फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Rise in patients with fungal infections and itching due to post-rain humidity.

Basti News: बारिश के बाद नमी से बढ़े फंगल संक्रमण और खुजली के मरीज

Thu, 01 Oct 2026 01:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
Rise in patients with fungal infections and itching due to post-rain humidity.
जिला महिला अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे मरीज संवाद
बस्ती। बारिश के बाद बढ़ी नमी और उमस का असर लोगों की त्वचा पर दिखने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में फंगल संक्रमण, खुजली, जलन और लाल चकत्तों की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुधवार को बारिश के बीच जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 1026 मरीज पहुंचे। इनमें 170 से अधिक मरीज त्वचा संबंधी समस्या से पीड़ित थे। सामान्य दिनों में यह संख्या 140 से 150 के आसपास रहती है।
विज्ञापन

तेज धूप और उमस के कारण पसीना और नमी शरीर पर लंबे समय तक बनी रहने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ओपीडी में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक मरीजों की लंबी कतार लग रही है। परामर्श के बाद जांच कराने और दवा लेने के लिए भी मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

मरीज पूनम ने बताया कि कुछ दिनों से पैरों और कमर में तेज खुजली हो रही थी। घरेलू उपाय करने के बाद भी राहत नहीं मिली तो अस्पताल आना पड़ा। वहीं चंदन ने बताया कि हाथ और गर्दन पर लाल चकत्ते निकलने के साथ जलन हो रही थी। चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद उपचार शुरू किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
नमी और सफाई में लापरवाही से बढ़ता है संक्रमण
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुग्रह ने बताया कि शरीर पर लगातार नमी रहने और साफ-सफाई में लापरवाही से फंगल संक्रमण तेजी से फैल सकता है। नाखून लंबे रखने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ता है। लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए और डॉक्टर की ओर से बताई गई दवा का पूरा कोर्स करना जरूरी है। वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि त्वचा रोगियों में खुजली के साथ पूरे शरीर पर लाल चकत्ते और छोटे-छोटे दाने की शिकायत मिल रही है। पुराने एग्जिमा से पीड़ित मरीज भी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों को लंबे समय तक दवा चलानी पड़ सकती है।

-------
दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता का दावा
एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि अस्पताल में दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रयास है कि मरीजों की ओपीडी में समय से जांच हो। बाल रोग और मेडिसिन वार्ड पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
-----
बचाव के उपाय

शरीर को सूखा रखें और पसीने से भीगे कपड़े तुरंत बदलें।

नाखून छोटे रखें और व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखें।

तौलिया, कपड़े या अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करें।

त्वचा पर संक्रमण के लक्षण होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह क्रीम या दवा न लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed