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Basti News: घर में रहकर कोविड से हुए ठीक, कर रहे ड्यूटी
Tue, 16 May 2023 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 16 May 2023 12:15 AM IST
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बस्ती। स्वास्थ्य विभाग के आईडीएसपी सेल में तैनात एपीडियोमोलॉजिस्ट उमेश कुमार (48) तीसरी बार कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। होम आइसोलेशन में रहकर उमेश ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत अपना इलाज करवाया और अब वह स्वस्थ हो नियमित ड्यूटी कर रहे हैं। इससे पहले भी वह दो बार कोविड पॉजीटिव रह चुके हैं। कोरोना से संक्रमित होने के बाद भी तीनों बार उन्होंने अपनी ड्यूटी बखूबी निभाया। कोविड काल में उनकी सेवाओं को देखते हुए विभाग व अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में आईडीएसपी सेल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। कोविड काल में इसका महत्व और भी बढ़ गया। इसी सेल की ओर से कोविड पॉजिटिव मरीजों से सम्पर्क कर उनकी ट्रैवल हिस्ट्री तैयार करने से लेकर उन्हें फैसिलिटी तक एलॉट की जाती है। मरीजों का सारा आंकड़ा यही विभाग जुटाता है। इस सेल में एपीडियोमोलॉजिस्ट की काफी अहम भूमिका होती है। उमेश कुमार ने बताया कि वह अगस्त 2021 में पहली बार कोविड पॉजिटिव हुए। इसके बाद जनवरी 2022 में एक बार फिर वह संक्रमित हो गए। तीसरी बार 17 अप्रैल 2023 में वह कोविड पॉजिटिव हुए हैं। पहली बार संक्रमित होने के बाद उन्हें लगा था कि अब ड्यूटी करना मुश्किल होगा, लेकिन काम की महत्ता को देखते हुए उन्होंने इलाज के साथ ड्यूटी करने का निर्णय लिया । होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करते रहे और समय-समय पर काम भी करते रहे। बीमारी के कारण किसी भी तरह से काम को प्रभावित नहीं होने दिया। दूसरी और तीसरी बार पॉजिटिव होने के बाद स्थितियां काफी सामान्य थी, इसलिए ड्यूटी को घर में रहकर आसानी से कर सके।
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संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में आईडीएसपी सेल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। कोविड काल में इसका महत्व और भी बढ़ गया। इसी सेल की ओर से कोविड पॉजिटिव मरीजों से सम्पर्क कर उनकी ट्रैवल हिस्ट्री तैयार करने से लेकर उन्हें फैसिलिटी तक एलॉट की जाती है। मरीजों का सारा आंकड़ा यही विभाग जुटाता है। इस सेल में एपीडियोमोलॉजिस्ट की काफी अहम भूमिका होती है। उमेश कुमार ने बताया कि वह अगस्त 2021 में पहली बार कोविड पॉजिटिव हुए। इसके बाद जनवरी 2022 में एक बार फिर वह संक्रमित हो गए। तीसरी बार 17 अप्रैल 2023 में वह कोविड पॉजिटिव हुए हैं। पहली बार संक्रमित होने के बाद उन्हें लगा था कि अब ड्यूटी करना मुश्किल होगा, लेकिन काम की महत्ता को देखते हुए उन्होंने इलाज के साथ ड्यूटी करने का निर्णय लिया । होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करते रहे और समय-समय पर काम भी करते रहे। बीमारी के कारण किसी भी तरह से काम को प्रभावित नहीं होने दिया। दूसरी और तीसरी बार पॉजिटिव होने के बाद स्थितियां काफी सामान्य थी, इसलिए ड्यूटी को घर में रहकर आसानी से कर सके।
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