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मोबाइल खोलेगा श्रवण की मौत का राज
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मोबाइल खोलेगा श्रवण की मौत का राज
पुलिस ने दो मोबाइल किया है बरामद
दोस्त सहित कई लोग हिरासत में
27 दिन से लापता श्रवण का शव मिला था
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। रिश्तेदारी में गए श्रवण कुमार का 27वें दिन सड़ा-गला शव मिलने के बाद पुलिस मौत की गुत्थी सुलझाने में लगी है। इस मामले में पुलिस दोस्त सहित कई लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस श्रवण के मोबाइल के सहारे मौत की गुत्थी सुलझाने की कोशिश में है। पुलिस श्रवण के मोबाइल नंबर की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) मंगाया है। शनिवार को श्रवण का शव मिलने के बाद उसकी जेब से दो मोबाइल भी मिले थे। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और भी कई रहस्यों से परदा उठ सकता है।
कप्तानगंज थानाक्षेत्र के परसपुरा गांव का रहने वाला किशोर श्रवण कुमार अपने दोस्त के साथ बाइक से 20 जून की शाम को दुबौलिया थानाक्षेत्र के उभाई गांव रिश्तेदारी में जाने के लिए निकला था। पड़ोसी दोस्त के मुताबिक वह देर रात किसी लड़की से बात कर रहा था। तभी गांव के लोगों ने उसकी पिटाई करके गांव के उत्तर तरफ मनोरमा नदी की तरफ खदेड़ा था। दोस्त ने भागकर अपनी जान बचाई थी। जब श्रवण कुमार घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की, तो उभाई गांव के तटबंध पर श्रवण का जूता मिला। तभी से परिजन श्रवण के साथ अनहोनी की आशंका जता रहे थे। 23 जून को उसके पिता राजकुमार ने मामले की लिखित सूचना कप्तानगंज और दुबौलिया थाने पर दी थी, लेकिन दोनों थानों की पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इधर शनिवार को कप्तानगंज थानाक्षेत्र के टिकरिया गांव के मनोरमा नदी में मछुआरों ने शव देखा, जिसकी पहचान श्रवण के रूप में हुई। उसकी जेब से आधार कार्ड और पैनकार्ड भी मिला था।
कॉल डिटेल करेगी खुलासा
पड़ोसी दोस्त सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। साथ ही मोबाइल में कॉल डिटेल के सहारे श्रवण की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। रविवार को श्रवण के शव का पीएम हुआ। कप्तानगंज के प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि मामले में छानबीन चल रही हैं जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी। पीएम की रिपोर्ट एक-दो दिन में मिल जाएगी। फिलहाल पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है।
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परिवारवालों को यकीन हुई है हत्या
कप्तानगंज थानाक्षेत्र के परसपुरा गांव के रहने वाले श्रवण के परिजन घटना को पूरी तरह से हत्या मान रहे हैं। उनका कहना हैं कि बेटे की हत्या करके शव को फेंका गया था। श्रवण के पिता राजकुमार और चाचा कमलेश ने बताया कि उभाई गांव के पास मनोरमा नदी के तटबंध पर श्रवण का जूता मिलने के बाद ही उसके साथ अनहोनी की आशंका बढ़ गई थी। उसे हम लोगों ने काफी खोजा पर नहीं मिला। उसकी बरामदगी के लिए कप्तानगंज और दुबौलिया थाने का चक्कर काटते रहे पर कोई सुनवाई नहीं हुई। 28 जून को एसपी से मिलकर घटना से अवगत कराया गया उसके बाद दो जुलाई को कप्तानगंज पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। आठ जुलाई को आईजी जोन, डीआईजी, डीएम और एसपी को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया गया। उसके बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
उभाई से 10 किलोमीटर दूर है टिकरिया
उभाई में 20 जून को श्रवण कुमार को ग्रामीणों ने खदेड़ा था। चर्चा है कि वह मनोरमा नदी में कूद गया था, लेकिन वह 10 किलोमीटर नदी के बहाव में चला गया। यह बात किसी के गले से नहीं उतर रही हैं। उभाई के बाद पेंदाघाट और पंडुल घाट का पुल पड़ता है। मनोरमा नदी में काफी झाड़ियां भी हैं। कई जगहों पर नदी में जलकुंभी भी है। श्रवण के चाचा कमलेश ने बताया कि यदि वह नदी में कूदा होता तो जलकुंभी के कारण 10 किमी दूर बहकर नहीं गया होता।
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पुलिस ने दो मोबाइल किया है बरामद
दोस्त सहित कई लोग हिरासत में
27 दिन से लापता श्रवण का शव मिला था
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। रिश्तेदारी में गए श्रवण कुमार का 27वें दिन सड़ा-गला शव मिलने के बाद पुलिस मौत की गुत्थी सुलझाने में लगी है। इस मामले में पुलिस दोस्त सहित कई लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस श्रवण के मोबाइल के सहारे मौत की गुत्थी सुलझाने की कोशिश में है। पुलिस श्रवण के मोबाइल नंबर की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) मंगाया है। शनिवार को श्रवण का शव मिलने के बाद उसकी जेब से दो मोबाइल भी मिले थे। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और भी कई रहस्यों से परदा उठ सकता है।
कप्तानगंज थानाक्षेत्र के परसपुरा गांव का रहने वाला किशोर श्रवण कुमार अपने दोस्त के साथ बाइक से 20 जून की शाम को दुबौलिया थानाक्षेत्र के उभाई गांव रिश्तेदारी में जाने के लिए निकला था। पड़ोसी दोस्त के मुताबिक वह देर रात किसी लड़की से बात कर रहा था। तभी गांव के लोगों ने उसकी पिटाई करके गांव के उत्तर तरफ मनोरमा नदी की तरफ खदेड़ा था। दोस्त ने भागकर अपनी जान बचाई थी। जब श्रवण कुमार घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की, तो उभाई गांव के तटबंध पर श्रवण का जूता मिला। तभी से परिजन श्रवण के साथ अनहोनी की आशंका जता रहे थे। 23 जून को उसके पिता राजकुमार ने मामले की लिखित सूचना कप्तानगंज और दुबौलिया थाने पर दी थी, लेकिन दोनों थानों की पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इधर शनिवार को कप्तानगंज थानाक्षेत्र के टिकरिया गांव के मनोरमा नदी में मछुआरों ने शव देखा, जिसकी पहचान श्रवण के रूप में हुई। उसकी जेब से आधार कार्ड और पैनकार्ड भी मिला था।
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कॉल डिटेल करेगी खुलासा
पड़ोसी दोस्त सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। साथ ही मोबाइल में कॉल डिटेल के सहारे श्रवण की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। रविवार को श्रवण के शव का पीएम हुआ। कप्तानगंज के प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि मामले में छानबीन चल रही हैं जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी। पीएम की रिपोर्ट एक-दो दिन में मिल जाएगी। फिलहाल पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है।
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परिवारवालों को यकीन हुई है हत्या
कप्तानगंज थानाक्षेत्र के परसपुरा गांव के रहने वाले श्रवण के परिजन घटना को पूरी तरह से हत्या मान रहे हैं। उनका कहना हैं कि बेटे की हत्या करके शव को फेंका गया था। श्रवण के पिता राजकुमार और चाचा कमलेश ने बताया कि उभाई गांव के पास मनोरमा नदी के तटबंध पर श्रवण का जूता मिलने के बाद ही उसके साथ अनहोनी की आशंका बढ़ गई थी। उसे हम लोगों ने काफी खोजा पर नहीं मिला। उसकी बरामदगी के लिए कप्तानगंज और दुबौलिया थाने का चक्कर काटते रहे पर कोई सुनवाई नहीं हुई। 28 जून को एसपी से मिलकर घटना से अवगत कराया गया उसके बाद दो जुलाई को कप्तानगंज पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। आठ जुलाई को आईजी जोन, डीआईजी, डीएम और एसपी को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया गया। उसके बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
उभाई से 10 किलोमीटर दूर है टिकरिया
उभाई में 20 जून को श्रवण कुमार को ग्रामीणों ने खदेड़ा था। चर्चा है कि वह मनोरमा नदी में कूद गया था, लेकिन वह 10 किलोमीटर नदी के बहाव में चला गया। यह बात किसी के गले से नहीं उतर रही हैं। उभाई के बाद पेंदाघाट और पंडुल घाट का पुल पड़ता है। मनोरमा नदी में काफी झाड़ियां भी हैं। कई जगहों पर नदी में जलकुंभी भी है। श्रवण के चाचा कमलेश ने बताया कि यदि वह नदी में कूदा होता तो जलकुंभी के कारण 10 किमी दूर बहकर नहीं गया होता।