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Basti News: लेखपालों ने छोड़े अतिरिक्त हल्के, प्रशासन नहीं कर पाया वैकल्पिक व्यवस्था
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बस्ती। लेखपालों के अतिरिक्त हल्कों का काम छोड़ने के बाद जिले की चारों तहसीलों में राजस्व व्यवस्था प्रभावित हो गई है। बस्ती सदर, भानपुर, रुधौली और हर्रैया तहसील के 550 से अधिक गांवों में अभी तक अतिरिक्त हल्कों की जिम्मेदारी किसी दूसरे लेखपाल को नहीं सौंपी गई है। इससे ग्रामीणों को राजस्व संबंधी जरूरी कार्यों के लिए भटकना पड़ रहा है।
लेखपालों ने अतिरिक्त हल्कों की जिम्मेदारी संभालने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। जिम्मेदारी तय न होने के कारण ग्रामीण असमंजस में हैं कि अपने काम के लिए किस लेखपाल से संपर्क करें। राज, संतोष और राम कुमार समेत ग्रामीणों ने बताया कि आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए रिपोर्ट, वरासत, भूमि संबंधी मामलों की जांच और नामांतरण समेत कई कार्य लेखपाल की रिपोर्ट पर निर्भर होते हैं। अतिरिक्त हल्कों में काम प्रभावित होने से इन कार्यों में देरी हो रही है।
सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिन्हें समयबद्ध तरीके से राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्य पूरे कराने हैं। कई ग्रामीण तहसील पहुंच रहे हैं, लेकिन संबंधित हल्के की जिम्मेदारी किसी अन्य लेखपाल को नहीं दिए जाने के कारण उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है।
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बताया जा रहा है कि अतिरिक्त हल्कों में काम करने से जुड़ी मांगों को लेकर लेखपालों ने यह कदम उठाया है। लेखपाल संघ के सदर तहसील अध्यक्ष महेंद्र यादव ने कहा कि मांगें पूरी होने तक अतिरिक्त हल्कों का बहिष्कार जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिरिक्त हल्कों की जिम्मेदारी तत्काल तय की जाए, ताकि लंबित राजस्व कार्यों का निस्तारण हो सके।
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लेखपालों ने अतिरिक्त हल्कों की जिम्मेदारी संभालने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। जिम्मेदारी तय न होने के कारण ग्रामीण असमंजस में हैं कि अपने काम के लिए किस लेखपाल से संपर्क करें। राज, संतोष और राम कुमार समेत ग्रामीणों ने बताया कि आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए रिपोर्ट, वरासत, भूमि संबंधी मामलों की जांच और नामांतरण समेत कई कार्य लेखपाल की रिपोर्ट पर निर्भर होते हैं। अतिरिक्त हल्कों में काम प्रभावित होने से इन कार्यों में देरी हो रही है।
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सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिन्हें समयबद्ध तरीके से राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्य पूरे कराने हैं। कई ग्रामीण तहसील पहुंच रहे हैं, लेकिन संबंधित हल्के की जिम्मेदारी किसी अन्य लेखपाल को नहीं दिए जाने के कारण उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है।
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बताया जा रहा है कि अतिरिक्त हल्कों में काम करने से जुड़ी मांगों को लेकर लेखपालों ने यह कदम उठाया है। लेखपाल संघ के सदर तहसील अध्यक्ष महेंद्र यादव ने कहा कि मांगें पूरी होने तक अतिरिक्त हल्कों का बहिष्कार जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिरिक्त हल्कों की जिम्मेदारी तत्काल तय की जाए, ताकि लंबित राजस्व कार्यों का निस्तारण हो सके।