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Basti News: अधिकांश ब्लिंकर खराब, रोड लाइट की धूमिल हुई चमक
Wed, 28 Jan 2026 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:45 AM IST
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नेशन हाईवे के पॉलिटेक्निक चौराहे पर खराब ब्लिंकर संवाद
बस्ती। नेशनल हाईवे 27 पर दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र (ब्लैक स्पाॅट) पर लगाए गए ब्लिंकर में से अधिकांश खराब होकर शो पीस बने हुए हैं। इससे वाहन चालकों को रात में यह पता नहीं चल पाता कि आगे ब्लैक स्पाॅट है कि नहीं। इसी प्रकार फोरलेन के चार ओवरब्रिज पर लगी रोड लाइटों में से फुटहिया पर लगी लाइटें जलती ही नहीं हैं।
स्थानीय लोगों की मानें तो यह दो वर्ष से नहीं जल रहीं हैं। हड़िया ओवरब्रिज पर लगी लाइटें भी अक्सर बुझी रहती हैं। यहां लगी कई लाईटें खराब हो चुकी हैं।
जिले में फोरलेन पर 25 ब्लैक स्पाॅट हैं। यहां सुरक्षा की दृष्टि से दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र का साइन बोर्ड लगा हुआ है। इसके साथ ही प्रत्येक ब्लैक स्पाॅट पर दो दो ब्लिंकर ( जलने-बुझने वाली लाइट) लगी हुई है। ब्लिंकर रात में वाहन चालकों को दूर से दिखाई पड़ जाती हैं। कोहरे के दौरान यह दुर्घटना से बचाने में मददगार होती हैं। इसके लगाने का मकसद वाहन चालकों को यह बताना है कि आगे दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र है। गाड़ी धीरे व सावधानीपूर्वक चलानी है, मगर इन दिनों यह ब्लिंकर लाइटें अधिकांश स्थानों पर खराब पड़ी हैं। परसा मुजहना, परसा जाफर, पाॅलीटेक्निक चौराहा, पटेल चौक, मूड़घाट, कप्तानगंज चौराहा समेत 20 स्थानों पर यह खराब पड़ी हुई हैं। ऐसे में इनके लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
इतना ही नहीं फुटहिया, बड़ेवन, चैनपुरवा और हड़िया ओवर ब्रिज पर लगाई गई रोड लाइटों में से फुटहिया व हड़ियां की लाइटें नहीं जल रहीं हैं। राहगीरों ने बताया कि फुटहिया ओवरब्रिज पर लगी लाइटें लगभग दो वर्ष से नहीं जल रहीं। हड़िया ओवरब्रिज पर भी लगी लाइटें अक्सर नहीं जलती है।
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स्थानीय लोगों की मानें तो यह दो वर्ष से नहीं जल रहीं हैं। हड़िया ओवरब्रिज पर लगी लाइटें भी अक्सर बुझी रहती हैं। यहां लगी कई लाईटें खराब हो चुकी हैं।
जिले में फोरलेन पर 25 ब्लैक स्पाॅट हैं। यहां सुरक्षा की दृष्टि से दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र का साइन बोर्ड लगा हुआ है। इसके साथ ही प्रत्येक ब्लैक स्पाॅट पर दो दो ब्लिंकर ( जलने-बुझने वाली लाइट) लगी हुई है। ब्लिंकर रात में वाहन चालकों को दूर से दिखाई पड़ जाती हैं। कोहरे के दौरान यह दुर्घटना से बचाने में मददगार होती हैं। इसके लगाने का मकसद वाहन चालकों को यह बताना है कि आगे दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र है। गाड़ी धीरे व सावधानीपूर्वक चलानी है, मगर इन दिनों यह ब्लिंकर लाइटें अधिकांश स्थानों पर खराब पड़ी हैं। परसा मुजहना, परसा जाफर, पाॅलीटेक्निक चौराहा, पटेल चौक, मूड़घाट, कप्तानगंज चौराहा समेत 20 स्थानों पर यह खराब पड़ी हुई हैं। ऐसे में इनके लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
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इतना ही नहीं फुटहिया, बड़ेवन, चैनपुरवा और हड़िया ओवर ब्रिज पर लगाई गई रोड लाइटों में से फुटहिया व हड़ियां की लाइटें नहीं जल रहीं हैं। राहगीरों ने बताया कि फुटहिया ओवरब्रिज पर लगी लाइटें लगभग दो वर्ष से नहीं जल रहीं। हड़िया ओवरब्रिज पर भी लगी लाइटें अक्सर नहीं जलती है।
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