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Basti News: सरयू की धारा की निगरानी गोंडा जल पुलिस के हवाले
Tue, 16 Jan 2024 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 16 Jan 2024 02:02 AM IST
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गोंडा जल पुलिस के हवाले सरयू की धारा की निगरानी
- एनडीआरएफ,एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात
- आईजी ने बताया कि सरयू नदी के घाटों पर भी पुलिस तैनात
- नदी पार करके कई बार अयोध्या पहुंच चुके हैं रामभक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फोरलेन पर डायवर्जन के साथ ही पुलिस की चौकसी बढ़ गई है। सड़क मार्ग के साथ ही जलमार्ग पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। सरयू नदी में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी गोंडा जल पुलिस को सौंपी गई है। जो कलवारी, दुबौलिया, छावनी थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरयू नदी क्षेत्र से होकर अनधिकृत रूप से अयोध्या जाने से रोकेगी। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में समग्र निगरानी और सुरक्षा को बढ़ाना है। आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने के लिए, अयोध्या की तरफ से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तैनात किया गया है। एसडीआरएफ टीमें नियमित बोट पेट्रोलिंग करेंगी किसी भी प्रकार के नशे पर सख्ती से रोक लगाते हुए नाविकों के लिए लाइफ जैकेट और अनिवार्य आईडी कार्ड जैसे सुरक्षा उपायों पर जोर दिया गया। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि 22 जनवरी को रोजमर्रा आने-जाने वाले किसानों के अलावा घाटों से होकर किसी को नहीं जाने दिया जाएगा। बताया कि डायवर्जन के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर है। इसमें आम नागरिकों की अपेक्षा है।
असल में 1990 की कारसेवा और 1992 में बाबरी मस्जिद से विध्वंस के दौरान बड़ी संख्या में राम भक्त सड़क मार्ग से न होकर घाटों से सरयू पार करके अयोध्या पहुंचे थे। इसके लिए जिले के घाटों से नाव के सहारे रामभक्तों ने नदी पार किया था। 22 जनवरी को भी कोई जत्था उन रास्तों को पकड़कर न जाने लगे,इसे रोकने के लिए माकूल प्रबंध किए जा रहे हैं। कलवारी से लेकर विक्रमजोत के बीच ऐसे दो दर्जन स्थान/घाट हैं जहां से लोग नाव से अयोध्या की तरफ जाते हैं। कई लोगों की वहां खेती बाड़ी है। इसके लिए पुलिस पहले से तैयारी कर रही है।
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अन्य वाहनों के डायवर्जन को लेकर मंथन जारी
- कामर्शियल वाहनों का फोरलेन से डायवर्जन करने के बाद अब अन्य वाहनों को अयोध्या की तरफ जाने से रोकने के लिए शासन से लेकर स्थानीय प्रशासन के बीच मंथन लगातार चल रहा है। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि बड़े व छोटे सवारी वाहनों के डायवर्जन का अभी कार्यक्रम तय नहीं है लेकिन जल्द ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। पहले 19 जनवरी से बड़े वाहनों को डायवर्ट करने का प्लान था लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर 14 जनवरी सुबह आठ बजे से कामर्शियल वाहनों का डायवर्जन कर दिया गया।
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- एनडीआरएफ,एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात
- आईजी ने बताया कि सरयू नदी के घाटों पर भी पुलिस तैनात
- नदी पार करके कई बार अयोध्या पहुंच चुके हैं रामभक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फोरलेन पर डायवर्जन के साथ ही पुलिस की चौकसी बढ़ गई है। सड़क मार्ग के साथ ही जलमार्ग पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। सरयू नदी में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी गोंडा जल पुलिस को सौंपी गई है। जो कलवारी, दुबौलिया, छावनी थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरयू नदी क्षेत्र से होकर अनधिकृत रूप से अयोध्या जाने से रोकेगी। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में समग्र निगरानी और सुरक्षा को बढ़ाना है। आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने के लिए, अयोध्या की तरफ से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तैनात किया गया है। एसडीआरएफ टीमें नियमित बोट पेट्रोलिंग करेंगी किसी भी प्रकार के नशे पर सख्ती से रोक लगाते हुए नाविकों के लिए लाइफ जैकेट और अनिवार्य आईडी कार्ड जैसे सुरक्षा उपायों पर जोर दिया गया। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि 22 जनवरी को रोजमर्रा आने-जाने वाले किसानों के अलावा घाटों से होकर किसी को नहीं जाने दिया जाएगा। बताया कि डायवर्जन के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर है। इसमें आम नागरिकों की अपेक्षा है।
असल में 1990 की कारसेवा और 1992 में बाबरी मस्जिद से विध्वंस के दौरान बड़ी संख्या में राम भक्त सड़क मार्ग से न होकर घाटों से सरयू पार करके अयोध्या पहुंचे थे। इसके लिए जिले के घाटों से नाव के सहारे रामभक्तों ने नदी पार किया था। 22 जनवरी को भी कोई जत्था उन रास्तों को पकड़कर न जाने लगे,इसे रोकने के लिए माकूल प्रबंध किए जा रहे हैं। कलवारी से लेकर विक्रमजोत के बीच ऐसे दो दर्जन स्थान/घाट हैं जहां से लोग नाव से अयोध्या की तरफ जाते हैं। कई लोगों की वहां खेती बाड़ी है। इसके लिए पुलिस पहले से तैयारी कर रही है।
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अन्य वाहनों के डायवर्जन को लेकर मंथन जारी
- कामर्शियल वाहनों का फोरलेन से डायवर्जन करने के बाद अब अन्य वाहनों को अयोध्या की तरफ जाने से रोकने के लिए शासन से लेकर स्थानीय प्रशासन के बीच मंथन लगातार चल रहा है। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि बड़े व छोटे सवारी वाहनों के डायवर्जन का अभी कार्यक्रम तय नहीं है लेकिन जल्द ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। पहले 19 जनवरी से बड़े वाहनों को डायवर्ट करने का प्लान था लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर 14 जनवरी सुबह आठ बजे से कामर्शियल वाहनों का डायवर्जन कर दिया गया।
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