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चुनावी मोड में आ रही पुलिस,शुरू होगी पाबंद करने की प्रक्रिया
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चुनावी मोड में आ रही पुलिस, शुरू होगी पाबंद करने की प्रक्रिया
तीनों जिले के एसपी को इसकी कार्रवाई शुरू करने की नसीहत
चुनाव की घोषणा से पहले होमवर्क पूरा कर लेना चाहती है पुलिस
बस्ती। विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस ने प्राथमिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आईजी ने असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के निर्देश दे दिए हैं। रेंज के तीनों जनपदों के एसपी से घंटों इसे लेकर मंत्रणा भी हुई। माना जा रहा है अब बड़े पैमाने पर पाबंद करने की कार्रवाई शुरू होगी। क्योंकि चुनाव की घोषणा से पहले पुलिस अपना होमवर्क पूरा कर लेना चाहती है।
पिछले विधानसभा चुनाव और 2019 में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में करीब 16 हजार लोगों को पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत पाबंद किया था। इनमें ज्यादातर के विरुद्ध जाब्ता फौजदारी, शांतिभंग की आशंका, निषेधाज्ञा के तहत पाबंद करने के अलावा आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों, हिस्ट्रीशीटरों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके पीछे पुलिस का मकसद था कि मतदान व चुनाव प्रचार के दौरान कोई हिंसक वारदात न होने पाए। साथ ही मतदाताओं पर कोई जोर-जबरदस्ती न कर सके।
ऐसे में एक बार फिर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। हालांकि इसका खाका तैयार किया जाना बाकी है, लेकिन मंगलवार को आईजी राजेश मोडक ने रेंज के समस्त पुलिस अधीक्षकों को इसे लेकर कार्रवाई शुरू करने के लिए निर्देशित करके संकेत दे दिए हैं कि इसमें ज्यादा देर करना मुनासिब नहीं है।
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आईजी ने स्पष्ट कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विवादास्पद और आपराधिक प्रवित्ति के लोगों के खिलाफ प्रभावी तरीके से निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। माना जा रहा है कि एसपी बस्ती आशीष श्रीवास्तव, एसपी संतकबीरनगर डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिद्धार्थनगर डॉ. यशवीर सिंह की मौजूदगी में इस निर्देश का जल्द असर दिखने वाला है।
‘अपराधियों की बनाई जाएगी कुंडली’
आईजी राजेश मोडक का कहना है कि अब विधानसभा चुनाव में ज्यादा देर नहीं है। इसलिए पुलिस को अपना होमवर्क शुरू कर देना चाहिए। इसकी पहली कड़ी में असामाजिक तत्वों की पहचान और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पिछले तीन वर्षों में गंभीर घटनाओं में लिप्त रहे अपराधियों की अलग से कुंडली निकाली जाएगी। वांछित/फरार आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार करने का अभियान चलाया जाएगा।
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तीनों जिले के एसपी को इसकी कार्रवाई शुरू करने की नसीहत
चुनाव की घोषणा से पहले होमवर्क पूरा कर लेना चाहती है पुलिस
बस्ती। विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस ने प्राथमिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आईजी ने असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के निर्देश दे दिए हैं। रेंज के तीनों जनपदों के एसपी से घंटों इसे लेकर मंत्रणा भी हुई। माना जा रहा है अब बड़े पैमाने पर पाबंद करने की कार्रवाई शुरू होगी। क्योंकि चुनाव की घोषणा से पहले पुलिस अपना होमवर्क पूरा कर लेना चाहती है।
पिछले विधानसभा चुनाव और 2019 में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में करीब 16 हजार लोगों को पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत पाबंद किया था। इनमें ज्यादातर के विरुद्ध जाब्ता फौजदारी, शांतिभंग की आशंका, निषेधाज्ञा के तहत पाबंद करने के अलावा आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों, हिस्ट्रीशीटरों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके पीछे पुलिस का मकसद था कि मतदान व चुनाव प्रचार के दौरान कोई हिंसक वारदात न होने पाए। साथ ही मतदाताओं पर कोई जोर-जबरदस्ती न कर सके।
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ऐसे में एक बार फिर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गई है। हालांकि इसका खाका तैयार किया जाना बाकी है, लेकिन मंगलवार को आईजी राजेश मोडक ने रेंज के समस्त पुलिस अधीक्षकों को इसे लेकर कार्रवाई शुरू करने के लिए निर्देशित करके संकेत दे दिए हैं कि इसमें ज्यादा देर करना मुनासिब नहीं है।
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आईजी ने स्पष्ट कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विवादास्पद और आपराधिक प्रवित्ति के लोगों के खिलाफ प्रभावी तरीके से निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। माना जा रहा है कि एसपी बस्ती आशीष श्रीवास्तव, एसपी संतकबीरनगर डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिद्धार्थनगर डॉ. यशवीर सिंह की मौजूदगी में इस निर्देश का जल्द असर दिखने वाला है।
‘अपराधियों की बनाई जाएगी कुंडली’
आईजी राजेश मोडक का कहना है कि अब विधानसभा चुनाव में ज्यादा देर नहीं है। इसलिए पुलिस को अपना होमवर्क शुरू कर देना चाहिए। इसकी पहली कड़ी में असामाजिक तत्वों की पहचान और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पिछले तीन वर्षों में गंभीर घटनाओं में लिप्त रहे अपराधियों की अलग से कुंडली निकाली जाएगी। वांछित/फरार आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार करने का अभियान चलाया जाएगा।