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27 अस्पतालों में हुई गर्भवती की जांच
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27 अस्पतालों में हुई गर्भवती की जांच
बस्ती। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस का आयोजन मंगलवार को हुआ। महिला अस्पताल सहित जिले की 27 सीएचसी व पीएचसी में गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच के साथ चिकित्सकों ने परामर्श भी दिया। लखनऊ से आए टेक्निकल सपोर्ट यूनिट के सीनियर टेक्निकल स्पेशलिस्ट ने सीएचसी साऊंघाट में इलाज की व्यवस्था देखी।
एसीएमओ आरसीएच डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि कोरोना काल में कुछ समय के लिए आयोजन स्थगित था। अब कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत इसका आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ व शिशु मृत्युदर को न्यूनतम करना है। जांच के लिए एमबीबीएस चिकित्सक को लगाया जाता है। इसमें महिला की हीमोग्लोबीन, शुगर, सिफलिस आदि की जांच की जाती है। यदि कोई महिला हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की कैटगरी की होती है तो उसे इलाज के लिए हॉयर सेंटर रेफर किया जाता है। जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी भी सीएचसी साऊंघाट पहुंचे तथा वहां की व्यवस्था को देखा।
6259 गर्भवती का हुआ पंजीकरण
अप्रैल से जनवरी तक कुल 6259 गर्भवती ने अस्पतालों में पंजीकरण कराया है। पिछले वित्तीय वर्ष सहित इस वित्तीय वर्ष में अब तक पंजीकृत 8467 गर्भवती की दूसरी व तीसरी जांच हो चुकी है। जिला प्रबंधक (एनएचएम) राकेश पांडेय के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में जनवरी तक कुल 868 एचआरपी महिलाओं को चिन्ह्ति किया जा चुका है। 8180 की हीमोग्लोबीन की जांच हुई है। 7658 की एचआईवी जांच, 7086 की शुगर, 7421 की सिफलिस की जांच की जा चुकी है। 78 गर्भवती की अल्ट्रासाउंड जांच भी हुई है।
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बस्ती। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस का आयोजन मंगलवार को हुआ। महिला अस्पताल सहित जिले की 27 सीएचसी व पीएचसी में गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच के साथ चिकित्सकों ने परामर्श भी दिया। लखनऊ से आए टेक्निकल सपोर्ट यूनिट के सीनियर टेक्निकल स्पेशलिस्ट ने सीएचसी साऊंघाट में इलाज की व्यवस्था देखी।
एसीएमओ आरसीएच डॉ. सीके वर्मा ने बताया कि कोरोना काल में कुछ समय के लिए आयोजन स्थगित था। अब कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत इसका आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ व शिशु मृत्युदर को न्यूनतम करना है। जांच के लिए एमबीबीएस चिकित्सक को लगाया जाता है। इसमें महिला की हीमोग्लोबीन, शुगर, सिफलिस आदि की जांच की जाती है। यदि कोई महिला हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की कैटगरी की होती है तो उसे इलाज के लिए हॉयर सेंटर रेफर किया जाता है। जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी भी सीएचसी साऊंघाट पहुंचे तथा वहां की व्यवस्था को देखा।
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6259 गर्भवती का हुआ पंजीकरण
अप्रैल से जनवरी तक कुल 6259 गर्भवती ने अस्पतालों में पंजीकरण कराया है। पिछले वित्तीय वर्ष सहित इस वित्तीय वर्ष में अब तक पंजीकृत 8467 गर्भवती की दूसरी व तीसरी जांच हो चुकी है। जिला प्रबंधक (एनएचएम) राकेश पांडेय के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में जनवरी तक कुल 868 एचआरपी महिलाओं को चिन्ह्ति किया जा चुका है। 8180 की हीमोग्लोबीन की जांच हुई है। 7658 की एचआईवी जांच, 7086 की शुगर, 7421 की सिफलिस की जांच की जा चुकी है। 78 गर्भवती की अल्ट्रासाउंड जांच भी हुई है।
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