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Basti News: स्वाइन फ्लू का प्रकोप, वृद्धा संक्रमित मिली
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जिला अस्पताल का आईसोलेशन वार्ड संवाद
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बस्ती। मौसम में बदलाव के साथ जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज बढ़े हैं। इसी बीच चिलमा बाजार निवासी 60 वर्षीय महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। जिले में अब तक पांच मरीजों में एच-1 एन-1 संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने लक्षण वाले मरीजों की निगरानी और जांच बढ़ा दी है।
चिकित्सकों के अनुसार स्वाइन फ्लू और सामान्य वायरल संक्रमण के कई लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी और सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है। जिला अस्पताल में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि जिले में अब तक पांच मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। सरकारी अस्पतालों में लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संदिग्ध मरीज मिलने पर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। उपचार के लिए अस्पतालों में बेड भी आरक्षित किए गए हैं।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक ओपीडी संचालित हुई, जिसमें 437 मरीजों को परामर्श दिया गया। ईएनटी सर्जन डॉ. एसएस कन्नौजिया ने बताया कि सर्दी-जुकाम के बाद कुछ मरीजों में गले, नाक और कान से संबंधित परेशानी देखने को मिल रही है। फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा के अनुसार सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं, इनमें बुजुर्गों को परेशानी अधिक हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि बच्चों में वायरल बुखार के साथ पेट और गले में संक्रमण की शिकायत मिल रही है। लंबे समय से वायरल लक्षण वाले बच्चों की हिस्ट्री भी देखी जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई स्वाइन फ्लू की जांच
मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई ओपेक चिकित्सालय कैली की माइक्रोबायोलॉजी लैब में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए किट उपलब्ध हो गई है। अब संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच जिले में ही की जा सकेगी। जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर से लिए गए नमूने भी जांच के लिए यहां भेजे जाएंगे। उप प्रधानाचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव ने बताया कि फ्लू जैसे लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच की जाएगी। इससे जांच के लिए बाहर की प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम होगी और रिपोर्ट मिलने में तेजी आएगी।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम और उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। लक्षण वाले मरीजों की जांच कराई जा रही है और अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
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सर्दी-जुकाम वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सांस संबंधी और टीबी जैसे लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग भी तेज की गई है। फ्लू के लक्षण मिलने पर सैंपलिंग कराने के लिए कहा गया है।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
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चिलमा बाजार की 60 वर्षीय महिला में संक्रमण
चिलमा बाजार निवासी 60 वर्षीय महिला में एच-1 एन-1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। सीएमओ कार्यालय के अनुसार महिला को बुखार और पेट में संक्रमण की शिकायत थी। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर घर ले आए। दो दिन बाद फिर बुखार और खांसी की शिकायत हुई तो 27 अगस्त को परिजन उन्हें केजीएमयू, लखनऊ ले गए। फ्लू जैसे लक्षण मिलने पर वहां एच-1 एन-1 की जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। महिला का उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने परिजनों से संपर्क कर एहतियात बरतने की सलाह दी है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि गांव में टीम भेजकर निरोधात्मक कार्रवाई कराई जाएगी।
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चिकित्सकों के अनुसार स्वाइन फ्लू और सामान्य वायरल संक्रमण के कई लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी और सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है। जिला अस्पताल में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि जिले में अब तक पांच मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। सरकारी अस्पतालों में लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संदिग्ध मरीज मिलने पर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। उपचार के लिए अस्पतालों में बेड भी आरक्षित किए गए हैं।
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शुक्रवार को जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक ओपीडी संचालित हुई, जिसमें 437 मरीजों को परामर्श दिया गया। ईएनटी सर्जन डॉ. एसएस कन्नौजिया ने बताया कि सर्दी-जुकाम के बाद कुछ मरीजों में गले, नाक और कान से संबंधित परेशानी देखने को मिल रही है। फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा के अनुसार सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं, इनमें बुजुर्गों को परेशानी अधिक हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि बच्चों में वायरल बुखार के साथ पेट और गले में संक्रमण की शिकायत मिल रही है। लंबे समय से वायरल लक्षण वाले बच्चों की हिस्ट्री भी देखी जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई स्वाइन फ्लू की जांच
मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई ओपेक चिकित्सालय कैली की माइक्रोबायोलॉजी लैब में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए किट उपलब्ध हो गई है। अब संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच जिले में ही की जा सकेगी। जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर से लिए गए नमूने भी जांच के लिए यहां भेजे जाएंगे। उप प्रधानाचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव ने बताया कि फ्लू जैसे लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच की जाएगी। इससे जांच के लिए बाहर की प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम होगी और रिपोर्ट मिलने में तेजी आएगी।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम और उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। लक्षण वाले मरीजों की जांच कराई जा रही है और अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
सर्दी-जुकाम वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सांस संबंधी और टीबी जैसे लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग भी तेज की गई है। फ्लू के लक्षण मिलने पर सैंपलिंग कराने के लिए कहा गया है।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
चिलमा बाजार की 60 वर्षीय महिला में संक्रमण
चिलमा बाजार निवासी 60 वर्षीय महिला में एच-1 एन-1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। सीएमओ कार्यालय के अनुसार महिला को बुखार और पेट में संक्रमण की शिकायत थी। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर घर ले आए। दो दिन बाद फिर बुखार और खांसी की शिकायत हुई तो 27 अगस्त को परिजन उन्हें केजीएमयू, लखनऊ ले गए। फ्लू जैसे लक्षण मिलने पर वहां एच-1 एन-1 की जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। महिला का उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने परिजनों से संपर्क कर एहतियात बरतने की सलाह दी है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि गांव में टीम भेजकर निरोधात्मक कार्रवाई कराई जाएगी।