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पुरानी पेंशन : विकास भवन से गरजे हड़ताली कर्मचारी

Thu, 07 Feb 2019 11:07 PM IST
basti Published by: राकेश पांडेय Updated Thu, 07 Feb 2019 11:07 PM IST
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protest for old pension
विकास भवन पर प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : amar ujala
बस्ती। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले दूसरे दिन आवश्यक सेवाओं को छोड़कर हर विभाग में काम प्रभावित रहा। कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि ऐसी स्थिति रही तो आवश्यक सेवाओं के कर्मचारियों को भी हड़ताल में शामिल कर लिया जाएगा।
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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बृहस्पतिवार को भी कर्मचारी, शिक्षक व अधिकारियों ने कामकाज ठप कर दिया। विकास भवन समेत तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी होती रही। वक्ताओं ने सरकार की नीति को कर्मचारी विरोधी करार दिया। विकास भवन परिसर में सभा में मंच के जिलाध्यक्ष मस्तराम वर्मा ने कहा कि सांसद, विधायकों के सामन पुरानी पेंशन बहाल  न कर आंदोलन को कमजोर करने की प्रयास कर रही। संयोजक चंद्रिका सिंह ने कहा कि सभी जगह पठन-पाठन और जनता के कार्य ठप हैं। सरकार को सही सूचना न देकर प्रशासन गुमराह कर रहा है। संघर्ष समिति के चेयरमैन तौलू प्रसाद और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अधार पाल ने कहा कि विकास भवन, रजिस्ट्री, कोषागार, चकबंदी, नलकूप, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी समेत शिक्षक भी आंदोलन में भाग ले रहे हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि पेंशन बहाली तक सभी शिक्षक आंदोलन में शामिल रहेंगे। शिक्षक नेता बालकृष्ण ओझा, डिप्लोमा इंजीनियर सिंचाई संघ के अजय प्रताप सिंह, चतुर्थ श्रेेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रामसूरत यादव, कोषागार के अखिलेश पाठक, संतोष राय, मनोज यादव, अमरनाथ गौतम, अरुणेश पाल, अजय आर्य आदि ने कहा कि कर्मचारी व शिक्षक झुकने को तैयार नहीं हैं। वे हक के लिए आंदोलन पर डटे रहेंगे। इस मौके पर डीएन सिंह, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, राकेश पांडेय, प्रमोद शुक्ल, मुकेश सोनकर, श्याम बिहारी, सुबाष मिश्र, राकेश पांडेय, जलालुद्दीन कुरैशी, सुरेश गौड़, शिवनंदन मिश्र, राजेश गिरी, गौरव सांडियाल, संतोष मिश्र, सुधीर तिवारी, दीपक सिंह प्रेमी आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों के समर्थन में उतरेे रुधौली चेयरमैन
रुधौली। शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर चल रहे धरने में नगर पंचायत चेयरमैन भी पहुंचे। चेयरमैन धीरसेन निषाद ने तहसील अध्यक्ष शिवरतन से मुलाकात कर मांगों का समर्थन किया। कहा कि शासन को पत्र लिखेंगे।
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तहसीलों में हड़ताल का व्यापक असर, लौटे जरूरतमंद

बस्ती। सदर, भानपुर, हर्रैया और रुधौली तहसील क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को हड़ताल का व्यापक असर रहा। तहसील, ब्लॉकों में सभी काम काज ठप रहे। आंदोलनकर्मी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे।       
 सदर ब्लॉक में हड़ताल के चलते जरूरत मंद लोग वापस रहे। कर्मचारी अपने स्थान से बाहर होकर पुरानी पेंशन की मांग के पक्ष में नारेबाजी करते रहे। भानपुर में शिक्षकों, कर्मचारियों ने तहसील परिसर में बैठ कर सरकार पर भडास निकाली। हड़ताल का नेतृत्व कर रहे दुर्गेश यादव ने कहा कि सरकार तानाशाही रुख अपना रही है। शेयर बाजार के हवाले से एनपीएस देकर शोषण कर रही है। कर्मचारी नेता जितेन्द्र अरोरा ने कहा कि हड़ताल तभी समाप्त होगी जब सरकार पुरानी पेंशन बहाल कर देगी। शशि भूषण, रमाकांत वर्मा, बेचन राम, राजेश गौतम, रवि सिंह, प्रताप नरायन सिंह, राजेश द्विवेदी मंजू वर्मा, पावित्री देवी, राज कुमारी, मोनी, अनीता सिंह, प्रमोद पाण्डेय आदि शामिल रहे। सल्टौआ प्रतिनिधि के मुुताबिक शिक्षक व ब्लॉक के कर्मचारी हड़ताल पर रहने से कामकाज ठप रहा। परिषदीय विद्यालयों में भी ताला लटका रहा। बच्चे आए और वापस हो गए। साऊंघाट ब्लॉक के बाहर कर्मचारी प्रदर्शन करते रहे। समस्त एडीओ, ग्राम विकास व ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ सफाई कर्मियों ने भी नारेबाजी की। बीडीओ अरविंद कुमार श्रीवास्तव को कक्ष में जाने नहीं दिया गया। इससे वह बाहर बैठे रहे। दुबौलिया में भी परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई जहां ठप रही, वहीं, ब्लॉक कर्मचारी, सफाईकर्मी संयुक्त रूप से बजरंग बाण चौधरी की अध्यक्षता में प्रदर्शन करते रहे। इस मौके पर राजेश सिंह, सतेंद्र चौधरी, शेषराम दिवाकर, संदीप कुमार, मदन गोपाल, राजेश पाण्डेय, अमित प्रकाश, शारदा आदि मौजूद रहे।  रुधौली में तहसील अध्यक्ष शिवरतन की अध्यक्षता में धरना दिया। पूर्व चेयरमैन ऋतुराज पांडेय आदि के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया। पुरानी पेंशन बहाल करो के नारे लगाते हुए तहसील पहुंचकर धरना दिया गया। इस दौरान अंगद सिंह, कमालुद्दीन, रमेश कुमार विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा, श्री राम, मूलचंद, संजय कुमार यादव, जयजय राम चौधरी, डॉ विजय, लक्ष्मी पांडेय, इंद्रावती, रविंद्र सिंह आदि शामिल रहे।

आंगनबाड़ी भी अड़ीं, लखनऊ कूच की चेतावनी
    
बस्ती। आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन का धरना बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। जिलाध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। मजबूरन लखनऊ कूच किया जाएगा। 

एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि लगातार आंदोलन के बाद भी सरकार हमारी बातें नहीं सुन रही है। मुख्यमंत्री की ओर से 10 हजार रुपये प्रति माह दिए जाने पर सहमति जताई गई थी। लेकिन कोई शासनादेश नहीं जारी किया गया। कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी जाती तो 11 फरवरी को जिले से हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका लखनऊ के लिए कूंच करेंगी। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष प्रभावती देवी, गंगोत्री सिंह, ममता चौधरी, अंजुला मौर्या, राजमती, प्रेमा देवी, रेखा देवी, उषा गुप्ता, उर्मिला देवी, पूनम त्रिपाठी, दुर्गावती, संगीता देवी, सुनीता दूबे, जानकी, वेदमती पांडेय, सावित्री देवी, कमला तिवारी, प्रीति अग्रहरि, सत्यभामा, सुनीता सिंह आदि मौजूद रहीं।
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