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Basti News: अधिकारी दावे करने में व्यस्त... छुट्टा पशु हर जगह
Tue, 19 Dec 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 19 Dec 2023 01:02 AM IST
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- एक जनवरी तक खुले में घूम रहे मवेशियों को पकड़कर करना है संरक्षित
- मौजूदा हालत देखकर नहीं लगता कि 31 दिसंबर तक दूर हो जाएगी समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। एक जनवरी तक सड़कों, चौराहों व खेतों में घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़कर गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित करना है। इसके लिए शासन के निर्देश पर जिलेभर में गो संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। आधे से अधिक दिसंबर बीत चुका है। मगर, इस अभियान का असर शहर, सड़क व गांव तक में देखने को नहीं मिल रहा है। जबकि समीक्षा बैठकों में अधिकारी दावा कर रहे हैं कि बड़ी संख्या में मवेशियों को गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित किया गया है।
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में कई जगह छुट्टा पशु बाधा बन रहे हैं। फिलहाल जो स्थिति है, उसके हिसाब से लगता नहीं है कि एक जनवरी से छुट्टा मवेशी सड़क पर नजर नहीं आएंगे। स्थिति यह है कि नगर पालिका के पास छुट्टा पशुओं की कोई गणना ही नहीं है। सोमवार को शहर के तिरंगा चौराहा, प्रेस क्लब, कंपनी बाग, फव्वारा चौराहा, रौता, गांधीनगर, रोडवेज, दक्षिण दरवाजा, जिला अस्पताल, स्टेशन परिसर, पांडेय बाजार, मंगलबाजार में छुट्टा पशु घूमते हुए पाए गए।
हाईवे पर भी छुट्टा पशु खुलेआम घूम रहे हैं। सात दिसंबर को आयोजित बैठक में डीएम अंद्रा वामसी निर्देश दे चुके हैं कि अभियान चलाकर हाईवे सीमा से छुट्टा पशु हटाए जाएं। कमोवेश, यही हाल जिले के नगर निकायों में भी है। बनकटी, बभनान, हर्रैया, कप्तानगंज, नगर बाजार, मुंडेरवा, गायघाट आदि निकायों में भी समस्या बनी हुई है।
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ग्रामीण इलाकों में फसलें कर रहे खराब
छुट्टा पशु हर ओर संकट बने हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति यह है कि छुट्टा पशु कुछ ही घंटे में खड़ी फसल को तबाह कर दे रहे हैं। झुंड में चलने वाले इन छुट्टा पशुओ को यदि किसान खेतों से हटाने का प्रयास करता है तो हिंसक हो जाते हैं। मुंडेरवा के किसान राम स्वारथ चौधरी बताते हैं कि हर महीने भाकियू की तरफ से चारों तहसीलों में एसडीएम को ज्ञापन देकर छुट्टा पशुआं को पकड़वाने की अपील की जाती है। इसके बाद भी कार्रवाई न होना चिंताजनक है।
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- मौजूदा हालत देखकर नहीं लगता कि 31 दिसंबर तक दूर हो जाएगी समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। एक जनवरी तक सड़कों, चौराहों व खेतों में घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़कर गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित करना है। इसके लिए शासन के निर्देश पर जिलेभर में गो संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। आधे से अधिक दिसंबर बीत चुका है। मगर, इस अभियान का असर शहर, सड़क व गांव तक में देखने को नहीं मिल रहा है। जबकि समीक्षा बैठकों में अधिकारी दावा कर रहे हैं कि बड़ी संख्या में मवेशियों को गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित किया गया है।
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में कई जगह छुट्टा पशु बाधा बन रहे हैं। फिलहाल जो स्थिति है, उसके हिसाब से लगता नहीं है कि एक जनवरी से छुट्टा मवेशी सड़क पर नजर नहीं आएंगे। स्थिति यह है कि नगर पालिका के पास छुट्टा पशुओं की कोई गणना ही नहीं है। सोमवार को शहर के तिरंगा चौराहा, प्रेस क्लब, कंपनी बाग, फव्वारा चौराहा, रौता, गांधीनगर, रोडवेज, दक्षिण दरवाजा, जिला अस्पताल, स्टेशन परिसर, पांडेय बाजार, मंगलबाजार में छुट्टा पशु घूमते हुए पाए गए।
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हाईवे पर भी छुट्टा पशु खुलेआम घूम रहे हैं। सात दिसंबर को आयोजित बैठक में डीएम अंद्रा वामसी निर्देश दे चुके हैं कि अभियान चलाकर हाईवे सीमा से छुट्टा पशु हटाए जाएं। कमोवेश, यही हाल जिले के नगर निकायों में भी है। बनकटी, बभनान, हर्रैया, कप्तानगंज, नगर बाजार, मुंडेरवा, गायघाट आदि निकायों में भी समस्या बनी हुई है।
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ग्रामीण इलाकों में फसलें कर रहे खराब
छुट्टा पशु हर ओर संकट बने हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति यह है कि छुट्टा पशु कुछ ही घंटे में खड़ी फसल को तबाह कर दे रहे हैं। झुंड में चलने वाले इन छुट्टा पशुओ को यदि किसान खेतों से हटाने का प्रयास करता है तो हिंसक हो जाते हैं। मुंडेरवा के किसान राम स्वारथ चौधरी बताते हैं कि हर महीने भाकियू की तरफ से चारों तहसीलों में एसडीएम को ज्ञापन देकर छुट्टा पशुआं को पकड़वाने की अपील की जाती है। इसके बाद भी कार्रवाई न होना चिंताजनक है।