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सीएचसी हर्रैया: लो वोल्टेज करंट, इलाज में बना बाधा
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सीएचसी हर्रैया में दो साल से बिजली आपूर्ति बदहाल
बस्ती। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया पर निर्धारित से कम वोल्टेज की आपूर्ति से चिकित्सा सुविधाएं बदहाल हैं। डीएम प्रियंका निरंजन ने अगस्त में बिजली व्यवस्था ठीक करने का निर्देश बिजली अधिशासी अभियंता हर्रैया को दिया था। बावजूद इसके इस समस्या में अबतक कोई सुधार नहीं हो सका।
सीएचसी की ज्यादातर मशीनें पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से काम नहीं कर पा रही हैं। इससे ऑपरेशन और वैक्सीन की कोल्ड चेन बनाए रखने में परेशानी आ रही है। हर्रैया में करीब 24 साल से संचालित इस सीएचसी पर प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीजों की ओपीडी होती है। सीजेरियन प्रसव कराने की व्यवस्था भी जिले में सिर्फ इसी सीएचसी पर है। प्रतिदिन तीन से चार प्रसव कराए जा रहे हैं। 30 बेड के इस अस्पताल में एक्स-रे, पैथालॉजी, ऑपरेशन आदि की सुविधाएं मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। लेकिन, उनसे संबंधित मशीनें लो- वोल्टेज के कारण नहीं चल पा रही हैं।
यह समस्या नई नहीं, दो साल से बनी हुई है। मशीनों को चलाने के लिए 220 वोल्टेज चाहिए लेकिन, अस्पताल को मुश्किल से 150-160 वोल्टेज करंट ही मिल पा रही है। सीएचसी अधीक्षक बृजेश शुक्ला ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं के अलावा टीकों की कोल्ड चेन बरकरार रखने में कठिनाई आ रही है। विद्युत वितरण खंड हर्रैया अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर कई बार वोल्टेज व्यवस्था में सुधार का अनुरोध किया गया। लेकिन, समस्या यथावत बनी हुई है।
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बस्ती। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया पर निर्धारित से कम वोल्टेज की आपूर्ति से चिकित्सा सुविधाएं बदहाल हैं। डीएम प्रियंका निरंजन ने अगस्त में बिजली व्यवस्था ठीक करने का निर्देश बिजली अधिशासी अभियंता हर्रैया को दिया था। बावजूद इसके इस समस्या में अबतक कोई सुधार नहीं हो सका।
सीएचसी की ज्यादातर मशीनें पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से काम नहीं कर पा रही हैं। इससे ऑपरेशन और वैक्सीन की कोल्ड चेन बनाए रखने में परेशानी आ रही है। हर्रैया में करीब 24 साल से संचालित इस सीएचसी पर प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीजों की ओपीडी होती है। सीजेरियन प्रसव कराने की व्यवस्था भी जिले में सिर्फ इसी सीएचसी पर है। प्रतिदिन तीन से चार प्रसव कराए जा रहे हैं। 30 बेड के इस अस्पताल में एक्स-रे, पैथालॉजी, ऑपरेशन आदि की सुविधाएं मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। लेकिन, उनसे संबंधित मशीनें लो- वोल्टेज के कारण नहीं चल पा रही हैं।
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यह समस्या नई नहीं, दो साल से बनी हुई है। मशीनों को चलाने के लिए 220 वोल्टेज चाहिए लेकिन, अस्पताल को मुश्किल से 150-160 वोल्टेज करंट ही मिल पा रही है। सीएचसी अधीक्षक बृजेश शुक्ला ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं के अलावा टीकों की कोल्ड चेन बरकरार रखने में कठिनाई आ रही है। विद्युत वितरण खंड हर्रैया अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर कई बार वोल्टेज व्यवस्था में सुधार का अनुरोध किया गया। लेकिन, समस्या यथावत बनी हुई है।
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