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एलआईसी में एफडीआई बढ़ाने के विरोध में प्रदर्शन
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एलआईसी में एफडीआई बढ़ाने के विरोध में प्रदर्शन
बस्ती। भारतीय जीवन बीमा निगम में एफडीआई सीमा को 49 से बढ़ाकर 74 फीसदी करने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान अगस्त 2017 से लंबित वेतन वृद्धि समझौता लागू न करने, श्रम कानून में बदलाव करने तथा सरकारी क्षेत्रों के निजीकरण के विरोध में भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों तथा अधिकारियों ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया।
क्लास वन फेडरेशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने संयुक्त मोर्चा के अधिकारियों को संबोधित किया। कहा कि जीवन बीमा निगम अपने 65 वर्ष की शानदार यात्रा में अपने लाभांश का 95% धन पॉलिसी धारकों को देने के बाद अब तक 32 लाख करोड़ की संपदा से राष्ट्र निर्माण में सहयोग कर रहा है। ऐसे में एलआईसी में आईपीओ लाने का निर्णय अदूरदर्शी और राष्ट्र की प्रगति में प्रतिकूल है। इस अवसर पर विकास अधिकारी संगठन के मंत्री देवेंद्र कुमार सक्सेना ने कहा कि एलआईसी में आईपीओ तथा बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करना ठीक नहीं।
मालिकाना हक पर 75 प्रतिशत विदेशी पूंजी वाले संस्थान का अधिकार हो जाएगा जो भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। जीडीआईयू के संयुक्त मंत्री कामरेड अरविंद कुमार ने कहा कि एलआईसी में आईपीओ लाने का निर्णय 42 करोड़ पॉलिसी धारकों के हितों से खिलवाड़ है।
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इस दौरान जितेंद्र सिंह, सरोज चौधरी, आरएन मिश्रा, अनिल मिश्रा, आज्ञाराम, रामकुमार वर्मा, अंकित श्रीवास्तव, कृष्ण गोपाल, रोहित कन्नौजिया, लकी गुप्ता, योगेश कुमार, आरती देवी, प्रमोद सिंह आदि मौजूद रहे।
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बस्ती। भारतीय जीवन बीमा निगम में एफडीआई सीमा को 49 से बढ़ाकर 74 फीसदी करने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान अगस्त 2017 से लंबित वेतन वृद्धि समझौता लागू न करने, श्रम कानून में बदलाव करने तथा सरकारी क्षेत्रों के निजीकरण के विरोध में भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों तथा अधिकारियों ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया।
क्लास वन फेडरेशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने संयुक्त मोर्चा के अधिकारियों को संबोधित किया। कहा कि जीवन बीमा निगम अपने 65 वर्ष की शानदार यात्रा में अपने लाभांश का 95% धन पॉलिसी धारकों को देने के बाद अब तक 32 लाख करोड़ की संपदा से राष्ट्र निर्माण में सहयोग कर रहा है। ऐसे में एलआईसी में आईपीओ लाने का निर्णय अदूरदर्शी और राष्ट्र की प्रगति में प्रतिकूल है। इस अवसर पर विकास अधिकारी संगठन के मंत्री देवेंद्र कुमार सक्सेना ने कहा कि एलआईसी में आईपीओ तथा बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करना ठीक नहीं।
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मालिकाना हक पर 75 प्रतिशत विदेशी पूंजी वाले संस्थान का अधिकार हो जाएगा जो भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। जीडीआईयू के संयुक्त मंत्री कामरेड अरविंद कुमार ने कहा कि एलआईसी में आईपीओ लाने का निर्णय 42 करोड़ पॉलिसी धारकों के हितों से खिलवाड़ है।
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इस दौरान जितेंद्र सिंह, सरोज चौधरी, आरएन मिश्रा, अनिल मिश्रा, आज्ञाराम, रामकुमार वर्मा, अंकित श्रीवास्तव, कृष्ण गोपाल, रोहित कन्नौजिया, लकी गुप्ता, योगेश कुमार, आरती देवी, प्रमोद सिंह आदि मौजूद रहे।