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1.30 करोड़ की निविदा, फिर भी भीग रहे यात्री
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1.30 करोड़ की निविदा, फिर भी भीग रहे यात्री
बस्ती। पूर्वोत्तर रेलवे का प्रमुख स्टेशन होने के बावजूद बरसात में यहां यात्री भीग कर ट्रेन पकड़ने को मजबूर हो रहे हैं। यह स्थिति यात्री छाजन के जर्जर होने के कारण है। यह अलग बात है कि रेल प्रशासन ने यहां से भेजे गए 1.30 करोड़ के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। निविदा की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है, मगर धनाभाव के चलते कार्य नहीं हो पा रहा है।
यहां के तीन प्लेटफार्मों के यात्री छाजन जगह-जगह टूट गए हैं और उन बड़े-बड़े छेद से बरसात में अपने आपको बचा पाना यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जबकि इस स्टेशन ने जिले व आसपास के जिलों के तकरीबन 15 हजार यात्री रोजाना महानगरों से लेकर आसपास के महत्वपूर्ण जगहों की यात्रा करते हैं।
लंबे समय से परेशानी झेल रहे यात्रियों व यात्री सलाहकार समितियों के सदस्यों ने इस समस्या को स्टेशन पर आए उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया तो पूर्वोत्तर रेलवे के वर्क डिवीजन ने स्टेशन के तीन प्लेटफार्मों पर यात्री छाजन दुरुस्त करवाने के लिए साल भर पहले एक करोड़ तीस लाख रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा था। मुख्यालय ने स्वीकृति दे दी और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई। लेकिन, धन न जारी हो पाने के कारण यात्री छाजन नहीं दुरुस्त किए जा सके। लिहाजा यात्री बरसात में भीग कर ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हो रहे हैं।
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पूरी हो गई है प्रक्रिया, जल्द शुरू होगा काम
एनईआर के सेक्शन इंजीनियर हीरामन प्रसाद ने बताया कि यात्री छाजन की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही इसके सुधार के लिए काम चालू कर दिया जाएगा। धन की मांग की गई थी, जिसे रेल प्रबंधन ने देने की बात कही है।
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बस्ती। पूर्वोत्तर रेलवे का प्रमुख स्टेशन होने के बावजूद बरसात में यहां यात्री भीग कर ट्रेन पकड़ने को मजबूर हो रहे हैं। यह स्थिति यात्री छाजन के जर्जर होने के कारण है। यह अलग बात है कि रेल प्रशासन ने यहां से भेजे गए 1.30 करोड़ के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। निविदा की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है, मगर धनाभाव के चलते कार्य नहीं हो पा रहा है।
यहां के तीन प्लेटफार्मों के यात्री छाजन जगह-जगह टूट गए हैं और उन बड़े-बड़े छेद से बरसात में अपने आपको बचा पाना यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जबकि इस स्टेशन ने जिले व आसपास के जिलों के तकरीबन 15 हजार यात्री रोजाना महानगरों से लेकर आसपास के महत्वपूर्ण जगहों की यात्रा करते हैं।
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लंबे समय से परेशानी झेल रहे यात्रियों व यात्री सलाहकार समितियों के सदस्यों ने इस समस्या को स्टेशन पर आए उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया तो पूर्वोत्तर रेलवे के वर्क डिवीजन ने स्टेशन के तीन प्लेटफार्मों पर यात्री छाजन दुरुस्त करवाने के लिए साल भर पहले एक करोड़ तीस लाख रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा था। मुख्यालय ने स्वीकृति दे दी और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई। लेकिन, धन न जारी हो पाने के कारण यात्री छाजन नहीं दुरुस्त किए जा सके। लिहाजा यात्री बरसात में भीग कर ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हो रहे हैं।
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पूरी हो गई है प्रक्रिया, जल्द शुरू होगा काम
एनईआर के सेक्शन इंजीनियर हीरामन प्रसाद ने बताया कि यात्री छाजन की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही इसके सुधार के लिए काम चालू कर दिया जाएगा। धन की मांग की गई थी, जिसे रेल प्रबंधन ने देने की बात कही है।