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ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा आशिक मिजाज दरोगा
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दुबौलिया थाने में तैनात दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी को ऊंजी गांव में ग्रामीणों ने बनाया बंधक।
- फोटो : BASTI
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ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा आशिक मिजाज दरोगा
दुबौलिया (बस्ती)। थानाक्षेत्र के ऊंजी मुस्तहकम गांव में बुधवार रात को आशिक मिजाज दरोगा की पिटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों से घिरने के बाद दरोगा ने सर्विस रिवाल्वर से फायर कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और खंभे में बांधकर जमकर पिटाई की। सूचना पर मौके पर थाने की पुलिस पहुंची और रस्सी से बंधे दरोगा को छुड़ाकर थाने ले गई। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी को गांव में भेजा गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि दुबौलिया थाने के हल्का नंबर चार में तैनात दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी चिलमा बाजार में कमरा लेकर रहते हैं। आरोप है कि गांव के एक परिवार में उसका अक्सर रात के वक्त आना-जाना था। बुधवार रात गांव के बाहर जूनियर हाईस्कूल के पास दरोगा की पल्सर बाइक किसी ने देख ली। यह बात गांव के कुछ लोगों को पता चल गई और लोग उसका इंतजार करने लगे। रात करीब तीन बजे दरोगा पहुंचा तो खुद को ग्रामीणों से घिरा देखकर घबरा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उसने सर्विस रिवाल्वर से दो फायर कर दिया। इससे नाराज होकर लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। सूचना पाकर मौके पर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार त्रिपाठी फोर्स पहुंचे और दरोगा को इलाज के लिए भिजवाया। समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि दरोगा किससे मिलने गया था। किसी ने इसकी लिखित शिकायत नहीं की है। हालांकि बर्खास्त हो चुके दरोगा दीपक सिंह का प्रकरण ठंडा नहीं पड़ा था कि दुबौलिया का यह नया मामला सुर्खियों में आ गया।
निलंबित दरोगा पर मुकदमा दर्ज
दुबौलिया। ऊंजी मुस्हकम गांव के संग्राम सिंह की तहरीर पर दरोगा अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ हत्या का प्रयास, जान से मारने की धमकी व अपशब्द कहने का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना चौकी इंचार्ज संदीप यादव को सौंपी गई है।
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तहरीर में आरोप लगाया गया है कि रात करीब 10 बजे गांव के बाहर स्थित जूनियर हाईस्कूल विद्यालय पर अज्ञात पल्सर बाइक खड़ी थी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बाइक को गांव के एक व्यक्ति के यहां रखवा दिया, लेकिन वह और गांव के कुछ अन्य लोग अज्ञात व्यक्ति को पहचानने के लिए विद्यालय के बगल बैठे रहे। सुबह करीब 3:20 पर एक व्यक्ति चेहरे पर गमछा लपेटे आता दिखाई पड़ा। रोककर पूछे जाने पर अपशब्द कहते हुए फायर कर दिया। गोली की आवाज सुनकर गांव के सैकड़ों लोग आ गए और उसे दबोच कर बैठा लिया। गमछा हटाने पर दुबौलिया थाने के दरोगा अशोक चतुर्वेदी के रूप में पहचान हुई। वहीं घायल एसआई को इलाज के लिए सीएचसी दुबौलिया भेजा गया, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल भेज दिया।
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दुबौलिया (बस्ती)। थानाक्षेत्र के ऊंजी मुस्तहकम गांव में बुधवार रात को आशिक मिजाज दरोगा की पिटाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों से घिरने के बाद दरोगा ने सर्विस रिवाल्वर से फायर कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और खंभे में बांधकर जमकर पिटाई की। सूचना पर मौके पर थाने की पुलिस पहुंची और रस्सी से बंधे दरोगा को छुड़ाकर थाने ले गई। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी को गांव में भेजा गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि दुबौलिया थाने के हल्का नंबर चार में तैनात दरोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी चिलमा बाजार में कमरा लेकर रहते हैं। आरोप है कि गांव के एक परिवार में उसका अक्सर रात के वक्त आना-जाना था। बुधवार रात गांव के बाहर जूनियर हाईस्कूल के पास दरोगा की पल्सर बाइक किसी ने देख ली। यह बात गांव के कुछ लोगों को पता चल गई और लोग उसका इंतजार करने लगे। रात करीब तीन बजे दरोगा पहुंचा तो खुद को ग्रामीणों से घिरा देखकर घबरा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उसने सर्विस रिवाल्वर से दो फायर कर दिया। इससे नाराज होकर लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। सूचना पाकर मौके पर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार त्रिपाठी फोर्स पहुंचे और दरोगा को इलाज के लिए भिजवाया। समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि दरोगा किससे मिलने गया था। किसी ने इसकी लिखित शिकायत नहीं की है। हालांकि बर्खास्त हो चुके दरोगा दीपक सिंह का प्रकरण ठंडा नहीं पड़ा था कि दुबौलिया का यह नया मामला सुर्खियों में आ गया।
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निलंबित दरोगा पर मुकदमा दर्ज
दुबौलिया। ऊंजी मुस्हकम गांव के संग्राम सिंह की तहरीर पर दरोगा अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ हत्या का प्रयास, जान से मारने की धमकी व अपशब्द कहने का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना चौकी इंचार्ज संदीप यादव को सौंपी गई है।
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तहरीर में आरोप लगाया गया है कि रात करीब 10 बजे गांव के बाहर स्थित जूनियर हाईस्कूल विद्यालय पर अज्ञात पल्सर बाइक खड़ी थी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बाइक को गांव के एक व्यक्ति के यहां रखवा दिया, लेकिन वह और गांव के कुछ अन्य लोग अज्ञात व्यक्ति को पहचानने के लिए विद्यालय के बगल बैठे रहे। सुबह करीब 3:20 पर एक व्यक्ति चेहरे पर गमछा लपेटे आता दिखाई पड़ा। रोककर पूछे जाने पर अपशब्द कहते हुए फायर कर दिया। गोली की आवाज सुनकर गांव के सैकड़ों लोग आ गए और उसे दबोच कर बैठा लिया। गमछा हटाने पर दुबौलिया थाने के दरोगा अशोक चतुर्वेदी के रूप में पहचान हुई। वहीं घायल एसआई को इलाज के लिए सीएचसी दुबौलिया भेजा गया, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल भेज दिया।