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मौत के दो साल बाद पिनेसर के हरिद्वार ने किया मनरेगा में काम
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मौत के दो साल बाद पिनेसर के हरिद्वार ने किया मनरेगा में काम
महराजगंज (बस्ती)। ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों को रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला, कप्तानगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत पिनेसर से जुड़ा है। जहां जीवित श्रमिकों को काम देने के बजाय मृतक के नाम मस्टररोल निकाला जा रहा है। मामला तब खुला जब गांव के ही शिववंश पांडेय ने डीएम प्रियंका निरंजन से मामले की शिकायत की।
ब्लॉक से जारी मृतक प्रमाण पत्र के अनुसार, पिनेसर निवासी हरिद्वार का निधन 19 दिसंबर 2019 को हो गया था। वे ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत मजदूरी करते थे। निधन के बाद भी उनके नाम से मस्टररोल निर्गत होता रहा। अप्रैल 2022 में मस्टररोल संख्या 765 ब्लॉक से निर्गत किया गया और ग्राम पंचायत में पेंदा सरहद से लाल बहादुर के खेत की पुलिया तक नहर सफाई कार्य कराया गया। यह कार्य नौ से 22 मई तक चला और इसमें मृतक ने 14 दिन मजदूरी किया जिसके एवज में उसके बैंक खाते में 2982 रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। बीडीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
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प्रधान और सचिव एक दूसरे पर लगा रहे आरोप
मामले में प्रधान और सचिव एक दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। प्रधान सालिकराम ने बताया कि मस्टररोल निकालना और रुपये भेजने का काम सचिव करते हैं। जबकि सचिव नीरज कुमार ने बताया कि प्रधान ने मुझे गुमराह करके हरिद्वार के नाम मस्टररोल बनवाया और बैंक खाते में भुगतान भी कराया।
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महराजगंज (बस्ती)। ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों को रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला, कप्तानगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत पिनेसर से जुड़ा है। जहां जीवित श्रमिकों को काम देने के बजाय मृतक के नाम मस्टररोल निकाला जा रहा है। मामला तब खुला जब गांव के ही शिववंश पांडेय ने डीएम प्रियंका निरंजन से मामले की शिकायत की।
ब्लॉक से जारी मृतक प्रमाण पत्र के अनुसार, पिनेसर निवासी हरिद्वार का निधन 19 दिसंबर 2019 को हो गया था। वे ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत मजदूरी करते थे। निधन के बाद भी उनके नाम से मस्टररोल निर्गत होता रहा। अप्रैल 2022 में मस्टररोल संख्या 765 ब्लॉक से निर्गत किया गया और ग्राम पंचायत में पेंदा सरहद से लाल बहादुर के खेत की पुलिया तक नहर सफाई कार्य कराया गया। यह कार्य नौ से 22 मई तक चला और इसमें मृतक ने 14 दिन मजदूरी किया जिसके एवज में उसके बैंक खाते में 2982 रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। बीडीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
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प्रधान और सचिव एक दूसरे पर लगा रहे आरोप
मामले में प्रधान और सचिव एक दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। प्रधान सालिकराम ने बताया कि मस्टररोल निकालना और रुपये भेजने का काम सचिव करते हैं। जबकि सचिव नीरज कुमार ने बताया कि प्रधान ने मुझे गुमराह करके हरिद्वार के नाम मस्टररोल बनवाया और बैंक खाते में भुगतान भी कराया।
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