागीय जांच में नमूनों की रिपोर्ट मिलने का कोई तय समय नहीं है। जांच रिपोर्ट आने में दो से तीन महीने लग जाते है। तब तक बाजार में पहुंचाई गई खाद्य सामग्री बिक कर उपयोग में आ चुकी होती है। बाद में रिपोर्ट अनुकूल नहीं होने की जानकारी पर आप अपनी सेहत सुरक्षित नहीं कर सकते हैं।
होली त्योहार पर मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया, मगर बिक्री पर रोक नहीं लग पाई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम नमकीन, बेसन, आटा, खोआ को ही कुछ मात्रा में सील कर पाई थी। बाकी सामग्रियों की गुणवत्ता खराब प्रतीत होने के बाद भी उसे प्रतिबंधित नहीं किया गया। टीम को जांच के लिए नमूने भरने के बाद लौट जाना पड़ा। अब कार्रवाई आगे बढ़ने की कौन कहे, अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया कि जिन नमूनों को भरा गया था, उसमें कितने फेल हैं। जब तक यह रिपोर्ट आएगी तब तक नमूनों से संबंधित सामग्री बाजार में खप चुकी होगी।
विज्ञापन

इस बार होली के दौरान तेल, मैदा, नमकीन, चिप्स, मसाला, आटा, सूजी, बेसन, मिठाई, खोआ, पनीर, मिठाई आदि के 50 से अधिक नमूने लिए गए हैं। इनमें से एक भी नमूने की रिपोर्ट नहीं आई है। नवरात्र करीब देख धंधेबाज फिर सक्रिय हो गए हैं। फलाहार सामग्रियों में बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल शुरू हो गया है। कानपुर, दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर की मंडियों से तिन्नी के चावल, मूंगफली, कुट्टू का आटा, साबुदाना, रामदाना, बांकड़ा दाल मंगाए जा रहे हैं। जानकार बताते हैं कि तिन्नी के चावल में कंकड़ और उसी तरह के चावल को रंगकर मिला दिया जा रहा है। 50 किलो के बोरे में मिलावट का अनुपात 10 किलो तक है। इसी तरह साबुदाना, रामदाना, कुट्टू के आटा में डस्ट की मिलावट की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

..
छापे के दौरान बच निकलते हैं बड़े धंधेबाज
त्योहारी सीजन में जब छापे की कार्रवाई शुरू होती है तो धंधेबाज बच निकलते हैं। क्योंकि त्योहार से 15 दिन पहले ही धंधेबाज सक्रिय हो जाते हैं। वह अपने गोदामों मेंं मिलावटी खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता बाहर की मंडियों से सुनिश्चित कर लेते हैं। किराना व्यवसायी रामचंद्र ने बताया कि त्योहार को लेकर बड़े दुकानदार 15 दिन पहले से माल बेचना शुरू कर देते हैं। शुरू में रेट डाउन कर दिया जाता है, ताकि अधिक से अधिक माल छोटी दुकानों पर खप जाए। यदि इसी समय बड़े गोदामों पर चेकिंग हो तो हम जैसे छोटे दुकानदार नहीं फंसेंगे। मिलावट की जांच के लिए छोटी दुकानों से नमूने लिए जाते हैं और रिपोर्ट फेल होने पर उन्हीं को दोषी बना दिया जाता है। जबकि असल दोषी इसकी आपूर्ति करने वाले विक्रेता को बनाया जाना चाहिए।
...
खाद्य सामग्रियों में मिलावट की जांच की व्यवस्था तुरंत होनी चाहिए। क्योंकि इसके कई फायदे हैं। पहला तो गुणवत्ता खराब होने पर संबंधित सामग्री सील की जा सकती है। इससे आम लोगों की सेहत पर गलत प्रभाव नहीं पड़ेगा। दूसरा तत्काल कार्रवाई के भय से लोग मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचना बंद कर देंगे। एक तरह से यह विसंगति है कि खाद्य सामग्रियों के नमूनों की रिपोर्ट दो-तीन महीने बाद मिल रही है।

प्रभुनाथ सिंह, स्वास्थ्य सलाहकार
...
होली पर्व पर लगभग 50 से अधिक नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी रिपोर्ट नहीं आई है। मौके पर बरामद बिना मार्का और पंजीकरण वाले खाद्य पदार्थ सील भी किए गए थे। नवरात्र के मद्देनजर भी जांच की जाएगी।
-धर्मराज मिश्र, अभिहित अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed