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Basti News: मानदेय के लिए पंचायत सहायकों ने दिया धरना
Tue, 02 Jun 2026 01:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:36 AM IST
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बस्ती। जिले के ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सहायकों ने सोमवार को बकाया मानदेय, नियमितीकरण सहित कई लंबित मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिवों के प्रशासनिक कार्यों में सहयोग के लिए पंचायत सहायकों की संविदा पर नियुक्ति की गई है। इनका मुख्य कार्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करना है। इन संविदा कर्मचारियों को वर्तमान में प्रतिमाह 6,000 रुपये का मानदेय मिलता है। पंचायत सहायकों का आरोप है कि उन्हें उनके मूल कार्य के अतिरिक्त अन्य सरकारी विभागों के कार्यों में भी लगाया जाता है, जिसके लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता। उन्हें केवल 6,000 रुपये का मानदेय दिया जाता है, जो वर्तमान महंगाई में परिवार का भरण-पोषण करने के लिए अपर्याप्त है। प्रदर्शन में शामिल पंचायत सहायकों ने बताया कि उन्हें अक्सर महीनों तक मानदेय नहीं मिलता, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ जाती हैं। छह माह से मानदेय बकाया है। उन्होंने मानदेय में बढ़ोतरी, कार्यों के लिए एक स्पष्ट नियमावली और मानदेय भुगतान के लिए पारदर्शी पोर्टल व्यवस्था लागू करने की मांग की।
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ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिवों के प्रशासनिक कार्यों में सहयोग के लिए पंचायत सहायकों की संविदा पर नियुक्ति की गई है। इनका मुख्य कार्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करना है। इन संविदा कर्मचारियों को वर्तमान में प्रतिमाह 6,000 रुपये का मानदेय मिलता है। पंचायत सहायकों का आरोप है कि उन्हें उनके मूल कार्य के अतिरिक्त अन्य सरकारी विभागों के कार्यों में भी लगाया जाता है, जिसके लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता। उन्हें केवल 6,000 रुपये का मानदेय दिया जाता है, जो वर्तमान महंगाई में परिवार का भरण-पोषण करने के लिए अपर्याप्त है। प्रदर्शन में शामिल पंचायत सहायकों ने बताया कि उन्हें अक्सर महीनों तक मानदेय नहीं मिलता, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ जाती हैं। छह माह से मानदेय बकाया है। उन्होंने मानदेय में बढ़ोतरी, कार्यों के लिए एक स्पष्ट नियमावली और मानदेय भुगतान के लिए पारदर्शी पोर्टल व्यवस्था लागू करने की मांग की।
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